PM रिसर्च चेयर स्कीम 2026 के लिए आवेदन की तारीख बढ़ी, जानें नई लास्ट डेट और पूरी डिटेल
PMRC 2026 के लिए आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट pmrc.education.gov.in पर जाना होगा। इस योजना के आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 15 अगस्त 2026 कर दी गई है।

PM रिसर्च चेयर (PMRC) स्कीम 2026 के लिए आवेदन करने वालों के लिए अच्छी खबर हैं, क्योंकि इस योजना के अप्लाई की अंतिम तिथि बढ़ाकर 15 अगस्त 2026 कर दी गई है। पात्र उम्मीदवार अब PMRC के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा शुरू की गई PM रिसर्च चेयर स्कीम का उद्देश्य दुनियाभर में कार्यरत भारतीय मूल के प्रतिष्ठित शोधकर्ताओं, वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों को भारत में शोध और नवाचार (रिसर्च एंड इनोवेशन) को बढ़ावा देने के लिए जोड़ना है।
यह योजना 13 महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर केंद्रित है, जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, साइबर सुरक्षा, बायोटेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर, स्पेस, रक्षा, ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन, कृषि तकनीक और एडवांस्ड मटेरियल।
PM रिसर्च चेयर स्कीम 2026: किन-किन श्रेणियों में होगा चयन?
PM रिसर्च चेयर स्कीम के तहत वर्ष 2026-27 से 2030-31 के बीच कम से कम 120 शोधकर्ताओं को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए उम्मीदवारों का चयन तीन श्रेणियों में किया जाएगा।
यंग रिसर्च फेलो (YRF): ऐसे भारतीय मूल के शोधकर्ता, जिन्होंने पीएचडी पूरी करने के बाद विदेश में 5 वर्ष तक शोध या कार्य का अनुभव हासिल किया हो।
सीनियर फेलो (SF): ऐसे उम्मीदवार, जिनके पास पीएचडी के बाद विदेश में 5 से 10 वर्ष से कम का शोध अनुभव हो।
रिसर्च चेयर (RC): ऐसे अनुभवी शोधकर्ता, जिनके पास पीएचडी के बाद विदेश में 10 वर्ष या उससे अधिक का शोध अनुभव हो।
कैसे करें आवेदन
PMRC 2026 के लिए आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट pmrc.education.gov.in पर जाना होगा। इसके बाद उन्हें सभी जरूरी दस्तावेज तैयार करने होंगे, जिनमें उनका बायोडाटा (CV), शैक्षणिक योग्यता और पूर्व कार्य का प्रमाण, नागरिकता संबंधी जानकारी, शोध कार्यों का विवरण और पसंदीदा होस्ट संस्थान की जानकारी शामिल है। सभी दस्तावेज तैयार करने के बाद उम्मीदवार ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरकर उसे पोर्टल के माध्यम से जमा कर सकते हैं।
PM रिसर्च चेयर स्कीम 2026: कितनी मिलेगी आर्थिक सहायता?
PM रिसर्च चेयर स्कीम के तहत चयनित शोधकर्ताओं को फेलोशिप के साथ-साथ रिसर्च और अन्य जरूरी खर्चों के लिए व्यापक वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसमें फेलोशिप राशि, रिसर्च ग्रांट, स्थानांतरण (Relocation) सहायता, मेडिकल भत्ता और संस्थान को मिलने वाला प्रशासनिक खर्च शामिल है।
फेलोशिप: श्रेणी के अनुसार हर साल 15 लाख रुपये से 60 लाख रुपये तक।
रिसर्च ग्रांट: शोध कार्य के लिए अधिकतम 5 करोड़ रुपये तक की एकमुश्त (One-time) सहायता, जो श्रेणी के अनुसार दी जाएगी।
अन्य सुविधाएं: योजना के नियमों के अनुसार स्थानांतरण सहायता (Relocation Support), मेडिकल भत्ता, संचालन संबंधी खर्च (Operational Support) और अन्य आवश्यक वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।
PM रिसर्च चेयर स्कीम 2026: कौन कर सकता है आवेदन?
भारतीय मूल के शोधकर्ता, जिनमें भारतीय नागरिक, ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (OCI) और पर्सन ऑफ इंडियन ओरिजिन (PIO) शामिल हैं।
ऐसे विशेषज्ञ और शोधकर्ता, जो विदेश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों, रिसर्च लैब, उद्योगों या अनुसंधान एवं विकास संस्थानों में कार्यरत हैं।
भारत में रह रहे उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते हैं, बशर्ते वे योजना की सभी पात्रता शर्तों को पूरा करते हों।
चयनित उम्मीदवारों को भारत के निर्धारित होस्ट संस्थानों में व्यक्तिगत रूप से (ऑफलाइन) कार्य करना होगा। उनका कार्यकाल अधिकतम 5 वर्ष का होगा, जिसे उनके प्रदर्शन के आधार पर जारी रखा जाएगा।
आवेदन करने वाले उम्मीदवारों का शैक्षणिक रिकॉर्ड और शोध कार्य उत्कृष्ट होना चाहिए। साथ ही उनके नाम पर रिसर्च पेपर (Publications), पेटेंट, रिसर्च सिटेशन और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान जैसी उपलब्धियां भी होनी चाहिए।
PM रिसर्च चेयर स्कीम 2026: चयनित फेलोज की क्या होंगी जिम्मेदारियां?
PM रिसर्च चेयर स्कीम के तहत चयनित फेलोज को कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभानी होंगी। इनमें शामिल हैं:
होस्ट संस्थान के साथ मिलकर महत्वपूर्ण और उच्च गुणवत्ता वाले शोध (रिसर्च) करना।
छात्रों के लिए पढ़ाई और नए अकादमिक कोर्स तैयार करने में सहयोग देना।
पीएचडी, पोस्टडॉक्टोरल और पोस्टग्रेजुएट (PG) छात्रों का मार्गदर्शन (मेंटोरिंग) करना।
भारत और विदेश के संस्थानों के बीच अंतरराष्ट्रीय रिसर्च सहयोग और उद्योगों (इंडस्ट्री) के साथ साझेदारी को बढ़ावा देना।
शोध से जुड़े पेटेंट, नवाचार (Innovation) और रिसर्च के व्यावसायिक उपयोग में योगदान देना।
समय-समय पर अपने कार्य की प्रगति रिपोर्ट जमा करना और परफॉर्मेंस मूल्यांकन में भाग लेना।
लेखक के बारे में
Dheeraj Palसंक्षिप्त विवरण:
धीरज पाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 साल का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान में काम करते हुए इन्हें 4 साल हो गए हैं। धीरज एजुकेशन रिपोर्टर के तौर पर काम कर चुके हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने राजनीति समाचार, एजुकेशन बीट के लिए ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। हिंदुस्तान लाइव में यूपी बोर्ड से लेकर उन्होंने लोकसभा चुनाव कवर करने साथ-साथ खेल जैसे बीट पर काम किया। अब इनका एकमात्र उद्देश्य करियर और एजुकेशन से जुड़ी रुचिगत, सरल, प्रमाणिक और पाठक-हितैषी रूप में प्रस्तुत करना है।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।
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