PhD : बीएचयू में लड़की ने डेढ़ साल में कैसे कर ली पीएचडी,शोध छोड़ नौकरी भी की, उठे गंभीर सवाल
BHU कुलपति को लिखे गए पत्र में प्रो. नेरलीकर ने आरोप लगाया कि वर्ष 2019 में एक छात्रा ने महज डेढ़ साल में पीएचडी पूरी कर ली। वह ज्यादातर समय अनुपस्थित रही। यही नहीं, उसने शोधकार्य छोड़ नौकरी ज्वाइन कर ली।

BHU PhD : बीएचयू में पीएचडी सबमिशन का एक मामला विवादों के घेरे में है। कला संकाय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग से जुड़े प्रकरण की शिकायत पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. शोभना नेरलीकर ने कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी से की। उन्होंने मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की। कुलपति को लिखे गए पत्र में प्रो. नेरलीकर ने आरोप लगाया कि वर्ष 2019 में विभाग की एक छात्रा ने महज डेढ़ साल में पीएचडी पूरी कर ली। वह ज्यादातर समय अनुपस्थित रही। यही नहीं, उसने शोधकार्य छोड़ नौकरी ज्वाइन कर ली।
इस बीच, 30 जुलाई को डीआरसी ने उसके चौथे से आठवें सेमेस्टर की प्रोग्रेस रिपोर्ट जमा कराकर उसे अप्रूव कर दिया। एचओडी प्रो. ज्ञानप्रकाश मिश्र ने कहा कि उप कुलसचिव की ओर से 10 जुलाई को अग्रसारित पत्र के आधार पर छात्रा की रिपोर्ट डीआरसी ने अनुमोदित कर दी। छात्रा के अभिलेख मांगे गए हैं।
बीएचयू पीजी - मेन कैंपस में 82 तो कॉलेजों में 54% दाखिला
बीएचयू में इस सत्र के पीजी प्रवेश पूरे हो चुके हैं। रिपोर्ट कार्ड भी जारी हो गया है। ओवरऑल सीटों में बीएचयू में लगभग 85 फीसदी सीटों पर प्रवेश हुए हैं। मुख्य परिसर का प्रवेश प्रतिशत 82 है मगर संबद्ध कॉलेजों को इस बार उम्मीद से कम प्रवेश मिले। कॉलेजों का कुल प्रतिशत 54 का आंकड़ा ही छू सका है। हालांकि 7 अगस्त को संपन्न हुए मॉप अप राउंड में कुछ और सीटें भरी गई हैं मगर इनका आंकड़ा अब तक नहीं मिल सका है। माना जा रहा है कि इस आंकड़े से ओवरऑल प्रवेश रिपोर्ट कार्ड में मामूली अंतर ही आएगा। बीएचयू से जारी आंकड़ों के मुताबिक मुख्य और दक्षिणी परिसर में प्रवेश के लिए छात्रों का रुझान ज्यादा रहा जबकि संबद्ध कॉलेजों में पढ़ाई के लिए छात्र कम उत्साहित दिखे। जबकि बीएचयू से संबद्ध चार कॉलेजों में तीन सिर्फ छात्राओं के लिए हैं। आंकड़ों में भी यह दिखता है। मुख्य परिसर के बाद सबसे ज्यादा प्रवेश राजघाट स्थित वसंत महिला महाविद्यालय को मिले हैं। यहां कुल 613 पीजी सीटों में 368 भर ली गई हैं। प्रवेश प्रतिशत 60.03 है।
534 सीटों की उपलब्धता वाले आर्यमहिला पीजी कॉलेज के आंकड़े सबसे कम हैं। यहां 534 सीटों पर 246 छात्राओं के प्रवेश हुए हैं। यहां मात्र 46.07 प्रतिशत प्रवेश हुए। डीएवी पीजी कॉलेज की 410 सीटों पर 237 और वसंत कन्या महाविद्यालय की 396 सीटों में 209 भरी गई हैं। मुख्य और दक्षिणी परिसर में कुल उपलब्ध 6063 सीटों में बीएचयू में 4952 और बरकछा परिसर में 195 सीटों पर ही प्रवेश हुए हैं। केंद्रीय प्रवेश समिति के समन्वयक प्रो. भास्कर भट्टाचार्य ने बताया कि मॉपअप राउंड के आंकड़े सामने आने के बाद प्रवेश प्रतिशत में बढ़ोतरी होगी। कॉलेजों की खाली सीटें भी इसमें भरने की उम्मीद है। कक्षाएं शुरू होने से अब बाकी सीटों को खाली मानते हुए प्रवेश प्रक्रिया संपन्न कर ली गई है।
बीए-बीएससी (ग.) में अंतिम मौका
यूपी कॉलेज में बीए और बीएससी (गणित) में प्रवेश से वंचित विद्यार्थियों को अंतिम अवसर दिया गया है। प्राचार्य प्रो. धर्मेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि सीयूईटी या किसी अन्य कारण से अब तक प्रवेश न ले पाने वाले विद्यार्थी 20 अगस्त तक आवेदन कर प्रवेश ले सकते हैं। प्राचार्य ने बताया कि बीएससी (गणित) में विषय चयन के लिए तीन समूह निर्धारित किए गए हैं। ग्रुप-ए में भौतिकी और अर्थशास्त्र, ग्रुप-बी में गणित और ग्रुप-सी में रसायन, सांख्यिकी, रक्षा अध्ययन, मनोविज्ञान, भूगोल और शारीरिक शिक्षा के विकल्प हैं। विद्यार्थियों को प्रवेश के दौरान निर्धारित समूह के अनुसार विषयों का चयन करना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि 20 अगस्त के बाद प्रवेश का कोई अवसर नहीं मिलेगा। उन्होंने इच्छुक विद्यार्थियों से निर्धारित समय सीमा में प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने को कहा है।


