NMC की सरकारी मेडिकल कॉलेजों को फटकार, पीजी परीक्षा केंद्रों की कमी पर दी जताई नाराजगी; जल्द सुधार के निर्देश
एनएमसी के पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन बोर्ड (PGMEB) ने पाया है कि कई सरकारी मेडिकल कॉलेज पीजी परीक्षाओं के लिए पर्याप्त परीक्षा केंद्र और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में ढिलाई बरत रहे हैं।

नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने देश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों के लिए एक बेहद जरूरी और सख्त चेतावनी जारी की है। एनएमसी के पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन बोर्ड (PGMEB) ने पाया है कि कई सरकारी मेडिकल कॉलेज पीजी परीक्षाओं के लिए पर्याप्त परीक्षा केंद्र और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में ढिलाई बरत रहे हैं। एनएमसी ने साफ तौर पर कहा है कि अगर केंद्रों की कमी की वजह से परीक्षाओं में कोई बाधा आती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी कॉलेज प्रशासन की होगी। कमीशन ने यह चेतावनी उन शिकायतों के बाद दी है जिनमें छात्रों और संबंधित अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों पर संसाधनों की कमी का मुद्दा उठाया था।
एनएमसी ने क्यों दी सख्त चेतावनी?
एनएमसी की गाइडलाइन के अनुसार, सभी मान्यता प्राप्त मेडिकल कॉलेजों की यह जिम्मेदारी है कि वे पोस्ट ग्रेजुएट (PG) छात्रों की परीक्षाओं के लिए उचित बुनियादी ढांचा, स्थान और अन्य जरूरी सुविधाएं प्रदान करें। हाल ही में एनएमसी के संज्ञान में आया है कि कुछ कॉलेज पीजी परीक्षाओं को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
चेतावनी में कहा गया है कि परीक्षा केंद्रों की कमी न केवल छात्रों के करियर के लिए जोखिम पैदा करती है, बल्कि यह चिकित्सा शिक्षा के मानकों के भी खिलाफ है। कमीशन ने कॉलेजों से कहा है कि वे अपनी वर्तमान स्थिति की समीक्षा करें और यह सुनिश्चित करें कि परीक्षा के दौरान किसी भी छात्र को असुविधा न हो।
कॉलेजों को दिए गए मुख्य निर्देश
एनएमसी द्वारा जारी सर्कुलर में सरकारी मेडिकल कॉलेजों को ये कदम उठाने के लिए कहा गया है। कॉलेजों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके पास परीक्षार्थियों की संख्या के अनुपात में पर्याप्त बैठने की जगह और परीक्षा हॉल उपलब्ध हों। बिजली, इंटरनेट कनेक्टिविटी (यदि कंप्यूटर आधारित परीक्षा है) और पेयजल जैसी सुविधाओं में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे और परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने के लिए जरूरी सुरक्षा मापदंडों का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए। कॉलेजों को संबंधित विश्वविद्यालयों और परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाओं के साथ बेहतर तालमेल बिठाना होगा।
लापरवाही बरतने पर होगी कार्रवाई
एनएमसी ने स्पष्ट किया है कि जो सरकारी मेडिकल कॉलेज इन निर्देशों का पालन करने में विफल रहेंगे, उनके खिलाफ सख्त प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इसमें कॉलेज की सीटों की कटौती या भविष्य में पीजी कोर्सेज की मान्यता पर संकट जैसे कदम भी शामिल हो सकते हैं। कमीशन का मानना है कि सरकारी संस्थानों को प्राइवेट कॉलेजों के लिए एक उदाहरण पेश करना चाहिए, न कि सुविधाओं के मामले में पिछड़ना चाहिए।
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