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बनना चाहते हैं आई स्पेशलिस्ट, तो करें ये कोर्स

बनना चाहते हैं आई स्पेशलिस्ट, तो करें ये कोर्स

संक्षेप:

अक्सर लोग आंखों की जांच करने वाले लोगों के लिए‘आई डॉक्टर’शब्द का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन असल में आंखों की देखभाल करने वाले प्रोफेशनल की 2 प्रमुख कैटेगरी होती हैं और दोनों की योग्यता अलग होती है।

Oct 22, 2025 08:21 pm ISTDheeraj Pal लाइव हिन्दुस्तान
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अगर आप आंख चेक करने वाला डॉक्टर बनना चाहते हैं, तो यह खबर आपके लिए हैं। अक्सर लोग आंखों की जांच करने वाले लोगों के लिए‘आई डॉक्टर’शब्द का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन असल में आंखों की देखभाल करने वाले प्रोफेशनल की 2 प्रमुख कैटेगरी होती हैं और दोनों की योग्यता अलग होती है। ऑप्टोमेट्रिस्ट प्राइमरी हेल्थ केयर प्रोफेशनल होते हैं। ये आंखों और दृष्टि की जांच, Refraction करके चश्मे या कॉन्टैक्ट लेंस का प्रिस्क्रिप्शन देने, आंखों की सामान्य समस्याओं का पता लगाने और उनके मैनेजमेंट में मदद करते हैं।

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दूसरी तरफ नेत्र सहायक या ऑप्टिशियन होते हैं। अगर किसी ने 4 साल से कम का ऑप्टोमेट्री प्रोग्राम किया है तो उसे ऑप्टोमेट्रिस्ट नहीं, बल्कि नेत्र सहायक माना जाता है। ये सहायक आमतौर पर डॉक्टर या ऑप्टोमेट्रिस्ट की देखरेख में काम करते हैं। अगर आप आंखों की सटीक जांच करके प्रिस्क्रिप्शन देने की योग्यता रखना चाहते हैं तो इसके लिए विशेष बैचलर डिग्री की जरूरत होगी। चलिए जानते हैं कि आंखों की जांच और प्रिस्क्रिप्शन लिखने के लिए किन डिग्री और कोर्स की जरूरत होती है?

1. ऑप्टोमेट्रिस्ट

ऑप्टोमेट्रिस्ट बनने और स्वतंत्र रूप से काम करने के लिए भारत में 4 साल का कोर्स पूरा करना जरूरी है। इसके लिए आप बीएससी ऑप्टोमेट्री (B.Sc. Optometry) का कोर्स कर सकते हैं। यह 4 साल का अंडरग्रेजुएट कोर्स है। इसमें विजन साइंस, रिफ्रैक्शन, लेंस निर्धारण और आंखों की स्थितियों के प्रबंधन का गहन अध्ययन शामिल होता है। इसके अलावा बी. ऑप्टोम (B.Optom) का भी कोर्स कर सकते हैं। यह भी 4 साल का बैचलर कोर्स होता है।

2. अन्य सहायक योग्यताएं

ऑप्टोमेट्री में डिप्लोमा कर सकते हैं। यह 2 या 3 साल का कोर्स होता है। इस कोर्स को पूरा करने वाले आमतौर पर नेत्र सहायक या ऑप्टिशियन के रूप में काम करते हैं। इनकी जिम्मेदारी मुख्य रूप से चश्मे के फ्रेम और लेंस को सही प्रिस्क्रिप्शन के अनुसार बनाने (डिस्पेंसिंग) की होती है।

लेंसकार्ट जैसे रिटेल स्टोर पर कौन जांच करता है?

लेंसकार्ट और टाइटन आई प्लस जैसे बड़े ऑप्टिकल रिटेल स्टोर पर आंखों की जांच करने वाले कर्मचारियों के पास आमतौर पर ऑप्टोमेट्री में डिग्री या डिप्लोमा होता है। इन स्टोर पर काम करने वाले लोग अक्सर ऑप्टोमेट्रिस्ट या अनुभवी ऑप्टिशियन होते हैं।

Dheeraj Pal

लेखक के बारे में

Dheeraj Pal
डिजिटल जर्नलिजम में करीब 6 साल का अनुभव। एजुकेशन, स्पोर्ट्स, टेक-ऑटो और धर्म बीट पर मजबूत पकड़ है। यूट्यूब कंटेंट प्रोड्यूसर व रिपोर्टिंग का भी अनुभव। हिंदी पत्रकारिता में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। और पढ़ें
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