Pariksha Pe Charcha 2026 Session 2: परीक्षा के तनाव के बीच छात्रों से फिर रूबरू होंगे पीएम मोदी, कब और कहां देखें
9 फरवरी सुबह 10 बजे दूरदर्शन और यूट्यूब पर परीक्षा पर चर्चा सीजन 2 का लाइव प्रसारण होगा। इस सेशन में पीएम मोदी बच्चों से परीक्षा के डर पर चर्चा करेंगे और उससे पार पाने के गुर भी सिखाएंगे।

देशभर में बोर्ड और प्रतियोगी परीक्षाओं का माहौल तेज है और ठीक इसी वक्त Pariksha Pe Charcha 2026 एक बार फिर छात्रों से जुड़ने जा रहा है। कार्यक्रम का Session 2 जल्द शुरू होने वाला है, जिसे 9 फरवरी 2026 को सुबह 10 बजे दूरदर्शन और प्रधानमंत्री के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर लाइव देखा जा सकेगा। शिक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित यह संवाद अब सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत का सबसे बड़ा शैक्षणिक संवाद मंच बन चुका है।
Pariksha Pe Charcha का मकसद साफ है परीक्षा को डर नहीं, एक सामान्य जीवन प्रक्रिया की तरह देखना। अधिकारी लगातार दोहरा रहे हैं कि यह कोई प्रतियोगिता या भाषण मंच नहीं, बल्कि छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के लिए खुली बातचीत का मंच है।
Session 1 में क्या बोले पीएम मोदी
Pariksha Pe Charcha 2026 का पहला सत्र पहले ही संपन्न हो चुका है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा को लेकर फैले डर और दबाव पर खुलकर बात की। उन्होंने छात्रों को साफ शब्दों में कहा कि खुद की तुलना दूसरों से करना सबसे बड़ा मानसिक दबाव पैदा करता है। रैंक और नंबर को ही सफलता मानने की सोच पर सवाल उठाते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हर छात्र की सीखने की गति अलग होती है और प्रगति को उसी नजर से देखना चाहिए।
जिज्ञासा से पढ़ाई, तनाव से दूरी
मोटिवेशन से जुड़े सवालों पर प्रधानमंत्री ने छात्रों को जिज्ञासु बनने की सलाह दी। उनका कहना था कि किताबों से बाहर सोचने, सवाल पूछने और रोजमर्रा की जिंदगी से सीखने की आदत पढ़ाई को बोझ नहीं बनने देती। उनके मुताबिक, जिज्ञासा आधारित पढ़ाई परीक्षा के डर को कम करती है और आत्मविश्वास बढ़ाती है।
कम्फर्ट जोन से बाहर निकलने की सीख
Session 1 की एक अहम बात यह भी रही कि छात्रों को अपने कम्फर्ट जोन से बाहर निकलना चाहिए। पीएम मोदी ने कहा कि चुनौतियां डराने के लिए नहीं, मजबूत बनाने के लिए आती हैं। नई परिस्थितियों में खुद को ढालना और लगातार प्रयास करना न सिर्फ परीक्षा, बल्कि जिंदगी के हर मोड़ पर काम आता है।
अभिभावकों से खास अपील
प्रधानमंत्री ने माता पिता से भी सीधा संवाद किया। उन्होंने कहा कि हर बच्चे से एक जैसा प्रदर्शन उम्मीद करना गलत है। घर का माहौल अगर सहयोगी और समझदार होगा, तो बच्चों पर परीक्षा का दबाव अपने आप कम हो जाएगा। उन्होंने स्कूल स्तर पर मजबूत आधार तैयार करने पर भी जोर दिया, ताकि आगे चलकर प्रतियोगी परीक्षाएं बोझ न बनें।
Session 2 से क्या उम्मीद
Pariksha Pe Charcha 2026 के दूसरे सत्र में देश के अलग अलग हिस्सों से आए छात्रों की भागीदारी देखने को मिलेगी। अधिकारियों के मुताबिक, इस बार भी बातचीत का फोकस रहेगा परीक्षा का तनाव, संतुलित पढ़ाई, आत्मविश्वास और मानसिक मजबूती। यह कार्यक्रम लगातार यही संदेश देता रहा है कि परीक्षाएं जरूरी हैं, लेकिन छात्र की मानसिक सेहत और आत्मविश्वास उससे कहीं ज्यादा अहम हैं।



