Rajasthan Board 12th Result 2026 Out: स्कोरकार्ड में मिलेंगी ये जरूरी जानकारियां, कर लें चेक
Rajasthan Board 12th Result 2026 Out: राजस्थान बोर्ड द्वारा 12वीं के नतीजे घोषित कर दिए गए हैं। इसके साथ ही स्कोरकार्ड भी जारी कर दिया गया है।

Rajasthan Board 12th Result 2026 Out: आज राजस्थान बोर्ड द्वारा 12वीं रिजल्ट 2026 जारी कर दिया गया। इसके साथ ही छात्रों को अपने स्कोरकार्ड यानी रिजल्ट को ध्यान से देखना बेहद जरूरी है। क्योंकि इसमें कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाती है। यहां चेक करें राजस्थान बोर्ड 12वीं के नतीजे। अगर रिजल्ट में कुछ गलतियां होती हैं, तो उसे तुरंत सही करवाना जरूरी है। वरना भविष्य में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यदि नाम, रोल नंबर या प्राप्त अंकों में किसी भी प्रकार की त्रुटि दिखाई दे, तो तुरंत अपने स्कूल प्रशासन को इसकी सूचना दें। समय रहते जानकारी देने से इन गलतियों को आसानी से सुधारा जा सकता है। चलिए जानते हैं कि 12वीं रिजल्ट में क्या-क्या देखना जरूरी है।
राजस्थान बोर्ड 12वीं मार्कशीट 2026: क्या-क्या जरूर जांचें?
मार्कशीट डाउनलोड करने के बाद उसमें दी गई सभी जानकारियों को अपने एडमिट कार्ड से मिलान करना बेहद जरूरी है। ध्यान से ये बातें चेक करें-
छात्र का नाम: स्पेलिंग सही है या नहीं, जरूर जांचें।
माता/पिता का नाम: यह आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार होना चाहिए।
रोल नंबर और जन्मतिथि: दोनों डिटेल्स बिल्कुल सटीक होनी चाहिए।
रजिस्ट्रेशन नंबर
विषयवार अंक: थ्योरी और प्रैक्टिकल/सत्रीय अंकों को ध्यान से देखें।
कक्षा और बोर्ड का नाम
कुल प्राप्त अंक
अगर राजस्थान बोर्ड 12वीं में फेल हो जाएं तो क्या करें?
अगर आपका रिजल्ट उम्मीद के अनुसार नहीं आया है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। बोर्ड आपको सुधार के लिए विकल्प देता है। जैसे कि कंपार्टमेंट परीक्षा।
कंपार्टमेंट परीक्षा
यदि आप एक या दो विषयों में फेल हो गए हैं, तो साल खराब करने की जरूरत नहीं है। आप अगस्त 2026 में होने वाली पूरक परीक्षा देकर पास हो सकते हैं। इसके लिए छात्र तय समय के भीतर bseronline.com पर ऑनलाइन री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन कर सकते हैं। RBSE आपकी कॉपियों की दोबारा जांच करेगा और प्रक्रिया पूरी होने के बाद नया रिजल्ट जारी करेगा। समय सीमा खत्म होने से पहले स्कूल या सीधे पोर्टल से आवेदन जरूर करें।
पास प्रतिशत का क्या होता है महत्व?
राजस्थान बोर्ड 12वीं रिजल्ट 2026 का पास प्रतिशत केवल एक आंकड़ा नहीं होता, बल्कि यह राज्य की शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता को दर्शाता है। ज्यादा पास प्रतिशत यह बताता है कि छात्रों ने बेहतर प्रदर्शन किया है। लड़कों और लड़कियों के पास प्रतिशत का अंतर सामाजिक और शैक्षिक जागरूकता को समझने में मदद करता है।
रोल नंबर भूल गए हो तो क्या करें
राजस्थान बोर्ड 12वीं रिजल्ट 2026 देखने के लिए रोल नंबर होना अनिवार्य है। यदि कोई छात्र अपना रोल नंबर भूल जाता है, तो वह अपने स्कूल से संपर्क कर इसे प्राप्त कर सकता है। आधिकारिक वेबसाइट पर रिजल्ट चेक करने के लिए रोल नंबर जरूरी होता है, इसके बिना परिणाम देख पाना संभव नहीं है।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
- नीट, जेईई और राज्यवार बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों, बदलावों और परिणामों पर गहन फोकस
- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव


