BSTC Pre DElEd 2026 परीक्षा में इन गलतियों की नहीं है माफी, सेंटर पहुंचने से पहले जरूर पढ़ लें ये नियम
राजस्थान BSTC 2026 परीक्षा से पहले सख्त गाइडलाइन जारी हुई है। जानिए परीक्षा केंद्र में क्या ले जाना है, क्या नहीं, कितने बजे पहुंचना होगा और किन गलतियों से परीक्षा रद्द हो सकती है।

राजस्थान प्री डीएलएड यानी BSTC 2026 परीक्षा को लेकर इस बार बेहद सख्त गाइडलाइन जारी की गई है। वर्धमान महावीर ओपन यूनिवर्सिटी की ओर से साफ कहा गया है कि नियमों की अनदेखी करने वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिलेगा। कई उम्मीदवार छोटी लापरवाही कर बैठते हैं और बाद में परेशानी उठानी पड़ती है। ऐसे में परीक्षा से पहले हर गाइडलाइन ध्यान से समझना बेहद जरूरी हो गया है।
परीक्षा केंद्र में देरी हुई तो जिम्मेदारी खुद की होगी
राजस्थान BSTC परीक्षा 20 मई को दो शिफ्ट में आयोजित होगी। लेकिन सबसे अहम बात यह है कि परीक्षा केंद्र के मुख्य गेट पर एंट्री केवल तय समय तक ही मिलेगी। विश्वविद्यालय ने कहा है कि उम्मीदवार समय से पहले केंद्र पहुंचें ताकि तलाशी और पहचान प्रक्रिया आसानी से पूरी हो सके। अगर जांच में देरी होती है और उम्मीदवार समय पर अंदर नहीं पहुंच पाता, तो इसकी जिम्मेदारी खुद अभ्यर्थी की मानी जाएगी।
परीक्षा केंद्र में क्या लेकर जाना जरूरी है
उम्मीदवारों को परीक्षा वाले दिन कुछ जरूरी चीजें साथ रखनी होंगी। इनमें सबसे पहले एडमिट कार्ड जरूरी है। इसके बिना परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिलेगा। इसके अलावा नीले या काले रंग की पारदर्शी बॉल पेन, हाल की रंगीन पासपोर्ट फोटो और मूल फोटो पहचान पत्र साथ रखना अनिवार्य किया गया है। पहचान पत्र के तौर पर आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या पासपोर्ट मान्य होंगे। फोटो कॉपी या मोबाइल में सेव आईडी मान्य नहीं होगी।
मोबाइल, स्मार्ट वॉच और ब्लूटूथ पर पूरी तरह बैन
इस बार परीक्षा केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक सामान को लेकर काफी सख्ती रखी गई है। उम्मीदवार मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, स्मार्ट वॉच, कैलकुलेटर या किसी भी तरह का इलेक्ट्रॉनिक गैजेट अंदर नहीं ले जा सकेंगे। इसके अलावा नोट्स, किताब, व्हाइटनर, ज्योमेट्री बॉक्स और किसी भी तरह की अध्ययन सामग्री भी प्रतिबंधित रहेगी। केंद्र अधीक्षक ने साफ कहा है कि ऐसे सामान की सुरक्षा की जिम्मेदारी परीक्षा केंद्र की नहीं होगी। इसलिए उम्मीदवार इन्हें घर पर छोड़कर ही आएं।
सोशल मीडिया की अफवाहों से बचने की सलाह
परीक्षा से पहले सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे और अफवाहें फैल रही हैं। विश्वविद्यालय ने अभ्यर्थियों से कहा है कि वे किसी भी भ्रामक जानकारी पर भरोसा न करें। अगर कोई उम्मीदवार अनुचित साधनों का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। राज्य सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम 2022 के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है।
संस्कृत और जनरल कोर्स वाले छात्रों के लिए जरूरी नियम
डीएलएड जनरल कोर्स के उम्मीदवार प्रश्नपत्र हिंदी में हल करेंगे। वहीं संस्कृत कोर्स के छात्रों को संस्कृत भाषा में ही परीक्षा देनी होगी। जो उम्मीदवार दोनों कोर्स के लिए आवेदन कर चुके हैं, उन्हें भी संस्कृत भाषा में ही प्रश्नपत्र हल करना होगा।
दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए अलग निर्देश
दृष्टिबाधित उम्मीदवारों को परीक्षा से दो दिन पहले अपने परीक्षा केंद्र पर पहुंचकर केंद्र अधीक्षक को लिखित सूचना देनी होगी। इससे परीक्षा के दौरान जरूरी व्यवस्था समय पर की जा सकेगी।
एडमिट कार्ड यहां से करें डाउनलोड
उम्मीदवार अपना एडमिट कार्ड आधिकारिक वेबसाइट predeledraj2026.comपर जाकर डाउनलोड कर सकते हैं। इसके लिए एप्लिकेशन नंबर और जन्मतिथि दर्ज करनी होगी।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
- नीट, जेईई और राज्यवार बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों, बदलावों और परिणामों पर गहन फोकस
- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव


