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In Odisha, The Council of Higher Secondary Education, Odisha (CHSE) conducts Class 12th examination and Board of Secondary Education conducts the High School Certificate Examinations (HSCE- Class 10th). BSE Odisha 10th Board Exam ended on 8th March. While CHSE Odisha (+2) or 12th Board Exam concluded on 28th March. All the students are eagerly waiting for the results. Odisha 10th and 12th Result 2018 are expected to be announced in the month of April-May. Students can check the results of the 10th, 12th Board Examination on www.livehindustan.com. Apart from this, the results can be checked on the official website of the Board.

In 2017, the CHSE Odisha Result was declared on May 31, 2017. And The BSE Odisha Result 2017 was announced on April 27, 2017. Class 12th's overall pass percentage in 2017 was 81.11%.  The girls had surpassed the boys with 82.36% over 80.29%. Odisha Board Class 10th Result 2017 overall pass percentage was 85.28%. The total pass percentage of boys was 82% while the total pass percentage of girls was 85%. 

ओडिशा में 12वीं कक्षा (+2) की परीक्षा काउंसिल ऑफ हायर सेकेंड्री एजुकेशन (सीएचएसई) और 10वीं की परीक्षा बोर्ड ऑफ सेकेंड्री एजुकेशन (बीएसई) आयोजित करते हैं। बीएसई ओडिशा 10वीं बोर्ड परीक्षा इस वर्ष 23 फरवरी से 8 मार्च तक चली। जबकि ओडिशा सीएचएसई 12वीं परीक्षा 6 मार्च को शुरू हुई और 28 मार्च को संपन्न हुई। परीक्षा के बाद सभी विद्यार्थी बेसब्री से नतीजों का इंतजार कर रहे हैं। ओडिशा बोर्ड 10वीं और 12वीं परीक्षा 2018 के नतीजे अप्रैल-मई माह में घोषित किए जा सकते हैं।  हालांकि बोर्ड ने अभी तक इस बात की घोषणा नहीं की है कि रिजल्ट किस दिन घोषित किया जाएगा। विद्यार्थी परीक्षा के नतीजे www.livehindustan.com पर चेक कर सकते हैं। इसके अलावा रिजल्ट बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट पर भी चेक किए जा सकेंगे। वर्ष 2017 में सीएचएसई 12वीं का रिजल्ट 31 मई को घोषित किया गया था जबकि बीएसई 10वीं का रिजल्ट करीब एक माह पहले 27 अप्रैल को ही जारी कर दिया गया था। 2017 में 12वीं का कुल पास प्रतिशत  81.11 रहा था। लड़कियों का पास प्रतिशत 82.36 और लड़कों का पास प्रतिशत 80.29 रहा था। वहीं 10वीं का कुल पास प्रतिशत 85.28 रहा था। 10वीं में 85 फीसदी लड़कियां पास हुई थीं जबकि 82 फीसदी लड़के। यानी 10वीं और 12वीं दोनों में ही लड़कियों का रिजल्ट लड़कों से बेहतर रहा था।