ठगों के झांसे में न आएं; NEET री-एग्जाम 2026 पेपर लीक की खबरें फर्जी, NTA ने छात्रों को किया सावधान
NTA ने NEET UG 2026 री-एग्जाम पेपर लीक की सभी अफवाहों को पूरी तरह से झूठा और भ्रामक बताया है। साथ ही छात्रों और पैरेंट्स को ठगों से सावधान रहने की सलाह दी है।

NEET UG Re-Exam 2026 : नीट यूजी 2026 परीक्षा लीक के बाद दोबारा होने वाली परीक्षा के पेपर लीक होने की अफवाहें आग की तरह फैल रही हैं। दावों में कहा जा रहा है कि कुछ लोगों के पास पेपर पहले से मौजूद है और उसे ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है। अब इन सब बातों पर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने खुद सामने आकर तस्वीर बिल्कुल साफ कर दी है। NTA ने शनिवार को इन सभी दावों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें झूठा, फर्जी और गुमराह करने वाला करार दिया है।
एजेंसी ने एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए साफ लफ्जों में कहा है कि यह सब कुछ संगठित नकल माफियाओं की एक सोची-समझी साजिश है। ये लोग उन छात्रों और उनके माता-पिता की घबराहट और चिंता का फायदा उठाना चाहते हैं, जो परीक्षा को लेकर पहले से ही भारी दबाव में हैं। ठगों का यह गिरोह फर्जी प्रश्न पत्र बेचने के नाम पर लोगों से मोटी रकम ऐंठने की फिराक में है। NTA ने दो टूक शब्दों में कहा है, "इंटरनेट पर तैर रहा ऐसा हर दावा पूरी तरह से मनगढ़ंत और फर्जी है।"
परीक्षा की सुरक्षा पर कोई आंच नहीं: NTA
छात्रों का भरोसा बनाए रखने के लिए, NTA ने जोर देकर कहा है कि परीक्षा की पूरी प्रक्रिया सौ फीसदी सुरक्षित है। एजेंसी ने आश्वासन दिया है कि परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराने के लिए सभी जरूरी और सख्त इंतजाम किए गए हैं। बयान में कहा गया, "परीक्षा प्रक्रिया की गरिमा और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया गया है। हर एक उम्मीदवार के लिए एक समान और सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने के लिए पुख्ता सुरक्षा कवच तैयार है।"
एजेंसी ने यह भी साफ किया है कि किसी भी अनजान या अनधिकृत व्यक्ति की पहुंच प्रश्न पत्र तक बिल्कुल नहीं है। इसलिए, छात्रों से गुजारिश की गई है कि वे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर फैलाई जा रही ऐसी किसी भी बेबुनियाद जानकारी के झांसे में न आएं।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
- नीट, जेईई और राज्यवार बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों, बदलावों और परिणामों पर गहन फोकस
- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव


