गर्मी ने बिगाड़ा बच्चों का रूटीन, पंजाब में बदला स्कूल टाइम; पटना में क्या हालात
भीषण गर्मी और हीटवेव के बीच पंजाब सरकार ने स्कूलों का समय बदल दिया है। दिल्ली, पटना समेत कई राज्यों में बच्चों को गर्मी से बचाने के लिए नए नियम लागू किए गए हैं।
उत्तर भारत में पड़ रही तेज गर्मी अब सिर्फ लोगों की सेहत ही नहीं, बच्चों की पढ़ाई पर भी असर डाल रही है। पंजाब से लेकर बिहार और दिल्ली तक कई राज्यों में स्कूलों के समय बदल दिए गए हैं ताकि बच्चे दोपहर की खतरनाक गर्मी से बच सकें। मौसम विभाग की लगातार चेतावनियों के बाद प्रशासन अब एहतियाती कदम उठाने में जुट गया है।
पंजाब सरकार ने बदला स्कूलों का समय
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 22 मई को बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि राज्य के सभी स्कूल अब सुबह 7:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक ही चलेंगे। यह नया समय 25 मई 2026 यानी सोमवार से लागू होगा। मुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर जानकारी देते हुए कहा कि बढ़ती गर्मी को देखते हुए यह फैसला लिया गया है ताकि बच्चों को तेज धूप और लू से बचाया जा सके। सरकार ने साफ किया है कि यह नियम सभी कक्षाओं पर लागू होगा।
दिल्ली में बच्चों को बार-बार पानी पीने की सलाह
राजधानी दिल्ली में भी स्कूलों को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है। स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि हर 45 से 60 मिनट में घंटी बजाकर बच्चों को पानी पीने की याद दिलाई जाए। इसके अलावा सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक आउटडोर गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है। खेलकूद, असेंबली और धूप में होने वाले कार्यक्रम फिलहाल बंद कर दिए गए हैं। स्कूलों को हीटवेव एक्शन प्लान के तहत पालन रिपोर्ट भी जमा करनी होगी।
पटना में छोटे बच्चों की क्लास बंद
पटना जिला प्रशासन ने भी गर्मी को देखते हुए बड़ा कदम उठाया है। जिला मजिस्ट्रेट डॉ. त्यागराजन एस.एम. के आदेश के मुताबिक कक्षा 5 तक के छात्रों की पढ़ाई फिलहाल रोक दी गई है। वहीं कक्षा 6 से 8 तक के बच्चों को सुबह 10:30 बजे के बाद स्कूल में रुकने की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन का यह आदेश 22 मई से 26 मई 2026 तक लागू रहेगा। यह फैसला भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की धारा 163 के तहत लिया गया है।
मौसम विभाग ने जारी किया हीटवेव अलर्ट
मौसम विज्ञान विभाग यानी आईएमडी पहले ही दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य भारत के कई इलाकों में हीटवेव अलर्ट जारी कर चुका है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी गर्म और सूखा मौसम जारी रह सकता है। लगातार बढ़ते तापमान की वजह से बच्चों में डिहाइड्रेशन, थकान और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ रहा है। यही वजह है कि कई राज्य या तो स्कूलों का समय बदल रहे हैं या फिर गर्मी की छुट्टियों का ऐलान कर रहे हैं।
स्कूलों में सुरक्षा पर बढ़ा फोकस
इस बार प्रशासन सिर्फ छुट्टियों तक सीमित नहीं है, बल्कि स्कूलों के अंदर भी सुरक्षा उपाय लागू किए जा रहे हैं। बच्चों को ज्यादा पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और धूप से बचने की सलाह दी जा रही है। कई स्कूलों ने अभिभावकों को भी एडवाइजरी भेजी है कि बच्चे खाली पेट स्कूल न आएं और पानी की बोतल साथ लेकर जरूर आएं। डॉक्टर भी लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि दोपहर की तेज धूप बच्चों के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक साबित हो सकती है।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
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हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
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हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
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काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
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