RRB Exam: रेलवे खुद कराएगा अपनी भर्ती परीक्षा, पेपर लीक रोकने Railnet से भेजेंगे प्रश्नपत्र; रेल मंत्री का ऐलान
RRB Railway Recruitment Exam: नीट पेपर लीक विवाद के बाद रेलवे अपनी परीक्षाओं को सुरक्षित बनाने के लिए खुद का सॉफ्टवेयर और सर्वर तैयार करेगा। अब बाहरी एजेंसियों पर निर्भरता खत्म होगी और धांधली-मुक्त परीक्षाएं कराई जाएंगी।

RRB Recruitment Exams : मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी (NEET UG) में पेपर लीक और देश भर में मचे बवाल से सबक लेते हुए भारतीय रेलवे ने एक बेहद बड़ा फैसला लिया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने निर्णय लिया है कि भविष्य में होने वाली सभी रेलवे भर्ती परीक्षाओं के आयोजन के लिए अब आउटसोर्सिंग यानी बाहरी कमर्शियल एजेंसियों पर निर्भरता को पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा। रेलवे अब अपना खुद का एक स्वतंत्र और सुरक्षित परीक्षा तंत्र स्थापित करने जा रहा है, ताकि आने वाले समय में करोड़ों छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहे और परीक्षा की पूरी प्रक्रिया सौ प्रतिशत सुरक्षित और पारदर्शी हो सके।
चलेगा अपना इंटरनेट: रेलनेट और ओएफसी नेटवर्क से सुरक्षित होंगे प्रश्नपत्र
भारतीय रेलवे दुनिया की सबसे बड़ी भर्ती परीक्षाओं का आयोजन कराने के लिए जाना जाता है, जिसमें ग्रुप-डी, एनटीपीसी और तकनीकी पदों के लिए करोड़ों की संख्या में छात्र आवेदन करते हैं। वर्तमान में इन परीक्षाओं को कराने के लिए प्राइवेट टेक कंपनियों के सॉफ्टवेयर और क्लाउड सर्वर की मदद ली जाती है, जिसमें रिमोट एक्सेस या सिस्टम हैक होने का खतरा बना रहता है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की नई और सबसे बड़ी योजना यह है कि परीक्षाओं के प्रश्नपत्र किसी भी कमर्शियल इंटरनेट, गूगल क्लाउड या प्राइवेट सर्वर पर अपलोड ही नहीं किए जाएंगे। इसके विकल्प के रूप में रेलवे अपने खुद के विशेष तकनीकी नेटवर्क का इस्तेमाल करेगा।
रेलनेट (RailNet): यह रेलवे का अपना निजी और आंतरिक इंटरनेट सिस्टम है, जो बाहरी दुनिया और आम इंटरनेट से पूरी तरह कटा रहता है।
ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC) नेटवर्क: भारतीय रेलवे के पास पूरे देश में पटरियों के नीचे बिछा हुआ अपना विशाल और स्वतंत्र ओएफसी नेटवर्क है। इसी सुरक्षित केबल नेटवर्क के जरिए प्रश्नपत्रों को सीधे परीक्षा केंद्रों के कंप्यूटरों तक इनक्रिप्टेड फॉर्म में भेजा जाएगा, जिससे इंटरनेट के माध्यम से होने वाली हैकिंग या डिजिटल लीक की आशंका पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
बनेगी स्वतंत्र परीक्षा विंग; प्राइवेट परीक्षा केंद्रों का खेल होगा खत्म
रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस पूरे सिस्टम को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए विभाग के भीतर ही एक पूरी तरह से स्वायत्त परीक्षा संचालन विंग का गठन किया जा रहा है। यह विंग केवल रेलवे के खाली पदों को भरने के लिए विशेषज्ञता के साथ काम करेगी।
इसके साथ ही, परीक्षा केंद्रों को लेकर भी कड़े सुरक्षा मानक तय किए जा रहे हैं। अब तक परीक्षाओं के लिए जिन प्राइवेट सेंटर्स या कॉलेजों को किराए पर लिया जाता था, उनकी जगह रेलवे अपने नियंत्रण वाले केंद्रों या बेहद कड़े सुरक्षा मापदंडों को पूरा करने वाले सरकारी संस्थानों को ही प्राथमिकता देगा। इन केंद्रों पर जैमर, सीसीटीवी कैमरे और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन की कड़ी व्यवस्था होगी, ताकि कोई भी फर्जी उम्मीदवार परीक्षा में न बैठ सके। रेलवे का यह आधुनिक और स्वदेशी कदम देश के उन लाखों छात्रों के लिए एक बड़ी राहत है, जो दिन-रात मेहनत करके सरकारी नौकरी की तैयारी करते हैं।


