प्रकर्ष और सोनल बने CSIR UGC NET के 2nd टॉपर, एलयू में जेआरएफ नेट और पीएचडी समेत 48 ने मारी बाजी
एलयू प्राणिविज्ञान विभाग के एमएससी तृतीय सेमेस्टर के विद्यार्थी प्रकर्ष मनोहर ने CSIR NET के लाइफ साइंसेज, जबकि भूविज्ञान विभाग की शोधार्थी सोनल शुक्ला ने अर्थ साइंसेज में एआईआर-2 हासिल की।

सीएसआईआर-यूजीसी नेट/जेआरएफ जून 2026 के परिणामों में लखनऊ विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अकादमिक एवं शोध क्षमता का परचम लहराया है। विश्वविद्यालय के दो अभ्यर्थियों ने अलग-अलग विषयों में अखिल भारतीय रैंक (एआईआर) में दूसरी रैंक हासिल कर संस्थान का गौरव बढ़ाया है। प्राणिविज्ञान विभाग के एमएससी तृतीय सेमेस्टर के विद्यार्थी प्रकर्ष मनोहर ने लाइफ साइंसेज, जबकि भूविज्ञान विभाग की शोधार्थी सोनल शुक्ला ने अर्थ साइंसेज में एआईआर-2 हासिल की। इसके अलावा जेआरएफ, नेट और पीएचडी क्वालिफाइड/अन्य श्रेणियों को मिलाकर विश्वविद्यालय के 48 विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों ने सफलता हासिल की है।
एमएससी के दौरान प्रकर्ष ने हासिल की एआईआर-2: प्राणिविज्ञान विभाग के एमएससी तृतीय सेमेस्टर के विद्यार्थी प्रकर्ष मनोहर की उपलब्धि विशेष रूप से उल्लेखनीय है। उन्होंने स्नातकोत्तर की पढ़ाई के दौरान ही लाइफ साइंसेज में एआईआर-2 हासिल की। राष्ट्रीय स्तर की अत्यंत प्रतिस्पर्धी परीक्षा में यह प्रदर्शन उनकी प्रतिभा, मेहनत और निरंतर तैयारी को दर्शाता है। वहीं, भूविज्ञान विभाग की शोधार्थी सोनल शुक्ला ने अर्थ साइंसेज में एआईआर-2 हासिल कर विश्वविद्यालय का मान बढ़ाया।
ये बने मेधावी, देश में मिली दूसरी रैंक
1. प्राणिविज्ञान विभाग के एमएससी तृतीय सेमेस्टर के प्रकर्ष मनोहर को लाइफ साइंस में दूसरी रैंक
2. भूविज्ञान विभाग की शोधार्थी सोनल शुक्ला ने अर्थ साइंस में एआईआर-2 हासिल की
विद्यार्थियों ने नेट और पीएचडी श्रेणी में भी सफलता पाई :
विश्वविद्यालय के 15 अभ्यर्थियों ने नेट तथा 20 अभ्यर्थियों ने पीएचडी क्वालिफाइड/अन्य श्रेणियों में सफलता हासिल की। इसके अलावा आदर्श शुक्ला ने फिजिकल साइंसेज में सीएसआईआर-यूजीसी और नेट क्वालीफाई किया। विभिन्न श्रेणियों में मिली सफलता ने विश्वविद्यालय के मजबूत अकादमिक एवं शोध वातावरण को रेखांकित किया है।
कुलपति ने दी सफल अभ्यर्थियों को बधाई
कुलपति प्रो. जे. पी. सैनी ने सफल विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सीएसआईआर-यूजीसी नेट/जेआरएफ जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धी परीक्षा में विद्यार्थियों की सफलता विवि की मजबूत अकादमिक एवं शोध संस्कृति का प्रमाण है। उन्होंने प्रकर्ष मनोहर और सोनल शुक्ला की एआईआर-2 उपलब्धि को पूरे विश्वविद्यालय के लिए गौरव का क्षण बताया। कुलपति प्रो. जे. पी. सैनी ने शाम को मंथन कक्ष में सफल विद्यार्थियों व शोधार्थियों से मुलाकात की। उन्होंने मेधावियों का उत्साहवर्धन किया, बधाई दी।
जेआरएफ में 13 अभ्यर्थियों ने मारी बाजी
जेआरएफ में विश्वविद्यालय के 13 अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल की। प्राणिविज्ञान विभाग से प्रकर्ष मनोहर (लाइफ साइंसेज, एआईआर-2), अनीशा यादव (एआईआर-33), अदिति श्रीवास्तव (एआईआर-87), सैफ सिद्दीकी (एआईआर-89), युवराज और आकांक्षा सिंह (एआईआर-122) सफल रहे। वनस्पति विज्ञान विभाग से भागर्वी पाण्डेय (लाइफ साइंसेज, एआईआर-13) और प्राची सिंह (एआईआर-96) ने जेआरएफ हासिल किया। भूविज्ञान विभाग से सोनल शुक्ला (अर्थ साइंसेज, एआईआर-2) और निशांत शुक्ला (एआईआर-19) सफल रहे। गणित विभाग के आशीष प्रताप सिंह (मैथमेटिकल साइंसेज, एआईआर-104) और सुजीत कुमार (एआईआर-161) ने भी सफलता पाई। जैव रसायन विभाग की विदिशा शाक्य ने भी जेआरएफ क्वालीफाई किया। सभी उत्तीर्ण विद्यार्थियों के चेहरे पर खुशी की लहर दिखी एवं सभी का लक्ष्य अब भविष्य पर है।


