AI के दौर में B.A.जैसे ग्रेजुएशन की डिग्री के बाद क्या करें? जॉब पाने का विकल्प क्या है
हर साल बीए में सबसे अधिक दाखिले होते हैं। इसकी डिग्री कंप्लीट करने के बाद एआई जैसे क्षेत्र में जॉब पाना मुश्किल हो जाता है। क्योंकि 40 फीसदी कंपनियां ‘हाइब्रिड स्किल’, यानी डिग्री के साथ एआई टूल्स की जानकारी को अनिवार्य मानती हैं।

AI का दौर चल रहा है। इस दौर में काम करने के तरीके में बदलाव आ चुका है। इस दौर में जहां अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल तेजी से हो रहा है, तो वहीं, बीए जैसी पारंपरिक डिग्री के वैल्यू पर भी सवाल उठ रहे हैं। दरअसल, हर साल बीए में सबसे अधिक दाखिले होते हैं। इसकी डिग्री कंप्लीट करने के बाद एआई जैसे क्षेत्र में जॉब पाना मुश्किल हो जाता है। क्योंकि 40 फीसदी कंपनियां ‘हाइब्रिड स्किल’, यानी डिग्री के साथ एआई टूल्स की जानकारी को अनिवार्य मानती हैं। ऐसे में सवाल यह है कि AI के दौर में B.A.जैसे ग्रेजुएशन की डिग्री के बाद क्या करें? ऐसे उम्मीदवारों के लिए जॉब पाने के क्या विकल्प है।
एआई का इस्तेमाल
एक्सपर्स की मानें, तो बीए जैसी पारंपरिक डिग्रियां बेकार नहीं होती हैं। लेकिन उनका स्वरूप बदलना होगा। कंपनियां ऐसे उम्मीदवार चाहती हैं जो अपनी डिग्री के साथ नई तकनीक, खासकर AI का इस्तेमाल करना जानते हों। क्योंकि नौकरी के क्षेत्र में केवल थ्योरी और रटने वाले छात्रों की मांग घट रही है। ऐसे में इन डिग्रियों के साथ-साथ लाइव प्रोजेक्ट पर काम करें। एआई टूल्स सीखें। इसके अलावा सॉफ्टवेयर और वेबसाइट बनाएं।
ऐसे में जो अभी BA या दूसरी डिग्री कर रहे हैं, वे क्या करें?
पहले या दूसरे वर्ष से ही स्किल डेवलपमेंट शुरू करें।
AI टूल्स सीखें।
लाइव प्रोजेक्ट्स पर काम करें।
इंटर्नशिप करें।
इंडस्ट्री की जरूरतों को समझें।
इसके अलावा जब आपकी डिग्री पूरी हो जाए, तो इंटर्नशिप करें। प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट्स पर काम करें और स्थानीय व्यवसायों की समस्याएं एआई से हल करने का प्रयास करें। क्योंकि अगले 3 से 5 साल तक डिग्री की जरूरत बनी रहेगी, लेकिन भविष्य में स्किल और प्रैक्टिकल काम ज्यादा महत्वपूर्ण होंगे। एआई की मदद से सामान्य व्यक्ति की तुलना में कई गुना अधिक उत्पादक बनें।
यदि BA पूरी हो गई है और नौकरी नहीं मिल रही है, तो:
इंटर्नशिप करें।
फ्रीलांस प्रोजेक्ट्स लें।
छोटे स्टार्टअप्स में काम शुरू करें।
स्थानीय व्यवसायों की समस्याओं का समाधान AI की मदद से करने की कोशिश करें।
डिजिटल मार्केटिंग, कंटेंट राइटिंग, डेटा एनालिसिस, HR, कस्टमर सपोर्ट जैसे क्षेत्रों में स्किल्स विकसित करें।
शुरुआत छोटी हो सकती है, लेकिन अनुभव सबसे महत्वपूर्ण होगा।
BA के बाद कौन-सी स्किल्स सीखनी चाहिए?
एआई टूल्स(ChatGPT, Gemini, Claude)
प्रोम्प्ट इंजीनियरिंग
डिजिटल मार्केटिंग
कंटेंट राइटिंग
सोशल मीडिया मार्केटिंग
डेटा एनालिटिक्स
Excel और Power BI
कम्यूनिकेशन स्किल
कहां मिलेगी नौकरी
बता दें कि एआई स्किल्स सीखने पर उम्मीदवारो ं को GCC (Global Capability Centers) और एआई-आधारित कंपनियों में नौकरी आसानी से मिल जाएगी।
लेखक के बारे में
Dheeraj Palसंक्षिप्त विवरण:
धीरज पाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 साल का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान में काम करते हुए इन्हें 4 साल हो गए हैं। धीरज एजुकेशन रिपोर्टर के तौर पर काम कर चुके हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने राजनीति समाचार, एजुकेशन बीट के लिए ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। हिंदुस्तान लाइव में यूपी बोर्ड से लेकर उन्होंने लोकसभा चुनाव कवर करने साथ-साथ खेल जैसे बीट पर काम किया। अब इनका एकमात्र उद्देश्य करियर और एजुकेशन से जुड़ी रुचिगत, सरल, प्रमाणिक और पाठक-हितैषी रूप में प्रस्तुत करना है।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।


