राजस्थान बोर्ड साइंस रिजल्ट 2026 में क्या रहा जिलेवार आंकड़ा, कहां चमके छात्र और कहां रही कमी

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rbse 12th science result 2026 district wise pass percentage: राजस्थान बोर्ड 12वीं साइंस रिजल्ट 2026 के जिलेवार आंकड़े सामने आ गए हैं। जानिए किन जिलों में सबसे ज्यादा पास प्रतिशत रहा और कहां छात्रों का प्रदर्शन कमजोर रहा।

राजस्थान बोर्ड साइंस रिजल्ट 2026 में क्या रहा जिलेवार आंकड़ा, कहां चमके छात्र और कहां रही कमी

rbse 12th science result 2026 district wise pass percentage: राजस्थान बोर्ड के 12वीं साइंस रिजल्ट 2026 के साथ अब जिलेवार आंकड़े भी सामने आ गए हैं और इन आंकड़ों से पूरे राज्य की तस्वीर साफ कर दी है। कहीं छात्र रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन करते नजर आए, तो कहीं पास प्रतिशत उम्मीद से नीचे रहा। कुल मिलाकर देखा जाए तो इस बार साइंस स्ट्रीम में छात्रों ने मजबूत प्रदर्शन किया है, लेकिन जिलों के बीच बड़ा अंतर भी साफ दिखता है। अगर टॉप प्रदर्शन करने वाले जिलों की बात करें तो डिडवाना-कुचामन सबसे आगे नजर आता है, जहां कुल पास प्रतिशत करीब 99.43% दर्ज किया गया। इसके अलावा सीकर (98.85%), जोधपुर (98.94%), झुंझुनू (98.59%), और बांसवाड़ा (98.68%) जैसे जिले भी शानदार प्रदर्शन करने वालों में शामिल रहे।

यहां देखें राजस्थान बोर्ड 12वीं रिजल्ट का लाइव अपडेट्स

बड़े जिलों का प्रदर्शन कैसा रहा

राजस्थान के बड़े जिलों की बात करें तो जयपुर में करीब 97.82% छात्र पास हुए, जो एक मजबूत प्रदर्शन माना जा सकता है। वहीं अलवर (94.56%), भरतपुर (96.96%), और कोटा (97.58%) जैसे जिलों ने भी अच्छा रिजल्ट दिया। हालांकि कुछ बड़े जिलों में पास प्रतिशत उम्मीद से थोड़ा कम रहा, जिससे यह साफ है कि प्रतिस्पर्धा के बावजूद हर जगह एक जैसा प्रदर्शन नहीं रहा।

जहां रही थोड़ी निराशा

कुछ जिले ऐसे भी रहे जहां पास प्रतिशत बाकी जिलों के मुकाबले कम रहा। खैरथल-तिजारा जिला में कुल पास प्रतिशत करीब 89.80% रहा, जो इस लिस्ट में सबसे नीचे है। इसके अलावा श्रीगंगानगर (90.81%) भी अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन वाले जिलों में शामिल रहा।

लड़कियों ने फिर मारी बाजी

इस बार भी लड़कियों ने लगभग हर जिले में लड़कों से बेहतर प्रदर्शन किया। कई जिलों में लड़कियों का पास प्रतिशत 98% से 99% के बीच रहा, जो उनकी लगातार मेहनत और बढ़ती जागरूकता को दिखाता है। जैसे झुंझुनू में लड़कियों का पास प्रतिशत करीब 99.38% रहा, वहीं सीकर में यह आंकड़ा 99.30% के आसपास पहुंच गया। यह ट्रेंड साफ दिखाता है कि शिक्षा में बेटियां लगातार आगे बढ़ रही हैं।

कुल मिलाकर कैसा रहा रिजल्ट

अगर पूरे राज्य की तस्वीर देखें तो साइंस स्ट्रीम में इस बार रिजल्ट काफी मजबूत रहा है। ज्यादातर जिलों में पास प्रतिशत 95% से ऊपर रहा, जो एक पॉजिटिव संकेत है इससे यह भी साफ होता है कि छात्रों ने इस बार बोर्ड परीक्षा को लेकर गंभीर तैयारी की थी। साथ ही स्कूलों और शिक्षकों की भूमिका भी अहम रही।

Himanshu Tiwari

लेखक के बारे में

Himanshu Tiwari

शॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।

परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।

लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।

शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।

रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।

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