जयपुर के वेदांत ने UPSC में गाड़ा झंडा, पिता इंजीनियर, मां प्रिंसिपल, दादा रह चुके हैं विश्वविद्यालय के कुलपति
जवाहरनगर जयपुर के वेदांत सिंह धाकड़ ने सिविल सेवा परीक्षा में 392वीं रैंक हासिल की है। उन्होंने किसी बड़े कोचिंग संस्थान की भीड़ का हिस्सा बनने के बजाय 'सेल्फ स्टडी' और तकनीक का सहारा लेकर यह मुकाम हासिल किया है।

कहते हैं कि अगर जड़ों में शिक्षा और संस्कारों का खाद-पानी हो, तो सफलता का वृक्ष विशाल ही होता है। जवाहरनगर जयपुर के वेदांत सिंह धाकड़ ने भारतीय प्रशासनिक सेवा में 392वीं रैंक हासिल कर इस बात को सच कर दिखाया है। वेदांत की यह कामयाबी इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने किसी बड़े कोचिंग संस्थान की भीड़ का हिस्सा बनने के बजाय 'सेल्फ स्टडी' और तकनीक का सहारा लेकर यह मुकाम हासिल किया है।
शानदार शैक्षणिक पृष्ठभूमि और पारिवारिक संबल
वेदांत एक ऐसे परिवार से आते हैं जहां शिक्षा का गहरा प्रभाव है। उनके दादा प्रोफेसर बी.एल. वर्मा, कोटा विश्वविद्यालय के संस्थापक कुलपति रहे हैं। घर में पढ़ाई-लिखाई का माहौल बचपन से ही था। उनके पिता यादवेन्द्र सिंह पेशे से इंजीनियर हैं और माता संध्या गहलोत एक निजी स्कूल में प्रधानाचार्य (प्रिंसिपल) के रूप में शिक्षा की अलख जगा रही हैं।
बीए एलएलबी के बाद प्रशासनिक सेवा का लक्ष्य
वेदांत ने अपनी उच्च शिक्षा बीए एलएलबी, जोधपुर से पूरी की। कानून की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने तय कर लिया था कि उन्हें नीति-निर्माण और प्रशासन के जरिए समाज की सेवा करनी है। वर्तमान में वे दिल्ली-अंडमान निकोबार प्रशासनिक सेवा में एक प्रशिक्षु अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं।
डिजिटल पढ़ाई और घर का कोना बना 'सक्सेस मंत्र'
अक्सर माना जाता है कि यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा के लिए दिल्ली के बड़े संस्थानों में नियमित कोचिंग जरूरी है, लेकिन वेदांत ने इस धारणा को तोड़ दिया। उन्होंने केवल जरूरत के अनुसार ऑनलाइन संसाधनों और डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग किया। किसी भी नियमित कोचिंग क्लास में जाकर समय बिताने के बजाय घर पर ही रहकर एकाग्रता के साथ तैयारी की।
सफलता का संदेश
वेदांत की सफलता उन हजारों युवाओं के लिए मिसाल है जो संसाधनों की कमी या बड़े शहरों में न जा पाने का बहाना बनाते हैं। घर के अनुशासित माहौल और माता-पिता के मार्गदर्शन में उन्होंने साबित कर दिया कि इंटरनेट के दौर में ज्ञान अब केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है।
वेदांत सिंह धाकड़ ने कहा, 'मेरे दादाजी और माता-पिता हमेशा से मेरी प्रेरणा रहे हैं। घर पर रहकर पढ़ाई करने से मुझे खुद का विश्लेषण करने का अधिक समय मिला और ऑनलाइन कोचिंग ने मेरी तैयारी की कमियों को दूर करने में मदद की।'
राजस्थान से सफल हुए युवाओं के नाम
चित्तौड़गढ़ जिले के रावतभाटा निवासी डॉ. अनुज अग्निहोत्री - रैंक 1
बालोतरा - गौरव चौपड़ा 83, जितेंद प्रजापत 287
कोटा - माधवेन्द्र प्रताप सिंह 153
बूंदी - सौरभ शर्मा 146
बांसवाड़ा - निश्चल जैन 119
श्रीगंगानगर - प्रिंस सेठी 313
जयपुर - वेदांत सिंह धाकड़ 392, संभव पाटनी 608
खैरथल तिजारा - बादल यादव 635, नितिश यादव 237
हनुमानगढ़ - गरिमा शर्मा 460
बीकानेर - नीरज तई 180, अदिति अरोड़ा 351, सुनील सिद्ध 533, नमिता सोनी 557, डा. पुरुषोत्तम झोरड़ 691, हिमांशु वर्मा 779
चित्तौड़गढ़ - आनंद मैत्रेय 858।
लेखक के बारे में
Pankaj Vijayपंकज विजय| वरिष्ठ पत्रकार
शॉर्ट बायो पंकज विजय एक वरिष्ठ डिजिटल पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 15 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में livehindustan.com में असिस्टेंट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। वे करियर, स्कूल व हायर एजुकेशन, जॉब्स से जुड़े विषयों पर खबर लेखन और विश्लेषण में विशेषज्ञता रखते हैं। 9 वर्षों से यहां इसी भूमिका में हैं। सरकारी भर्तियों, बोर्ड व एंट्रेंस एग्जाम, प्रतियोगी परीक्षाओं, उनके परिणाम, बदलते दौर में करियर की नई राहों, कोर्स, एडमिशन एवं नए जमाने के रोजगार के लिए जरूरी स्किल्स से जुड़ी अपडेट तेजी से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं।
15 से अधिक सालों का अनुभव
पंकज विजय ने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की। अमर उजाला समाचार पत्र में रिसर्च, संपादकीय और करियर एजुकेशन जॉब्स डेस्क पर काम किया। यहां उन्हें फीचर लेखन व रिपोर्टिंग का भी मौका मिला। इसके बाद उन्होंने आज तक डिजिटल में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। आज तक वेबसाइट पर राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और एजुकेशन व रोजगार जगत से जुड़ी खबरें लिखीं। इसके बाद एनडीटीवी ऑनलाइन में एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर इस विषय में अपनी समझ को और व्यापक बनाया। एनडीटीवी की पारी के बाद वे लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े और बीते 9 वर्षों से करियर एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी), दिल्ली से हिन्दी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा, गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में एमए व दिल्ली यूनिवर्सिटी से इतिहास में बीए ऑनर्स किया है। एनसीसी सी सर्टिफिकेट होल्डर हैं जिसके चलते उन्हें रक्षा क्षेत्र जैसे पुलिस व सेनाओं की भर्तियों की बेहतर समझ है।
विजन
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विशेषज्ञता
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स्कूलिंग के बाद करियर की राहें
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