Rajasthan SI Exam 2021 Cancelled: पेपर लीक विवाद के बाद RPSC का बड़ा एक्शन, सितंबर में फिर होगी परीक्षा; किन्हें मिलेगा
rpsc si recruitment 2021 cancelled : राजस्थान SI भर्ती परीक्षा 2021 को RPSC ने रद्द कर दिया है। अब सितंबर 2026 में दोबारा परीक्षा होगी। जानिए कौन दे सकेगा एग्जाम, फॉर्म करेक्शन की तारीख और पूरा मामला।

rpsc si recruitment 2021 cancelled : राजस्थान में सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा 2021 को लेकर चल रहा लंबा विवाद अब एक बड़े फैसले तक पहुंच गया है। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने राज्य सरकार की सिफारिश और प्रशासनिक समीक्षा के बाद SI भर्ती परीक्षा 2021 को आधिकारिक तौर पर रद्द कर दिया है। यह वही परीक्षा थी जिस पर पिछले कई सालों से पेपर लीक, डमी कैंडिडेट और गड़बड़ियों के गंभीर आरोप लग रहे थे। भर्ती प्रक्रिया पर लगातार सवाल उठ रहे थे और हजारों अभ्यर्थी निष्पक्ष परीक्षा की मांग कर रहे थे। अब आयोग ने पूरी परीक्षा को निरस्त करके दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया है।
सितंबर 2026 में फिर होगी परीक्षा
RPSC ने साफ कर दिया है कि अब SI भर्ती की नई परीक्षा सितंबर 2026 में आयोजित की जाएगी। हालांकि यह पूरी तरह नई भर्ती प्रक्रिया नहीं होगी। सबसे अहम बात यह है कि केवल वही अभ्यर्थी दोबारा परीक्षा दे सकेंगे जिन्होंने SI भर्ती परीक्षा 2021 में हिस्सा लिया था। आयोग के मुताबिक कुल 3,83,097 उम्मीदवारों को री-एग्जाम में शामिल होने की अनुमति मिलेगी।
किन उम्मीदवारों को मिलेगा मौका
आयोग ने पात्रता को लेकर भी साफ नियम तय किए हैं। केवल वही उम्मीदवार इस परीक्षा में बैठ सकेंगे जिन्होंने 13 सितंबर से 15 सितंबर 2021 के बीच आयोजित दोनों पेपर यानी Paper-I और Paper-II दिए थे। ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने आवेदन तो किया था लेकिन परीक्षा में शामिल नहीं हुए, या सिर्फ एक पेपर दिया था, उन्हें दोबारा परीक्षा का मौका नहीं मिलेगा।
16 मई से खुलेगी फॉर्म करेक्शन विंडो
करीब पांच साल बाद दोबारा परीक्षा होने जा रही है, इसलिए RPSC ने उम्मीदवारों को आवेदन विवरण अपडेट करने का मौका भी दिया है। 16 मई से आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर फॉर्म करेक्शन प्रक्रिया शुरू होगी। इस दौरान अभ्यर्थी अपनी कई जानकारियां सुधार सकेंगे।
किन चीजों में कर सकेंगे बदलाव
उम्मीदवार निम्न जानकारियों में सुधार कर पाएंगे -
- व्यक्तिगत जानकारी
- पता और एड्रेस डिटेल
- दस्तावेजों से जुड़ी गलतियां
अधिकारियों ने कहा है कि तय समय सीमा के भीतर सुधार जरूर कर लें ताकि एडमिट कार्ड या चयन प्रक्रिया में आगे कोई दिक्कत न हो।
पेपर लीक और डमी कैंडिडेट बना बड़ा मुद्दा
SI भर्ती परीक्षा 2021 शुरू से ही विवादों में रही थी। परीक्षा में पेपर लीक होने और दूसरे लोगों को बैठाकर परीक्षा दिलाने जैसे आरोप सामने आए थे। मामले की जांच के दौरान कई गिरफ्तारियां भी हुईं और पुलिस जांच लगातार चलती रही। इस भर्ती को लेकर प्रदेशभर में अभ्यर्थियों ने विरोध प्रदर्शन भी किए थे और परीक्षा रद्द करने की मांग तेज हो गई थी।
लाखों अभ्यर्थियों को मिला राहत का मौका
अब परीक्षा रद्द होने और दोबारा एग्जाम की घोषणा के बाद बड़ी संख्या में उम्मीदवार राहत महसूस कर रहे हैं। कई अभ्यर्थियों का मानना है कि यह फैसला भर्ती प्रक्रिया में भरोसा वापस लाने की दिशा में बड़ा कदम है। सितंबर 2026 की परीक्षा अब उन उम्मीदवारों के लिए नई उम्मीद लेकर आई है जो लंबे समय से निष्पक्ष चयन प्रक्रिया का इंतजार कर रहे थे।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
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शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
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- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
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- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव


