PRSU PG Course Admission 2026: रज्जू भय्या यूनिवर्सिटी से करें योग और साइकोलॉजी में MA, अप्रैल से आवेदन
PRSU PG Course Admission 2026: प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भय्या) राज्य विश्वविद्यालय ने आगामी शैक्षिक सत्र 2026-27 से दो बेहद महत्वपूर्ण विषयों—योग और साइकोलॉजी—में पोस्ट-ग्रेजुएशन (पीजी) कोर्स शुरू करने का निर्णय लिया है।

PRSU PG Course Admission 2026: उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अपना परचम लहरा रहे प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भय्या) राज्य विश्वविद्यालय ने अपने छात्र-छात्राओं को नए साल का शानदार तोहफा दिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने आगामी शैक्षिक सत्र 2026-27 से दो बेहद महत्वपूर्ण विषयों—योग और साइकोलॉजी—में पोस्ट-ग्रेजुएशन (पीजी) कोर्स शुरू करने का निर्णय लिया है। इस पहल से न केवल विश्वविद्यालय के अंडरग्रेजुएशन पास कर चुके छात्रों को आगे की पढ़ाई के लिए नए विकल्प मिलेंगे, बल्कि उनके करियर की राह भी आसान होगी।
जल्द मिलेगी एकेडमिक काउंसिल की मंजूरी
विश्वविद्यालय प्रशासन इन दोनों कोर्सेज को इसी साल से लागू करने की तैयारी में जुट गया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इन नए विषयों के प्रस्ताव को अंतिम रूप देने के लिए जल्द ही एकेडमिक काउंसिल की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई जाएगी। इस बैठक में कोर्सेज के ढांचे और शिक्षण पद्धति पर विस्तार से चर्चा होगी। जैसे ही काउंसिल की ओर से हरी झंडी मिलेगी, प्रवेश प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए एक विशेष कमेटी का गठन कर दिया जाएगा। यह कमेटी सीटों के निर्धारण से लेकर काउंसलिंग प्रक्रिया की पूरी जिम्मेदारी संभालेगी।
अप्रैल से शुरू होगी आवेदन की प्रक्रिया
विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि छात्रों के समय को बचाने के लिए नए सत्र की दाखिला प्रक्रिया अप्रैल 2026 से ही प्रारंभ कर दी जाएगी। समय पर आवेदन प्रक्रिया शुरू होने से छात्रों को प्रवेश के लिए भटकना नहीं पड़ेगा और वे सत्र शुरू होने से पहले ही अपनी तैयारी पूरी कर सकेंगे।
योग डिप्लोमा की सफलता ने बढ़ाया उत्साह
विश्वविद्यालय ने पिछले शैक्षिक सत्र में योग विषय में डिप्लोमा कोर्सेज की शुरुआत की थी। इस कोर्स को लेकर विद्यार्थियों में जबरदस्त उत्साह देखा गया और छात्रों का फीडबैक बेहद सकारात्मक रहा। इसी अपार सफलता और बढ़ती मांग को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने अब इसे पोस्ट-ग्रेजुएशन (पीजी) लेवल तक विस्तारित करने का फैसला लिया है। अब छात्र योग में केवल डिप्लोमा ही नहीं, बल्कि मास्टर डिग्री (M.A. in Yoga) भी हासिल कर सकेंगे।
क्यों खास हैं ये दोनों विषय?
वर्तमान समय में मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य की अहमियत काफी बढ़ गई है। ऐसे में इन विषयों की महत्वता और बढ़ जाती है:
साइकोलॉजी: इस विषय में पीजी शुरू होने से विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य, काउंसलिंग, चाइल्ड साइकोलॉजी और व्यवहार अध्ययन जैसे क्षेत्रों में उच्च शिक्षा और विशेषज्ञता प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। आज के तनावपूर्ण दौर में मनोवैज्ञानिकों की मांग तेजी से बढ़ रही है।
योग : योग में परास्नातक की डिग्री छात्रों के लिए रिसर्च, प्रोफेशनल ट्रेनिंग और स्वास्थ्य क्षेत्र में रोजगार के अनगिनत द्वार खोलेगी। यह न केवल करियर के लिहाज से बेहतर है, बल्कि समाज को स्वस्थ रखने में भी योगदान देगा।
कुलपति का संदेश
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार सिंह ने इस निर्णय पर खुशी जताते हुए कहा कि विश्वविद्यालय छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि दोनों नए कोर्सेज की विस्तृत रूपरेखा, सीटों की संख्या और पात्रता संबंधी जरूरी दिशा-निर्देश बहुत जल्द आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दिए जाएंगे।



