राजस्थान OMR शीट में बड़ा खुलासा, परीक्षा में पाए थे 2 और 4 अंक; स्कैनिंग में मिले 191 और 165

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राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं में हुई फर्जीवाड़े को लेकर एक्शन जारी है। इस दौरान एक से बढ़कर एक चौकाने वाले खुलासे हो रहे है। ताजा मामला यह है कि स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने अपने एक्शन में दो ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने ओएमआर शीट से छेड़छाड़ कर नंबर ही बदल दिए।

rajasthan omr scam candidates with 2 and 4 marks shown as 191 and

राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं में हुई फर्जीवाड़े को लेकर एक्शन जारी है। इस दौरान एक से बढ़कर एक चौकाने वाले खुलासे हो रहे है। ताजा मामला यह है कि स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने अपने एक्शन में दो ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने ओएमआर शीट से छेड़छाड़ कर नंबर ही बदल दिए। एसओजी ने प्रयोगशाला सहायक सीधी भर्ती परीक्षा-2018 के परिणाम में ओएमआर शीट में कांट-छांट कर फर्जी तरीके से चयनित होने वाले दो और अभ्यर्थियों महेन्द्र कुमार मीना निवासी नांगललाट टोडाभीम करौली और देवेन्द्र सिंह गुर्जर निवासी नादना मंडावर दौसा को गिरफ्तार किया है।

ओएमआर शीट स्कैनिंग के दौरान बढ़े अंक

जांच के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। आरोप है कि जिन अभ्यर्थियों को वास्तविक रूप से केवल 2 और 4 अंक मिले थे, उनके अंक ओएमआर शीट स्कैनिंग के दौरान बढ़ाकर क्रमशः 191 और 165 दिखा दिए गए। एडीजी विशाल बंसल के अनुसार, भर्ती परीक्षा की ओएमआर शीट स्कैन करने वाली एजेंसी राभव लिमिटेड के कुछ कर्मचारियों ने इस गड़बड़ी को अंजाम दिया था।

दोबारा स्कैनिंग में सामने आई हकीकत

चयन बोर्ड को जब परिणामों पर संदेह हुआ तो ओएमआर शीटों की दोबारा स्कैनिंग कराई गई। जांच में पता चला कि महेन्द्र कुमार मीना के अंक स्कैनिंग के दौरान 165 दिखाए गए थे, जबकि पुनः जांच में उसके वास्तविक अंक केवल 4 निकले। इसी तरह देवेन्द्र सिंह गुर्जर को ओएमआर स्कैनिंग में 191 अंक दिखाए गए थे, लेकिन दोबारा जांच करने पर उसके सिर्फ 2 अंक ही पाए गए।

27 अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाने का आरोप

जांच एजेंसियों के अनुसार, राभव लिमिटेड के कर्मचारी विनोद कुमार गौड़ और शादान खान ने कुछ अभ्यर्थियों के साथ मिलीभगत कर ओएमआर शीटों में कथित रूप से हेरफेर की। आरोप है कि इस तरीके से 27 अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाते हुए उन्हें प्रोविजनल रूप से चयनित करा दिया गया। मामले में एसओजी पहले ही विनोद कुमार गौड़, शादान खान और कंपनी के कार्यकारी निदेशक रामप्रवेश सिंह को गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं, पकड़े गए अभ्यर्थियों से पूछताछ जारी है।

निष्पक्षता पर गंभीर सवाल

हाल ही में सामने आए एक मामले में राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के कुछ अधिकारियों और एक निजी फर्म के कर्मचारियों पर आरोप लगे थे कि उन्होंने अभ्यर्थियों से पैसे लेकर ओएमआर शीट में छेड़छाड़ की और नंबर बढ़ा दिए। इस हेराफेरी के चलते कई अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरी मिल गई। मामला उजागर होने के बाद भर्ती प्रक्रियाओं की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हुए थे।

Dheeraj Pal

लेखक के बारे में

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संक्षिप्त विवरण: धीरज पाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 साल का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान में काम करते हुए इन्हें 4 साल हो गए हैं। धीरज एजुकेशन रिपोर्टर के तौर पर काम कर चुके हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने राजनीति समाचार, एजुकेशन बीट के लिए ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। हिंदुस्तान लाइव में यूपी बोर्ड से लेकर उन्होंने लोकसभा चुनाव कवर करने साथ-साथ खेल जैसे बीट पर काम किया। अब इनका एकमात्र उद्देश्य करियर और एजुकेशन से जुड़ी रुचिगत, सरल, प्रमाणिक और पाठक-हितैषी रूप में प्रस्तुत करना है।

व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।

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