RPF कॉन्स्टेबल फाइनल रिजल्ट 2026 जारी, कैटेगरी वाइज कितना रहा कटऑफ; यहां चेक करें मेरिट लिस्ट की PDF
आरपीएफ कांस्टेबल फाइनल रिजल्ट 2026 के साथ-साथ कटऑफ भी जारी कर दिया गया है। इस तरह 4205 उम्मीदवारों के लिए नौकरी का रास्ता साफ हो गया है।

रेलवे भर्ती की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। रेलवे भर्ती बोर्ड ने 16 फरवरी 2026 को आरपीएफ कांस्टेबल भर्ती का फाइनल रिजल्ट घोषित कर दिया है। इस रिजल्ट में वही उम्मीदवार जगह बना सके हैं जिन्होंने लिखित परीक्षा से लेकर शारीरिक परीक्षा और दस्तावेज सत्यापन तक हर चरण को सफलतापूर्वक पार किया। इस बार कुल 4205 अभ्यर्थियों को कांस्टेबल पद के लिए प्रोविजनल रूप से चयनित किया गया है। लेकिन इस पूरे रिजल्ट की सबसे ज्यादा चर्चा जिस चीज को लेकर हो रही है, वह है कटऑफ, जिसने हजारों उम्मीदवारों का सपना बनाया भी और तोड़ा भी।
भर्ती प्रक्रिया सीईएन 02/2024 के तहत आयोजित की गई थी। यह प्रक्रिया कई चरणों में पूरी हुई और हर चरण में प्रतियोगिता लगातार कठिन होती गई। पहले चरण में कंप्यूटर आधारित परीक्षा आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में उम्मीदवार शामिल हुए। इसके बाद चयनित अभ्यर्थियों को शारीरिक दक्षता परीक्षा और शारीरिक माप परीक्षण के लिए बुलाया गया। अंतिम चरण दस्तावेज सत्यापन का रहा, जहां अंतिम छंटनी हुई और मेरिट तैयार की गई।
कटऑफ इस बार अपेक्षा से ज्यादा ऊंची देखने को मिली। इसका सबसे बड़ा कारण उम्मीदवारों की बढ़ती संख्या और परीक्षा का अपेक्षाकृत संतुलित स्तर रहा। जब पेपर बहुत कठिन नहीं होता, तब मेरिट में अंतर बहुत कम अंकों का रह जाता है। यही वजह रही कि एक एक अंक ने चयन और असफलता के बीच बड़ा अंतर पैदा कर दिया। कई अभ्यर्थी अच्छे अंक लाने के बावजूद कटऑफ से थोड़ा पीछे रह गए।
यहां देखें - आरपीएफ कांस्टेबल फाइनल रिजल्ट 2026 कटऑफ
भर्ती बोर्ड ने फाइनल मेरिट पूरी तरह उम्मीदवारों के कुल प्रदर्शन के आधार पर तैयार की है। केवल लिखित परीक्षा में अच्छे अंक लाना ही पर्याप्त नहीं था, बल्कि शारीरिक परीक्षा में भी तय मानकों को पूरा करना जरूरी रहा। जिन उम्मीदवारों ने सभी चरणों में संतुलित प्रदर्शन किया, वही अंतिम सूची में जगह बना पाए। इस बार मेरिट का पैटर्न यह साफ दिखाता है कि केवल तैयारी ही नहीं, बल्कि फिटनेस भी चयन का बड़ा आधार बन चुकी है।
क्या रहा परीक्षा का टाइमलाइन
परीक्षा तिथियों पर नजर डालें तो कंप्यूटर आधारित परीक्षा 2 मार्च से 18 मार्च 2025 के बीच आयोजित की गई थी। इसके बाद शारीरिक दक्षता और माप परीक्षण 13 नवंबर से 6 दिसंबर 2025 तक चला। लंबी चयन प्रक्रिया के बाद अब जाकर 16 फरवरी 2026 को अंतिम परिणाम जारी हुआ। इतने लंबे अंतराल ने उम्मीदवारों की उत्सुकता और चिंता दोनों बढ़ा दी थी।
कटऑफ बढ़ने के पीछे एक और बड़ा कारण यह रहा कि इस भर्ती में दोबारा प्रयास करने वाले अभ्यर्थियों की संख्या ज्यादा थी। अनुभवी उम्मीदवारों ने बेहतर रणनीति के साथ परीक्षा दी, जिससे प्रतिस्पर्धा का स्तर ऊंचा चला गया। इसके अलावा सामान्य वर्ग में सीटों के मुकाबले उम्मीदवारों की संख्या काफी अधिक रही, जिससे मेरिट सूची में जगह बनाना और कठिन हो गया।
क्या है अगले चरण की प्रक्रिया
जो उम्मीदवार चयनित हुए हैं, उनके लिए अब अगला चरण नियुक्ति प्रक्रिया का है। उन्हें संबंधित रेलवे जोन से आगे की सूचना मिलेगी। नियुक्ति से पहले मेडिकल जांच और अंतिम सत्यापन की औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। इसलिए चयनित उम्मीदवारों को अपने सभी मूल दस्तावेज तैयार रखने की सलाह दी गई है।
ऐसे देखें रिजल्ट
रिजल्ट देखने की प्रक्रिया भी काफी सरल रखी गई है। उम्मीदवार अपने संबंधित रेलवे भर्ती बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर फाइनल मेरिट सूची की पीडीएफ डाउनलोड कर सकते हैं। सूची में अपना रोल नंबर खोजकर वे यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि उनका चयन हुआ है या नहीं। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे भविष्य की प्रक्रिया के लिए रिजल्ट की प्रति सुरक्षित रखें।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
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- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
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