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ठंड और कोहरे का डलब अटैक, जानें किन राज्यों में बढ़ी स्कूलों की छुट्टियां, यूपी-बिहार का क्या हाल

ठंड और कोहरे का डलब अटैक, जानें किन राज्यों में बढ़ी स्कूलों की छुट्टियां, यूपी-बिहार का क्या हाल

संक्षेप:

उत्तर भारत में ठंड और कोहरे का असर बच्चों की पढ़ाई पर साफ दिख रहा है। कई राज्यों में स्कूल बंद हैं तो कहीं टाइमिंग बदली गई है।

Jan 17, 2026 06:56 pm ISTHimanshu Tiwari लाइव हिन्दुस्तान
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उत्तर भारत इन दिनों कड़ाके की ठंड और घने कोहरे की चपेट में है। पहाड़ी राज्यों के साथ-साथ मैदानी इलाकों में भी तापमान लगातार गिर रहा है, जिससे सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है। हालात को देखते हुए कई राज्यों में जिला प्रशासन ने स्कूलों की छुट्टियां बढ़ाने या फिर स्कूल की टाइमिंग में बदलाव जैसे फैसले लिए हैं। ऐसे में पेरेंट्स और स्टूडेंट्स दोनों के मन में सवाल है कि आखिर उनके राज्य में स्कूल खुले हैं या बंद। चलिए जानते हैं अलग-अलग राज्यों का ताजा अपडेट।

कई राज्यों में बढ़ी स्कूलों की छुट्टियां

उत्तर भारत के कई राज्यों में पहले स्कूलों की छुट्टियां 14 या 15 जनवरी तक घोषित की गई थीं, लेकिन मौसम की गंभीरता को देखते हुए इन्हें आगे बढ़ाया गया। 17 जनवरी 2026 की स्थिति की बात करें तो हरियाणा, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में स्कूल बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। वहीं कुछ जगहों पर स्कूल तो खुले हैं, लेकिन बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए समय में बदलाव किया गया है।

बिहार में स्कूल खुले, विंटर वेकेशन खत्म

बिहार में ठंड के बावजूद विंटर वेकेशन समाप्त कर दिया गया है। 17 जनवरी 2026 यानी आज से राज्य के स्कूल दोबारा खुल गए हैं। फिलहाल किसी भी जिले में स्कूल बंद को लेकर नया आदेश जारी नहीं हुआ है। हालांकि अगर आगे मौसम और खराब होता है और जिला प्रशासन कोई नया फैसला लेता है, तो छात्रों और पेरेंट्स को उसकी जानकारी दी जाएगी।

हरियाणा में 17 जनवरी तक स्कूल बंद

हरियाणा में ठंड और कोहरे के कारण स्कूलों को 17 जनवरी तक बंद रखने का फैसला लिया गया था। अगर छुट्टियों को आगे नहीं बढ़ाया गया, तो 19 जनवरी से स्कूल दोबारा खुल सकते हैं। पेरेंट्स को सलाह दी जाती है कि वे अपने जिले के प्रशासन और स्कूल प्रबंधन से जुड़े अपडेट पर नजर बनाए रखें।

नोएडा में नर्सरी से कक्षा 8 तक छुट्टी

नोएडा में बढ़ती सर्दी को देखते हुए नर्सरी से लेकर कक्षा 8 तक के स्कूल 16 और 17 जनवरी तक बंद रखने के आदेश दिए गए थे। 18 जनवरी को रविवार होने के कारण बच्चों को लगातार तीन दिन की छुट्टी मिल गई है। आगे स्कूल खुलेंगे या नहीं, इसका फैसला मौसम की स्थिति देखकर किया जाएगा।

चंडीगढ़ में भी स्कूल 17 जनवरी तक बंद

चंडीगढ़ में भी प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 17 जनवरी तक स्कूल बंद रखने का आदेश जारी किया था। अब उम्मीद है कि अगले सप्ताह सोमवार से स्कूल दोबारा खुल सकते हैं। हालांकि अंतिम फैसला स्कूल प्रबंधन या जिला प्रशासन द्वारा लिया जाएगा।

राजस्थान में जिला स्तर पर फैसले

राजस्थान में कड़ाके की ठंड को देखते हुए जिला स्तर पर अलग-अलग फैसले लिए गए हैं। हनुमानगढ़ जिले में जिला कलेक्टर के आदेश के अनुसार नर्सरी से लेकर पांचवीं कक्षा तक के स्कूल 17 जनवरी तक बंद रखे गए थे। अब सोमवार से स्कूल खुलने की संभावना है।

पेरेंट्स और छात्रों के लिए जरूरी सलाह

मौसम की बदलती स्थिति को देखते हुए पेरेंट्स और छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे केवल अफवाहों पर भरोसा न करें। स्कूल बंद या खुलने से जुड़ी सही जानकारी के लिए जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग और स्कूल प्रबंधन द्वारा जारी आधिकारिक आदेशों पर ही भरोसा करें।

Himanshu Tiwari

लेखक के बारे में

Himanshu Tiwari

शॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।

परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।

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हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।

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हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।

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काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।

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