33 पन्ने, 15 मिनट एक्सट्रा; RE-NEET 2026 पेपर लीक पर सवाल, क्या बोला NTA
RE-NEET 2026 पेपर लीक के दावे को लेकर सोशल मीडिया पर एक यूजर ने परीक्षा पुस्तिका और अतिरिक्त समय को आधार बनाकर सवाल उठाया, जिस पर NTA ने तुरंत जवाब दिया है।

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET को लेकर एक बार फिर सोशल मीडिया पर हलचल देखने को मिली। इस बार चर्चा की वजह एक ऐसा पोस्ट बना, जिसमें RE-NEET परीक्षा यानी 21 जून को होने वाली नीट की दोबारा परीक्षा के कथित पेपर लीक होने की आशंका जताई गई। पोस्ट सामने आते ही सोशल मीडिया सवाल उठने लगे कि क्या परीक्षा से जुड़ी कोई गोपनीय जानकारी बाहर आ गई थी।
यूजर ने क्या दावा किया?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक यूजर ने दावा किया कि परीक्षा पुस्तिका में 33 पन्ने हैं, जबकि परीक्षा की अवधि 3 घंटे 15 मिनट रखी गई है। गौरतलब है कि पोस्ट में यह भी कहा गया कि RE-NEET के लिए पहली बार 15 मिनट अतिरिक्त समय दिया गया है। इन बातों को आधार बनाकर यूजर ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) से सवाल उठाया कि कहीं RE-NEET का पेपर भी लीक तो नहीं हो गया।
एनटीए ने तुरंत दिया जवाब
सोशल मीडिया पर इस तरह की स्थिति को देखते हुए एनटीए ने सीधे पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी। एजेंसी ने साफ शब्दों में कहा कि यह दावा पूरी तरह फर्जी है। एनटीए ने अपने जवाब में लिखा, "यह फर्जी है। इसकी रिपोर्ट साइबर क्राइम को की जा रही है।" एनटीए ने पेपर लीक की बात को खारिज किया साथ ही कहा कि इस तरह की भ्रामक जानकारी फैलाने के मामले को साइबर क्राइम अधिकारियों के पास रिपोर्ट किया जा रहा है।
पहले भी सामने आ चुकी हैं ऐसी अफवाहें
यह पहली बार नहीं है जब नीट की दोबारा परीक्षा को लेकर प्रश्नपत्र लीक होने की बातें सामने आई हों। इससे पहले भी इंटरनेट और टेलीग्राम समूहों पर कई दावे किए गए थे कि परीक्षा का प्रश्नपत्र पहले से उपलब्ध है और उसे पैसे लेकर बेचा जा रहा है। इन दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए एनटीए ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा था कि ऐसी सभी बातें झूठी, भ्रामक और मनगढ़ंत हैं। एजेंसी के अनुसार कुछ ठग गिरोह और नकल माफिया छात्रों तथा अभिभावकों की चिंता का फायदा उठाकर फर्जी प्रश्नपत्र बेचने की कोशिश करते हैं।
परीक्षा सुरक्षा को लेकर एनटीए का भरोसा
एनटीए लगातार यह दोहराता रहा है कि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित है। एजेंसी का कहना है कि प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए सख्त इंतजाम किए गए हैं और किसी भी अनधिकृत व्यक्ति की पहुंच परीक्षा सामग्री तक नहीं है। इसी कारण छात्रों को सलाह दी गई है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट जानकारी पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
- नीट, जेईई और राज्यवार बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों, बदलावों और परिणामों पर गहन फोकस
- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव


