Hindi Newsकरियर न्यूज़RPSC 2nd Grade Exam: Rumors of RPSC Paper Leak Spread by Wearing a Full Sleeve Shirt
RPSC 2nd Grade Exam : पूरी बाजू की शर्ट पहनकर घुसने से रोका तो फैला दी आरपीएससी पेपर लीक की अफवाह

RPSC 2nd Grade Exam : पूरी बाजू की शर्ट पहनकर घुसने से रोका तो फैला दी आरपीएससी पेपर लीक की अफवाह

संक्षेप:

जोधपुर के परीक्षा केंद्र में प्रश्न पत्र की सील खुली होने के मामले में आरपीएससी अध्यक्ष यूआर साहू ने अजमेर में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने बताया कि जिन अभ्यर्थी ने यह अफवाह फैला, उसे पूरी आस्तीन की शर्ट पहनने के कारण ड्रेस कोड नियमों के तहत रोका गया था।

Tue, 9 Sep 2025 11:38 AMPankaj Vijay लाइव हिन्दुस्तान
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राजस्थान लोक सेवा आयोग अध्यक्ष यूआर साहू ने परीक्षा आयोजन तथा प्रश्न-पत्रों की सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में अहम जानकारियां दी। वर्तमान व्यवस्थाओं को पुख्ता बताते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रश्न-पत्र खुला मिलने जैसी अफवाहें फैलाने वाले अपने निहित स्वार्थों के कारण ऐसा करते हैं। इस दौरान आयोग के अधिकारियों ने प्रश्न-पत्रों को सुरक्षित परीक्षा केंद्र पहुंचाने वाले मेटल बॉक्स और 7 लेयर सुरक्षा प्रणाली का प्रदर्शन भी किया।

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ड्रेस कोड की पालना को टोका तो अभ्यर्थी ने फैलाई अफवाह-

आयोग अध्यक्ष ने बताया कि वरिष्ठ अध्यापक परीक्षा के दौरान जोधपुर में दिनांक 7 सितंबर 2025 को एक अभ्यर्थी ने प्रश्न-पत्र का पैकेट खुला होने की अफवाह परीक्षा कक्ष में फैलाई थी। इस संबंध में परीक्षा समन्वयक एवं अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट जोधपुर से तथ्यात्मक रिपोर्ट प्राप्त हुई। इसमें यह सामने आया कि अफवाह फैलाने वाला अभ्यर्थी तहसील-गुढ़ामलानी जिला बाडमेर का निवासी है। इस अभ्यर्थी को पूरी आस्तीन की शर्ट पहनने के कारण ड्रेस कोड नियमों के तहत रोका गया था। इसी बात से नाराज होकर उसने यह झूठा प्रचार किया था। जबकि वास्तविकता यह थी कि प्रश्न-पत्र का पैकेट स्वयं शिकायतकर्ता अभ्यर्थी सहित दो अन्य परीक्षार्थियों के सामने हस्ताक्षर करवाने के बाद ही खोला गया था।

अफवाह फैलाने वाले इस अभ्यर्थी को आयोग द्वारा व्यक्तिगत सुनवाई हेतु उपस्थित होने का नोटिस जारी किया गया है। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि अभ्यर्थी द्वारा किस उद्देश्य से इस प्रकार की अफवाह को फैलाया गया था।

वर्ष 2023 से सात लेयर सुरक्षा उपायों के साथ मेटल बॉक्स में भेजे जाते है प्रश्न-पत्र—

परीक्षाओं में प्रश्न-पत्रों को 7 स्तरीय सुरक्षा उपायों के साथ लेमिनेटेड मेटल बॉक्स में परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया जाता है।

एकल प्रश्न-पत्र मय उत्तर-पत्रक (ओएमआर शीट) को पहले एक पारदर्शी प्लास्टिक पॉलीपैक में सील किया जाता है।

इसके बाद ऐसे पैक्ड 24 प्रश्न-पत्रों के सेट को एक पूर्णतयः अपारदर्शी (नॉन ट्रांसपेरेंट) पॉलीपैक में दुबारा पैक किया जाता है।

24 प्रश्न-पत्रों के इस प्रकार के नॉन ट्रांसपेरेंट पॉलीपेक सेट को मेटल बॉक्स में रखकर बक्से पर एक से अधिक नम्बर लॉक लगाए जाते हैं।

इन नम्बर लॉक्स को भी इंटैक्ट गम पेपर से सील-चपड़ी लगाकर सुरक्षित किया जाता है।

मेटल बॉक्स पर एक विशेष सिक्योरिटी स्ट्रिप सील लगाई जाती है।

अंत में पूरे मेटल बॉक्स को मोटी प्लास्टिक शीट से लेमिनेट किया जाता है।

परीक्षा से प्रारंभ होने से पहले मिलता है नम्बर लॉक कोड

परीक्षा केंद्र के केन्द्राधीक्षक को परीक्षा शुरू होने से कुछ ही मिनट पहले उनके कीपैड मोबाइल पर एसएमएस के जरिए नम्बर लॉक खोलने का कोड भेजा जाता है। बॉक्स खोलने की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जाती है और यह सुनिश्चित किया जाता है कि उस स्थान पर कोई भी संचार या इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मौजूद न हो।

दो परीक्षार्थी सहित 9 व्यक्ति करते हैं इस वीडियोग्राफी व सुरक्षा की पुष्टि

परीक्षा केन्द्राधीक्षक के कक्ष में परीक्षा प्रारंभ होने से तुरंत पूर्व बॉक्स खोलते समय दो परीक्षार्थियों सहित केंद्राधीक्षक, सहायक केंद्राधीक्षक, दो पर्यवेक्षक, दो राजकीय अभिजागर और वीडियोग्राफर इस प्रकार कुल 9 व्यक्ति मौजूद रहते हैं। यह सभी इस बात की पुष्टि करते हैं कि प्रश्न-पत्र पूरी तरह से सुरक्षित और सही ढंग से पैक होकर प्राप्त हुए हैं, जिसके बाद ही उनका वितरण किया जाता है।

निर्धारित प्रपत्र में दर्ज किया जाता है चरणबद्ध कार्यवाही विवरण

इसके साथ ही इस समस्त प्रक्रिया का चरणबद्ध कार्यवाही विवरण निर्धारित प्रपत्र में दर्ज किया जाता है। इसी दौरान यदि किसी भी प्रकार की कोई विसंगति पाई जाती है तो वीडियोग्राफी एवं कार्यवाही विवरण में अंकित करते हुए संबंधित जिले द्वारा आयोग को परीक्षा प्रारंभ होने से पूर्व ही सूचित किया जाता है। इस प्रकार वर्ष 2023 से आयोग की व्यवस्था एवं प्रक्रिया इतनी पुख्ता है कि प्रश्न-पत्र के प्रकटीकरण की संभावना नगण्य है, क्योंकि ऐसी किसी भी स्थिति में रिवर्स आडिट करते हुए चूक करने वाले की तुरंत पहचान की जा सकती है और उसके विरूद्ध अत्यंत कड़े परीक्षा कानून-2022 (यथा संशोधित वर्ष 2023) में सख्त कार्यवाही की जा सकती है। इसके अतिरिक्त आयोग द्वारा अन्य अनेक गोपनीय सुरक्षा व्यवस्थाएं भी प्रश्न-पत्रों पर की गई है। इनके माध्यम से किसी प्रश्न-पत्र के लिए निर्धारित परीक्षा केंद्र की जानकारी भी अविलंब प्राप्त हो जाती है।

Pankaj Vijay

लेखक के बारे में

Pankaj Vijay
पंकज विजय लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। यहां वह करियर, एजुकेशन, जॉब्स से जुड़ी खबरें देखते हैं। पंकज को पत्रकारिता में डेढ़ दशक से ज्यादा का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने एनडीटीवी डिजिटल, आजतक डिजिटल, अमर उजाला समाचार पत्र में काम किया। करियर-एजुकेशन-जॉब्स के अलावा वह विभिन्न संस्थानों में देश-विदेश, राजनीति, रिसर्च व धर्म से जुड़ी बीट पर भी काम कर चुके हैं। भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी), दिल्ली से हिन्दी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा व डीयू से इतिहास में बीए ऑनर्स किया है। और पढ़ें
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