
RRB Group D Exam : रेलवे ग्रुप डी भर्ती परीक्षा में नकल गिरोह ने क्यों चुनी जैंगि ऐप, नोट कराए 100 प्रश्न
देहरादून में आरआरबी ग्रुप डी परीक्षा में नकल कर रहे आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। नकल गिरोह ने परीक्षार्थी के फोन में एक प्राइवेट मैसेंजर एप डाउनलोड कराई थी और 100 प्रश्न बताए थे।
रेलवे में ग्रुप डी पदों पर भर्ती की ऑनलाइन परीक्षा में दून में पकड़े गए नकल गिरोह के बारे में कुछ खुलासे हुए हैं। पता चला है कि नकल करते पकड़े गए परीक्षार्थी के फोन में नकल गैंग ने एक प्राइवेट मैसेंजर एप डाउनलोड कराई। इस ऐप के जरिए नकल गिरोह के सदस्यों ने उक्त अभ्यर्थी को 100 प्रश्न बताते हुए इनके वैकल्पिक उत्तरों में एक-एक विकल्प नोट कराया। पकड़े गए अभ्यर्थी से पूछताछ में इस मामले में हरियाणा के नकल गैंग के होने का पता लगा है। पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
देशभर में रेलवे में भर्ती के लिए इन दिनों ऑनलाइन परीक्षा चल रही है। दून में सहारनपुर रोड, चमन विहार स्थित ग्रेटर सॉल्यूटर (आई कैट सॉल्यूशन) भी इसका परीक्षा केंद्र है। यहां मंगलवार को परीक्षा के दौरान एक परीक्षार्थी को ऑनलाइन सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध हरकत करते देखा गया। इस पर आयोजन स्थल के कमांडिंग ऑफिसर यशवीर सिंह को सूचना दी गई। वह परीक्षार्थी विवेक (उम्र 22 वर्ष) पुत्र साधुराम निवासी अचीना चरखी दादरी, हरियाणा के पास पहुंचे। इस दौरान आरोपी के पास से एक नकल पर्ची बरामद हुई। पर्ची पर 100 प्रश्न लिखे हुए थे। इनके अलग-अलग जवाब दर्ज थे। यशवीर सिंह ने नकल पर्ची बरामद होने पर रेलवे भर्ती बोर्ड और पटेलनगर कोतवाली पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची।
100 प्रश्न बताते हुए उत्तर लिखे
एसएसपी अजय सिंह के मुताबिक पूछताछ में पता लगा कि आरोपी के दूर के रिश्तेदार नीरज शर्मा ने परीक्षा से पहले संपर्क किया। उसने चार लाख रुपये लेकर परीक्षा में पास कराने की डील की। उसके कहने पर आरोपी परीक्षा केंद्र पर पहुंचा। यहां परीक्षा आयोजित होने से पहले केंद्र के बाहर तीन लोग मिले। तीनों ने विवेक को परीक्षा में आने वाले 100 प्रश्न बताते हुए उनके विकल्प के हिसाब से उत्तर लिखकर दिए।
पर्ची से नकल करते वक्त पकड़ा
आरोपी इस पर्ची से नकल करते वक्त पकड़ लिया गया। एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि आरोपी विवेक को मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं आरोपी से पूछताछ में परीक्षा में पास कराने की सेटिंग कराने वाले नीरज शर्मा और केंद्र पर मिले तीनों अज्ञात आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है।
नकल गिरोह ने जैंगि ऐप को क्यों चुना
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि जैंगि ऐप का उपयोग प्राइवेट चैट करने के लिए किया जाता है। इससे पहचान मुश्किल होती है। इसमें उपयोग करने वाले का मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी या पहचान दर्ज नहीं होती है। न ही चैट किसी सर्वर पर रिकार्ड होती है। केवल उपयोगकर्ता की एप पर बनाई आईडी के जरिए संपर्क किया जा सकता है। इसलिए आरोपी इसका उपयोग कर रहे थे।
पेपर में नकल पर्ची से कितने प्रश्न आए, मुंबई से लगेगा पता
सीओ सदर अंकित कंडारी ने बताया कि परीक्षा ऑनलाइन कंप्यूटर पर चल रही थी। परीक्षा में आरोपी ने कितने प्रश्नों के उत्तर पकड़े जाने से पहले दिए और उससे मिली नकल पर्ची से कितने प्रश्न आए इसका पता नहीं लग पाया है। केंद्र व्यवस्थापकों से पुलिस ने पूछताछ की। इस दौरान बताया गया कि परीक्षा के प्रश्न ऑनलाइन मुंबई से तय होते हैं।
4 लाख में डील
रेलवे की ग्रुप डी भर्ती परीक्षा में नकल करते पकड़े गए अभ्यर्थी से पूछताछ में पता चला कि मैसेंजर ऐप से परीक्षा पास कराने की डील करने वाले नीरज शर्मा ने आरोपी को 100 प्रश्न बताते हुए इनके एक-एक वैकल्पिक उत्तर नोट कराए। सीओ सदर अंकित कंडारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी विवेक से पूछताछ में पता लगा कि परीक्षा में आवेदन के बाद उससे दूर के रिश्तेदार नीरज शर्मा ने संपर्क किया। उसने बताया कि चार लाख रुपये खर्च करने पर उसे परीक्षा में पास कराया जा सकता है। विवेक की मंगलवार को परीक्षा थी। इससे पहले नीरज ने संपर्क किया। उसने बताया कि परीक्षा केंद्र के बाहर उसे तीन लोग मिलेंगे। तीनों का पहनावा और पहचान बताई। विवेक अपने जीजा के साथ मंगलवार को हुई परीक्षा से कई घंटे पहले पहुंच गया। इस दौरान नीरज के बताए अनुसार विवेक को परीक्षा केंद्र के पास तीन व्यक्ति मिले। इनसे संपर्क करने पर तीनों ने विवेक के फोन में जैंगि नाम मैसेंजर ऐप डाउनलोड कराया। इस पर एक यूजर आईडी बनाई गई। आईडी बनते ही नीरज सिंह ने अपनी बनाई आईडी से विवेक के फोन में 100 प्रश्नों में अधिकांश आने की बात कहते हुए उनके उत्तर बताए। विवेक ने इन्हें एक पर्ची पर नोट किया। पर्ची को जैकेट की आस्तीन में छिपाकर अंदर ले गया।





