PhD : भारतीय छात्रा को विश्व की बेस्ट यूनिवर्सिटी से मिली 2 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप, नहीं भरना चाहती थीं फॉर्म
वैष्णवी रामालिंगम को दुनिया की बेस्ट यूनिवर्सिटी ऑक्सफोर्ड में पीएचडी करने के लिए लगभग 2 करोड़ प्रतिष्ठित स्कॉलरशिप मिली है। वैष्णवी ने बताया कि यह कामयाबी उन्हें कई महीनों तक रिजेक्शन झेलने के बाद मिली है।

बड़ी कामयाबी की शुरुआत असफलताओं से ही होती है। अगर आप किसी मुश्किल लक्ष्य को पाने के लिए बार बार प्रयास करते हैं तो यह पक्का है कि एक दिन उसे आप पा ही लेंगे। वैष्णवी रामालिंगम की कहानी युवाओं को यही सीख देती है। दुनिया की बेस्ट यूनिवर्सिटी ऑक्सफोर्ड में पीएचडी करने के लिए लगभग 2 करोड़ ( 157000 पाउंड ) की प्रतिष्ठित स्कॉलरशिप मिलने पर भारतीय छात्रा वैष्णवी रामालिंगम ने खुशी जाहिर की की हैं। वैष्णवी रामलिंगम ने बताया कि यह कामयाबी उन्हें कई महीनों तक रिजेक्शन झेलने के बाद मिली है। कई बार रिजेक्ट होने के बाद वह इस बार फॉर्म नहीं भरने वाली थी। आपको बता दें कि ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी टाइम और टाइम्स हायर एजुकेशन वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में रैंक 1 पर है। जबकि क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग में यह चौथे पायदान पर है।
इंस्टाग्राम पर वैष्णवी ने एक वीडियो शेयर किया है जिसमें ऑक्सफोर्ड स्कॉलरशिप मिलने की खबर सुनकर उनकी खुशी और भावनाएं दिखाई दे रही हैं। क्लिप पर लिखा था, 'फर्स्ट जनरेशन ग्रेजुएट होने के नाते अपनी PhD के लिए लगभग 2 करोड़ की ऑक्सफोर्ड स्कॉलरशिप मिलना।'
कैप्शन में वैष्णवी ने अपने सफर और उस पल के बारे में बताया जब उन्हें यह खबर मिली। उन्होंने लिखा, 'सोचिए, मैंने जो भी कोशिश की उसमें 8 महीने तक सिर्फ रिजेक्शन ही मिला और जिस एक चीज की मुझे सबसे कम उम्मीद थी (लेकिन जिसे मैं सबसे ज्यादा चाहती थी), जिसके लिए मैंने लगभग अप्लाई भी नहीं किया था, वही मेरे लिए सच हो गई? मुझे नहीं लगता कि उस ईमेल को पढ़कर मुझे जो महसूस हुआ, उसे मैं कभी शब्दों में बयां कर पाऊंगी।'
उन्होंने आगे कहा, 'कायनात ही आपके लिए रास्ते बनाती है।' बार एंड बेंच की एक रिपोर्ट के मुताबिक वैष्णवी को ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी से लॉ में पूरी तरह से फंडेड डीफिल (पीएचडी) करने के लिए क्लेरेंडन स्कॉलरशिप दी गई है। गौरतलब है कि लगभग 2 करोड़ की क्लेरेंडन स्कॉलरशिप दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित ग्रेजुएट स्कॉलरशिप में से एक है। यह असाधारण एकेडमिक उपलब्धि और रिसर्च की क्षमता के आधार पर दी जाती है।
पब्लिक रिकॉर्ड का हवाला देते हुए रिपोर्ट में बताया गया है कि वैष्णवी लॉ में डीफिल के लिए क्लेरेंडन स्कॉलरशिप पाने वाली पहली भारतीय महिला हैं। इससे पहले यह स्कॉलरशिप पाने वाले भारतीयों में गौतम भाटिया (2018), निरंजन वेंकटेशन (2014) और शिवप्रसाद स्वामीनाथन (2008) शामिल हैं।
कहां से पढ़ी हैं वैष्णवी
रिपोर्ट के अनुसार वैष्णवी ने सिम्बायोसिस लॉ स्कूल, पुणे से बीए एलएलबी ऑनर्स की पढ़ाई पूरी की। बाद में उन्होंने नीदरलैंड्स की लीडेन यूनिवर्सिटी में 'लीडेन यूनिवर्सिटी एक्सीलेंस स्कॉलरशिप' (LExS) पर इंटरनेशनल चिल्ड्रन्स राइट्स में एडवांस्ड एलएलएम किया। पहली पीढ़ी की ग्रेजुएट के तौर पर अपने अनुभव के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह सफर अक्सर अकेलेपन से भरा होता है। उन्होंने कहा, "बिना किसी साफ रोडमैप या गाइड के परिवार में पहली बार ऐसी नई जगहों पर आगे बढ़ना बहुत अकेलापन भरा हो सकता है, अक्सर ऐसा लगता है कि दूसरों के पास ऐसी जानकारी और गाइडेंस है जो आपके लिए बिल्कुल नई है, और जो चीजें आपको अनजान या पहुंच से बाहर लगती हैं, वे किसी और के लिए रोजमर्रा की बातचीत का हिस्सा होती हैं।'
प्रोफेसरों को दिया श्रेय
वैष्णवी ने ऑक्सफोर्ड में अप्लाई करने के लिए प्रोत्साहित करने का श्रेय लीडेन यूनिवर्सिटी के अपने प्रोफेसरों को दिया। उन्होंने कहा, 'उन्होंने मुझमें मुझसे कहीं पहले ही काबिलियत देख ली थी और इस तरह का भरोसा बहुत बड़ा फर्क ला सकता है, खासकर पहली पीढ़ी के छात्रों के लिए। सच कहूं तो, अगर उनका सपोर्ट और प्रोत्साहन न होता, तो मैं शायद ऑक्सफोर्ड में अप्लाई ही नहीं करती।'
खुद को कम न समझें
फर्स्ट जनरेशन के अन्य ग्रेजुएट को संबोधित करते हुए वैष्णवी ने उनसे आग्रह किया कि वे उन मौकों को खुद से दूर न समझें जो पहुंच से बाहर लग सकते हैं। उन्होंने 'बार एंड बेंच' से कहा, 'हम अक्सर ऑक्सफोर्ड जैसी जगहों पर जाने की कोशिश करने से पहले ही खुद को रिजेक्ट कर लेते हैं, क्योंकि वे दूर या अनजान लगती हैं। उन क्षेत्रों पर डटे रहें जिनके बारे में आप जुनूनी हैं, चाहे वे कितने भी खास या अलग क्यों न लगें, और खुद को चुने जाने का मौका दें। मुझे खुशी है कि मैंने यह मौका लिया इसलिए कृपया खुद को कम न समझें।'
सोशल मीडिया पर जमकर बधाई
इस बीच वैष्णवी की इंस्टाग्राम पोस्ट पर सोशल मीडिया यूज़र्स से सपोर्ट के मैसेज मिले, जिसमें खुद ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी भी शामिल थी। यूनिवर्सिटी ने कमेंट किया, 'बधाई हो! ऑक्सफोर्ड में आपका स्वागत है।' एक यूजर ने कमेंट किया, 'मुझे नहीं पता कि आप कौन हैं... लेकिन मुझे आपकी उपलब्धियों पर बहुत ज़्यादा गर्व है।' एक और यूजर ने लिखा, 'आपको जीतते हुए देखना बहुत अपनापन महसूस कराता है! बधाई हो।" एक तीसरे यूजर ने कमेंट किया, 'बधाई हो! यह तो बस शुरुआत है, आगे और भी सफलता मिलेगी!'
लेखक के बारे में
Pankaj Vijayपंकज विजय| वरिष्ठ पत्रकार
शॉर्ट बायो पंकज विजय एक वरिष्ठ डिजिटल पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 15 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में livehindustan.com में असिस्टेंट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। वे करियर, स्कूल व हायर एजुकेशन, जॉब्स से जुड़े विषयों पर खबर लेखन और विश्लेषण में विशेषज्ञता रखते हैं। 9 वर्षों से यहां इसी भूमिका में हैं। सरकारी भर्तियों, बोर्ड व एंट्रेंस एग्जाम, प्रतियोगी परीक्षाओं, उनके परिणाम, बदलते दौर में करियर की नई राहों, कोर्स, एडमिशन एवं नए जमाने के रोजगार के लिए जरूरी स्किल्स से जुड़ी अपडेट तेजी से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं।
15 से अधिक सालों का अनुभव
पंकज विजय ने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की। अमर उजाला समाचार पत्र में रिसर्च, संपादकीय और करियर एजुकेशन जॉब्स डेस्क पर काम किया। यहां उन्हें फीचर लेखन व रिपोर्टिंग का भी मौका मिला। इसके बाद उन्होंने आज तक डिजिटल में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। आज तक वेबसाइट पर राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और एजुकेशन व रोजगार जगत से जुड़ी खबरें लिखीं। इसके बाद एनडीटीवी ऑनलाइन में एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर इस विषय में अपनी समझ को और व्यापक बनाया। एनडीटीवी की पारी के बाद वे लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े और बीते 9 वर्षों से करियर एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी), दिल्ली से हिन्दी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा, गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में एमए व दिल्ली यूनिवर्सिटी से इतिहास में बीए ऑनर्स किया है। एनसीसी सी सर्टिफिकेट होल्डर हैं जिसके चलते उन्हें रक्षा क्षेत्र जैसे पुलिस व सेनाओं की भर्तियों की बेहतर समझ है।
विजन
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विशेषज्ञता
तमाम तरह की सरकारी भर्तियां, परीक्षाएं व उनके परिणाम
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बोर्ड रिजल्ट लाइव कवरेज और शिक्षा एवं रोजगार जगत संबंधी ब्रेकिंग
स्कूलिंग के बाद करियर की राहें
यूपीएससी, जेईई मेन व नीट जैसी बड़ी परीक्षाओं के टॉपरों के इंटरव्यू
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