टलेगा नहीं एग्जाम; राजस्थान SI भर्ती परीक्षा पर सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान SI भर्ती परीक्षा 2025 को टालने से साफ इनकार कर दिया है लेकिन 2021 के उम्मीदवारों को आयु सीमा में बड़ी राहत देते हुए 5-6 अप्रैल की परीक्षा में बैठने की अनुमति दे दी है।

supreme court verdict on rajasthan si exam 2025 : उच्चतम न्यायालय ने राजस्थान एसआई भर्ती परीक्षा 2025 को स्थगित करने की याचिकाकर्ताओं की मांग को खारिज कर दिया है, हालांकि आयु सीमा में छूट की मांग करने वाले अभ्यर्थियों को अंतरिम राहत प्रदान की है। न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने स्पष्ट किया कि वर्तमान परीक्षा स्थगित नहीं की जाएगी, लेकिन एसआई भर्ती परीक्षा 2021 के सभी अभ्यर्थियों को 05 और 06 अप्रैल 2026 को आयोजित परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी।
पीठ ने कहा कि यह प्रयास अस्थायी होगा और इन अभ्यर्थियों के परिणाम सीलबंद लिफाफे में रखे जाएंगे। याचिकाकर्ता सूरजमल मीणा और अन्य ने शीर्ष अदालत में याचिका दायर कर 05 और 06 अप्रैल को प्रस्तावित परीक्षा को चार सप्ताह के लिए स्थगित करने की मांग की थी। याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि 2021 की विवादित एसआई भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों के अधिकार, राजस्थान उच्च न्यायालय में लंबित अपीलों के कारण अनिश्चित बने हुए हैं। ऐसे में यदि 2025 की परीक्षा आयोजित हो जाती है, तो उनके अधिकार अप्रभावी हो जाएंगे। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि आयु सीमा या अन्य कारणों से प्रभावित अभ्यर्थियों को परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाए।
राज्य सरकार ने क्या दी दलील
राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता शिव मंगल शर्मा ने अदालत को बताया कि बड़ी संख्या में अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे और राज्यभर में व्यापक प्रशासनिक तैयारियां की जा चुकी हैं। ऐसे में परीक्षा स्थगित करना प्रतिकूल होगा।
पिछले फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने दिया था आदेश
उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष राजस्थान उच्च न्यायालय की एकलपीठ ने व्यापक अनियमितताओं, पेपर लीक और अन्य गड़बड़ियों के आरोपों के आधार पर 2021 की पूरी भर्ती प्रक्रिया, परिणाम और चयन को निरस्त कर दिया था। कुछ सप्ताह बाद उच्च न्यायालय की पीठ ने इस निर्णय को पलटते हुए एकलपीठ के आदेश पर रोक लगा दी। राजस्थान सरकार ने भी 2021 की परीक्षा रद्द करने का विरोध करते हुए उच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर की है। यह अपील और 2021 भर्ती परीक्षा के सफल अभ्यर्थियों की याचिकाएं फिलहाल उच्च न्यायालय में लंबित हैं और उनके अंतिम निर्णय की प्रतीक्षा है।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
- नीट, जेईई और राज्यवार बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों, बदलावों और परिणामों पर गहन फोकस
- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव


