RPSC ने बदल दी RAS समेत कई परीक्षाओं की तारीख, अब 6 दिसंबर को होगी प्री परीक्षा
राजस्थान लोक सेवा आयोग ने प्रशासनिक कारणों से आरएएस प्रीलिम्स, प्राध्यापक और एपीओ भर्ती परीक्षाओं की तारीखों में बड़ा बदलाव किया है।

राजस्थान में सरकारी नौकरी, खासकर अफसर बनने का सपना देखने वाले युवाओं के लिए एक बेहद अहम खबर सामने आई है। वो नौजवान जो दिन-रात एक करके किताबों में सिर खपाए बैठे हैं, उनके लिए राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने एक बड़ा अपडेट जारी किया है। दरअसल आयोग ने कुछ प्रशासनिक वजहों का हवाला देते हुए अपने 2026 के परीक्षा कैलेंडर में बड़ा फेरबदल कर दिया है। अगर आप भी राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त प्रतियोगी (RAS) परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो अपनी पढ़ाई की रणनीति में थोड़ा बदलाव करने का वक्त आ गया है। सबसे बड़ा बदलाव इसी परीक्षा की तारीख में हुआ है। आइए एक नजर डालते हैं कि कौन सा इम्तिहान अब किस दिन होगा और इसका आपकी तैयारी पर क्या असर पड़ने वाला है।
RAS प्रीलिम्स अब दिसंबर में
सबसे पहले बात करते हैं उस परीक्षा की जिसका राजस्थान के लाखों युवाओं को बेसब्री से इंतजार रहता है वह है RAS प्रारंभिक परीक्षा 2026। पहले RPSC ने तय किया था कि यह परीक्षा 29 नवंबर 2026 को ली जाएगी। छात्र इसी हिसाब से अपने रिवीजन का शेड्यूल बना रहे थे। लेकिन अब आयोग ने साफ कर दिया है कि यह परीक्षा 29 नवंबर को न होकर 6 दिसंबर 2026 को आयोजित की जाएगी। देखा जाए तो उम्मीदवारों को अपनी तैयारी धारदार बनाने के लिए एक हफ्ते का अतिरिक्त समय मिल गया है। प्रतियोगी परीक्षाओं की दुनिया में एक-एक दिन कीमती होता है, ऐसे में यह अतिरिक्त वक्त कई छात्रों के लिए किसी बड़ी राहत से कम नहीं होगा।
RAS मुख्य परीक्षा का भी खाका तैयार
आयोग ने सिर्फ प्रारंभिक परीक्षा ही नहीं, बल्कि मुख्य परीक्षा को लेकर भी स्थिति साफ कर दी है। जो उम्मीदवार प्रीलिम्स में बाजी मारेंगे, उन्हें मुख्य परीक्षा के लिए कमर कसनी होगी। अगर सब कुछ तय कार्यक्रम के मुताबिक चलता रहा, तो RAS मुख्य परीक्षा अगले साल 1 और 2 मई 2027 को आयोजित की जाएगी। यानी आपके पास प्रीलिम्स के बाद मेन्स की तैयारी के लिए करीब पांच महीने का शानदार वक्त होगा। दो दिन तक चलने वाले इस इम्तिहान का पूरा टाइम टेबल और सब्जेक्ट के हिसाब से शेड्यूल आयोग बाद में अलग से जारी करेगा।
टीचर और APO भर्ती परीक्षा की तारीखों में भी बदलाव
RAS के अलावा भी दो और अहम परीक्षाओं की तारीखें बदली गई हैं। अगर आपने प्राध्यापक (विशेष शिक्षा - माध्यमिक शिक्षा विभाग) प्रतियोगी परीक्षा-2026 के लिए फॉर्म भरा है, तो आपके लिए भी नया अपडेट है। पहले यह परीक्षा 6 दिसंबर 2026 को होनी थी। चूंकि अब उस दिन RAS प्रीलिम्स होने जा रहा है, इसलिए इसे खिसकाकर 8 दिसंबर 2026 कर दिया गया है।
वहीं, कानूनी महकमे में अपना करियर बनाने की चाह रखने वालों के लिए सहायक अभियोजन अधिकारी (APO) मुख्य परीक्षा-2026 की संभावित तारीख भी सामने आ गई है। यह अहम परीक्षा साल के आखिर में यानी 27 दिसंबर 2026 को ली जाएगी। इसका भी डिटेल्ड प्रोग्राम बाद में आएगा।
आखिर क्यों हुआ यह बदलाव?
अक्सर छात्रों के मन में सवाल उठता है कि ऐन मौके पर तारीखें क्यों बदल दी जाती हैं। RPSC ने इसके पीछे 'प्रशासनिक कारणों' का हवाला दिया है। कई बार परीक्षा केंद्रों की उपलब्धता, सुरक्षा इंतजामों और अन्य बड़ी परीक्षाओं की तारीखों के टकराव को टालने के लिए ऐसे फैसले लेने पड़ते हैं। मकसद यही होता है कि इम्तिहान बिना किसी रुकावट और पूरी पारदर्शिता के साथ आसानी से हो सके।
छात्रों के लिए जरूरी सलाह
अब सवाल है कि इस वक्त अभ्यर्थियों को क्या करना चाहिए? घबराने या परेशान होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। फिलहाल आयोग ने सिर्फ संशोधित संभावित तारीखें बताई हैं। हर परीक्षा का पूरा विस्तृत कार्यक्रम, कौन सी शिफ्ट में पेपर होगा, एडमिट कार्ड कब आएंगे और एग्जाम सेंटर के नियम क्या होंगे, ये तमाम जानकारियां वक्त आने पर RPSC की ऑफिशियल वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएंगी।
ऐसे में अब आपकी प्राथमिकता बस ये होनी चाहिए कि नए कैलेंडर के हिसाब से अपना स्टडी प्लान दोबारा सेट करें। जो एक हफ्ते का एक्स्ट्रा टाइम मिला है, उसमें ज्यादा से ज्यादा मॉक टेस्ट दें और रिवीजन पर फोकस करें। साथ ही, किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान देने के बजाय समय-समय पर राजस्थान लोक सेवा आयोग की आधिकारिक वेबसाइट चेक करते रहें ताकि कोई भी जरूरी अपडेट आपसे छूट न जाए।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
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- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
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- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव


