सुरक्षा सिस्टम पूरी तरह बदला जा रहा मीलॉर्ड... NEET पर सुप्रीम कोर्ट में NTA का हलफनामा; बताया प्लान
सुप्रीम कोर्ट में NTA ने कहा है कि NEET समेत सभी परीक्षाओं की सुरक्षा मजबूत करने के लिए बड़े सुधार लागू किए जा रहे हैं। राधाकृष्णन कमेटी की सिफारिशों पर तेजी से काम हो रहा है।

देशभर में लाखों छात्रों की जिंदगी तय करने वाली परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर पिछले कुछ समय से लगातार सवाल उठ रहे हैं। खासकर NEET पेपर लीक विवाद के बाद छात्रों और अभिभावकों के बीच गुस्सा और चिंता दोनों बढ़ी थीं। अब इसी मामले में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर कहा है कि वह परीक्षाओं की ईमानदारी, पारदर्शिता और भरोसे को बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। एजेंसी ने अदालत को बताया कि NEET समेत उसके अधीन होने वाली सभी परीक्षाओं की सुरक्षा मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर सुधार किए जा रहे हैं। NTA के मुताबिक शिक्षा मंत्रालय के साथ मिलकर परीक्षा सिस्टम की कमजोरियों को दूर करने पर लगातार काम चल रहा है।
परीक्षा से पहले से लेकर रिजल्ट तक सख्ती
NTA ने कहा कि सुधार सिर्फ परीक्षा केंद्र तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरे एग्जाम साइकल को कवर करते हैं। यानी प्रश्नपत्र तैयार होने से लेकर उसे पहुंचाने, परीक्षा कराने, निगरानी करने, कॉपी जांचने और रिजल्ट जारी करने तक हर स्तर पर सुरक्षा बढ़ाई जा रही है। एजेंसी के मुताबिक परीक्षा से पहले पेपर सुरक्षा और ट्रांसपोर्ट सिस्टम को मजबूत किया जा रहा है। परीक्षा के दौरान निगरानी और टेक्नोलॉजी आधारित मॉनिटरिंग बढ़ाई जा रही है, जबकि परीक्षा के बाद मूल्यांकन और रिजल्ट प्रोसेस में भी ज्यादा सख्ती लाई जा रही है।
राधाकृष्णन कमेटी की सिफारिशों पर तेजी से काम
NTA ने अपने हलफनामे में कहा कि राधाकृष्णन कमेटी की सिफारिशों को तय समयसीमा के भीतर लागू किया जा रहा है। एजेंसी के अनुसार इन सुधारों का मकसद परीक्षा प्रक्रिया को ज्यादा सुरक्षित बनाना और पेपर लीक या गड़बड़ी जैसी घटनाओं की संभावना को कम करना है। हलफनामे में यह भी बताया गया कि 17 अप्रैल को हुई एक हाई लेवल बैठक में परीक्षा से पहले, परीक्षा के दौरान और परीक्षा खत्म होने के बाद अपनाए जाने वाले कई अहम सुरक्षा उपाय सुझाए गए थे। इन उपायों को अब लागू किया जा रहा है या फिर कई सिफारिशें लागू होने के आखिरी चरण में हैं।
लाखों छात्रों का भरोसा बचाने की कोशिश
NTA ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में हर साल लाखों छात्र शामिल होते हैं। ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया का निष्पक्ष और भरोसेमंद होना बेहद जरूरी है। एजेंसी का कहना है कि छात्रों का भरोसा बनाए रखना उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। हलफनामे में यह भी कहा गया कि विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर सिस्टम की लगातार समीक्षा की जा रही है और जरूरत पड़ने पर नए सुरक्षा प्रोटोकॉल भी जोड़े जा रहे हैं।
पेपर लीक विवाद के बाद बढ़ा दबाव
हाल के महीनों में कई परीक्षाओं में पेपर लीक और गड़बड़ियों के आरोपों ने पूरे देश में बहस छेड़ दी थी। विपक्षी दलों से लेकर छात्रों तक ने परीक्षा सिस्टम में जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाने की मांग उठाई थी। इसी दबाव के बीच अब NTA का यह हलफनामा काफी अहम माना जा रहा है। एजेंसी ने साफ कहा है कि परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाना सिर्फ एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं बल्कि लगातार चलने वाला अभियान है।
NTA ने यह भी बताया कि शिक्षा मंत्रालय और दूसरी संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय बढ़ाया गया है ताकि किसी भी तरह की लापरवाही या तकनीकी कमजोरी को समय रहते पकड़ा जा सके। एजेंसी का दावा है कि आने वाले समय में परीक्षाओं के संचालन में ज्यादा आधुनिक तकनीक, डिजिटल निगरानी और सख्त सुरक्षा प्रबंधन देखने को मिलेगा। इससे परीक्षा प्रक्रिया को ज्यादा भरोसेमंद बनाने में मदद मिलेगी।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
- नीट, जेईई और राज्यवार बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों, बदलावों और परिणामों पर गहन फोकस
- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव


