'ऑफिस में सब परफेक्ट करूं', Amazon की महिला कर्मचारी ने क्यों छोड़ी ये आदत
दीपिका का मैसेज उन कर्मचारियों के लिए प्रेरणा बन रहा है जो लगातार काम के दबाव और 'हमेशा उपलब्ध रहने' की संस्कृति से जूझ रहे हैं। उनकी पोस्ट यह याद दिलाती है कि करियर में सफलता के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य और व्यक्तिगत संतुलन भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

आज कॉर्पोरेट कंपनियों में कर्मचारियों के बीच एक दूसरे से बढचढ़ प्रदर्शन करने की अंधी दौड़ है। कई कर्मी खुद को साबित करने के लिए हर समय उपलब्ध रहने, हर काम के लिए तुरंत हां कहने और लगातार बेहतर प्रदर्शन करने के दबाव में रहते हैं। ये अस्वस्थ प्रतियोगिता उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल रही है। वे तनाव में रहते हैं। वर्क लाइफ बैलेंस बिगड़ रहा है। इस स्थिति से परेशान होकर हैदराबाद में अमेजन में काम करने वाली एक महिला कर्मचारी ने इस सोच को बदलने का फैसला किया है। उनकी एक सोशल मीडिया पोस्ट इन दिनों लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
दीपिका नाम की इस कर्मचारी ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने बताया कि मानसिक शांति बनाए रखने के लिए उन्होंने ऑफिसर में कुछ आदतों को छोड़ दिया है। वीडियो पर लिखा था, 'काम पर अपनी मानसिक शांति बचाने के लिए मैंने ये चीजें करना बंद कर दिया है।'
हर समय खुद को साबित करने की जरूरत नहीं
वीडियो के कैप्शन में दीपिका ने लिखा, "मेरी मानसिक शांति, खुद को साबित करने से ज्यादा महत्वपूर्ण है। पहले मुझे लगता था कि काम में परफेक्ट होने का मतलब हर चीज के लिए हां कहना और 24 घंटे उपलब्ध रहना है। लेकिन अब मुझे एहसास हो रहा है कि करियर के लिए सबसे अच्छा कदम सख्त सीमाएं तय करना है।"
उन्होंने बताया कि अब वे हर मैसेज का तुरंत जवाब देने के दबाव में नहीं रहतीं। उनके अनुसार लगातार तुरंत प्रतिक्रिया देने की अपेक्षा कर्मचारियों पर अनावश्यक तनाव बढ़ाती है।
अपनी क्षमता देखकर ही लेती हैं नया काम
दीपिका ने कहा कि अब वे कोई नया काम स्वीकार करने से पहले अपनी जिम्मेदारियों का आकलन करती हैं। यदि उनके पास पहले से पर्याप्त काम है, तो वे बिना सोचे-समझे हां नहीं कहतीं।
Amazon की कर्मचारी ने कहा कि उन्होंने छोटी-छोटी बातों के लिए खुद को ज्यादा समझाना भी बंद कर दिया है और सीखा है कि कभी-कभी चुप रहना भी ठीक है। उन्होंने लिखा, "चुप्पी ठीक है: मुझे अब छोटी-छोटी बातों के लिए खुद को ज्यादा समझाने की जरूरत महसूस नहीं होती।"
काम खत्म तो तनाव भी खत्म
दीपिका ने अपनी एक और महत्वपूर्ण आदत का जिक्र करते हुए कहा कि अब वे काम खत्म होने के बाद लैपटॉप के साथ-साथ काम का तनाव भी बंद कर देती हैं। उनका मानना है कि ऑफिस के बाद का समय व्यक्तिगत जीवन और मानसिक स्वास्थ्य के लिए होना चाहिए।
इसके अलावा उन्होंने करियर की तुलना दूसरों से करना भी छोड़ दिया है। उनके मुताबिक हर व्यक्ति की पेशेवर यात्रा अलग होती है और सफलता की कोई एक तय समय-सीमा नहीं होती।
दीपिका ने कहा कि अब यदि किसी काम को लेकर निर्देश स्पष्ट नहीं होते, तो वे अनुमान लगाने के बजाय सीधे सवाल पूछती हैं। इससे अनावश्यक तनाव और गलतफहमियों से बचा जा सकता है।
पोस्ट के अंत में उन्होंने लिखा, "ये सीमाएं तय करना कम काम करने के बारे में नहीं है, बल्कि बेहतर तरीके से काम करने और अपनी मानसिक संतुलन बनाए रखने के बारे में है।"
सोशल मीडिया पर लोगों ने किया समर्थन
दीपिका की इस पोस्ट को सोशल मीडिया पर कई लोगों ने सराहा। कई यूजर्स ने इसे अपने अनुभवों से जुड़ा बताया। एक यूजर ने लिखा, "मैं आपकी बात से पूरी तरह सहमत हूं।" वहीं दूसरे ने कहा, "यह आज के समय में बहुत जरूरी मैसेज है।"
लेखक के बारे में
Pankaj Vijayपंकज विजय| वरिष्ठ पत्रकार
शॉर्ट बायो पंकज विजय एक वरिष्ठ डिजिटल पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 15 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में livehindustan.com में असिस्टेंट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। वे करियर, स्कूल व हायर एजुकेशन, जॉब्स से जुड़े विषयों पर खबर लेखन और विश्लेषण में विशेषज्ञता रखते हैं। 9 वर्षों से यहां इसी भूमिका में हैं। सरकारी भर्तियों, बोर्ड व एंट्रेंस एग्जाम, प्रतियोगी परीक्षाओं, उनके परिणाम, बदलते दौर में करियर की नई राहों, कोर्स, एडमिशन एवं नए जमाने के रोजगार के लिए जरूरी स्किल्स से जुड़ी अपडेट तेजी से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं।
15 से अधिक सालों का अनुभव
पंकज विजय ने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की। अमर उजाला समाचार पत्र में रिसर्च, संपादकीय और करियर एजुकेशन जॉब्स डेस्क पर काम किया। यहां उन्हें फीचर लेखन व रिपोर्टिंग का भी मौका मिला। इसके बाद उन्होंने आज तक डिजिटल में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। आज तक वेबसाइट पर राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और एजुकेशन व रोजगार जगत से जुड़ी खबरें लिखीं। इसके बाद एनडीटीवी ऑनलाइन में एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर इस विषय में अपनी समझ को और व्यापक बनाया। एनडीटीवी की पारी के बाद वे लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े और बीते 9 वर्षों से करियर एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी), दिल्ली से हिन्दी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा, गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में एमए व दिल्ली यूनिवर्सिटी से इतिहास में बीए ऑनर्स किया है। एनसीसी सी सर्टिफिकेट होल्डर हैं जिसके चलते उन्हें रक्षा क्षेत्र जैसे पुलिस व सेनाओं की भर्तियों की बेहतर समझ है।
विजन
तमाम तरह के करियर, स्कूल एजुकेशन, हायर एजुकेशन, भर्तियों, प्रतियोगी परीक्षाओं, एंट्रेंस एग्जाम, नौकरी के लिए जरूरी स्किल्स एवं बेरोजगार युवाओं के मुद्दों को लेकर पंकज के पास गहरी समझ है। उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के कई टॉपरों के इंटरव्यू किए हैं। उनकी लिखी सक्सेस स्टोरीज युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को प्रेरित करती रही हैं। पंकज का मानना है कि विश्वसनीयता, पारदर्शिता और तथ्यपरकता ही पत्रकारिता की असली ताकत है। उनका लक्ष्य स्कूली छात्रों व बेहतर करियर एवं सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को आसान भाषा में सटीक, तेज और भरोसेमंद जानकारी देना है।
विशेषज्ञता
तमाम तरह की सरकारी भर्तियां, परीक्षाएं व उनके परिणाम
स्कूल एजुकेशन, हायर एजुकेशन, कोर्स, एडमिशन से जुड़े विषय
बोर्ड रिजल्ट लाइव कवरेज और शिक्षा एवं रोजगार जगत संबंधी ब्रेकिंग
स्कूलिंग के बाद करियर की राहें
यूपीएससी, जेईई मेन व नीट जैसी बड़ी परीक्षाओं के टॉपरों के इंटरव्यू
छात्रों के ज्ञान के लिए रिसर्च बेस्ड और एक्सप्लेनर स्टोरी


