
REET मेन्स क्वेश्चन पेपर 2026 का क्या रहा लेवल, कठिन या आसान? यहां जानें पूरी जानकारी
REET Mains Exam Analysis 2025-26: राजस्थान में शिक्षक बनने की दौड़ तेज हो गई है। रीट मेन्स परीक्षा के पहले दिन शिफ्ट-1 का पेपर अभ्यर्थियों को संतुलित लगा।
REET Mains Exam Analysis 2025-26: राजस्थान में सरकारी शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों उम्मीदवारों का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। राजस्थान स्टाफ सिलेक्शन बोर्ड ने REET मेन्स परीक्षा 2026 की शुरुआत कर दी है। 17 जनवरी से शुरू हुई इस परीक्षा के साथ ही अभ्यर्थियों की नजर अब रीट मेन्स क्वेश्चन पेपर 2026 पर टिकी हुई है, ताकि वे अपने पेपर का विश्लेषण कर सकें और आगे की तैयारी को सही दिशा दे सकें। कैसा मेन्स परीक्षा का पेपर? आइए जानते हैं।
7,759 पदों पर होगी शिक्षक भर्ती
इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए राजस्थान में कुल 7,759 रिक्त पदों को भरा जाएगा। इसमें प्राइमरी शिक्षक (लेवल 1) और अपर प्राइमरी शिक्षक (लेवल 2) दोनों शामिल हैं। बड़ी संख्या में पद होने के कारण इस परीक्षा में लाखों अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। REET मेन्स परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों को आगे दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया से गुजरना होगा।
REET मेन्स क्वेश्चन पेपर 2026 - मुख्य जानकारियां
रीट मेन्स परीक्षा ऑफलाइन मोड में आयोजित की जा रही है। परीक्षा में कुल 150 प्रश्न पूछे गए हैं, जो कुल 300 अंकों के हैं। परीक्षा की अवधि 2 घंटे 30 मिनट रखी गई है। इसमें नेगेटिव मार्किंग का भी प्रावधान है, जहां हर गलत उत्तर पर एक तिहाई अंक काटे जाएंगे। ऐसे में प्रश्न पत्र का विश्लेषण अभ्यर्थियों के लिए बेहद जरूरी हो जाता है।
शिफ्ट-1 की परीक्षा पूरी, कैसा रहा पेपर
पहली शिफ्ट की परीक्षा पूरी होने के बाद उम्मीदवारों ने बताया कि प्रश्न पत्र न तो बहुत आसान था और न ही बहुत कठिन। कुल मिलाकर पेपर का स्तर मध्यम रहा। जिन अभ्यर्थियों ने नियमित तैयारी की थी, उन्हें सवाल हल करने में ज्यादा परेशानी नहीं हुई। वहीं कुछ सेक्शन ऐसे भी रहे, जिनमें समय प्रबंधन चुनौतीपूर्ण साबित हुआ।
परीक्षा पैटर्न और अंक वितरण
REET मेन्स 2025 परीक्षा में कुल 150 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे गए हैं। पूरा पेपर 300 अंकों का है, यानी हर सवाल दो अंकों का रहा। परीक्षा की कुल अवधि 150 मिनट तय की गई थी। प्रश्न पत्र को कई विषयों में बांटा गया था। राजस्थान का भूगोल, इतिहास और संस्कृति से 40 प्रश्न पूछे गए, जो कुल 80 अंकों के थे। राजस्थान सामान्य ज्ञान और शैक्षिक मनोविज्ञान एवं नीतियों से 25-25 प्रश्न पूछे गए, जिनका कुल भार 50-50 अंक रहा।
भाषा और अन्य विषयों का वेटेज
भाषा सेक्शन में हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, सिंधी और पंजाबी जैसे विकल्प दिए गए थे। इसके अलावा सामाजिक अध्ययन तथा गणित और विज्ञान से मिलाकर 60 प्रश्न पूछे गए, जो कुल 120 अंकों के थे। उम्मीदवारों के अनुसार भाषा सेक्शन अपेक्षाकृत आसान रहा, जबकि गणित और विज्ञान के कुछ प्रश्नों ने सोचने पर मजबूर किया।
REET मेन्स एग्जाम शेड्यूल 2026
रीट मेन्स परीक्षा का पूरा शेड्यूल इस प्रकार है -
- 17 जनवरी 2026 को सुबह 10:00 बजे से 12:30 बजे तक लेवल 1 (प्राइमरी शिक्षक – जनरल) की परीक्षा हुई।
- 18 जनवरी 2026 को सुबह 10:00 बजे से 12:30 बजे तक लेवल 2 (साइंस और मैथमैटिक्स) की परीक्षा होगी।
- 18 जनवरी 2026 को दोपहर 3:00 बजे से शाम 5:30 बजे तक लेवल 2 (सोशल स्टडीज) की परीक्षा आयोजित की जाएगी।
- 19 जनवरी 2026 को सुबह 10:00 बजे से 12:30 बजे तक लेवल 2 (अंग्रेज़ी) का पेपर होगा।
- 19 जनवरी 2026 को दोपहर 3:00 बजे से शाम 5:30 बजे तक लेवल 2 (हिंदी) की परीक्षा होगी।
- 20 जनवरी 2026 को सुबह 10:00 बजे से 12:30 बजे तक लेवल 1 (संस्कृत) की परीक्षा आयोजित की जाएगी।
- 20 जनवरी 2026 को दोपहर 3:00 बजे से शाम 5:30 बजे तक लेवल 2 (संस्कृत) का पेपर होगा।
आगे क्या करें अभ्यर्थी
जो उम्मीदवार परीक्षा दे चुके हैं, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे प्रश्न पत्र PDF डाउनलोड कर अपने उत्तरों का मिलान करें और संभावित कटऑफ का अनुमान लगाएं। वहीं जो अभ्यर्थी भविष्य में REET या अन्य शिक्षक भर्ती परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, उनके लिए यह प्रश्न पत्र एक मजबूत अभ्यास सामग्री साबित हो सकता है।

लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
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काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
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- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव




