राजमिस्त्री के बेटे का कमाल, निरंजन ने 484 अंक से बिहार में पाया 7वां स्थान
लखीसराय के निरंजन कुमार ने मैट्रिक रिजल्ट 2026 में 484 अंक लाकर राज्य में सातवां स्थान हासिल किया।

बिहार बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 जारी कर दिया गया है। इस बार लखीसराय के एक छोटे से गांव संसार पोखर से निकली यह कहानी सीधे दिल को छूती है। जहां एक तरफ सीमित साधन थे, वहीं दूसरी तरफ बड़ा सपना भी था। इसी सपने को हकीकत में बदलते हुए निरंजन कुमार ने मैट्रिक परीक्षा 2026 में 484 अंक हासिल कर पूरे बिहार में सातवां स्थान हासिल कर लिया। पिता राजमिस्त्री हैं, लेकिन बेटे की मेहनत ने यह साबित कर दिया कि हालात चाहे जैसे हों अगर इरादे मजबूत हों तो मंजिल जरूर मिलती है।
484 अंक के साथ राज्य में सातवां स्थान
निरंजन कुमार ने 500 में से 484 अंक हासिल किए, यानी 96.8 प्रतिशत। यह स्कोर उन्हें पूरे राज्य में सातवां स्थान दिलाने के लिए काफी रहा। उनकी इस उपलब्धि से न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे लखीसराय जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है। निरंजन केआरके हाई स्कूल, लखीसराय के छात्र हैं। उनके इस शानदार प्रदर्शन पर स्कूल के शिक्षकों और साथियों ने उन्हें बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
राजमिस्त्री के बेटे ने लिखी सफलता की कहानी
निरंजन के पिता बरजू साव राजमिस्त्री का काम करते हैं और उसी से पूरे परिवार का खर्च चलता है। उनकी मां गृहणी हैं। घर में संसाधन सीमित रहे लेकिन पढ़ाई को लेकर कभी समझौता नहीं किया गया। ऐसे माहौल में पढ़ाई करना आसान नहीं होता लेकिन निरंजन ने हर चुनौती को पार किया। उन्होंने यह दिखा दिया कि मेहनत और लगन के सामने आर्थिक तंगी भी छोटी पड़ जाती है।
सेल्फ स्टडी और मेहनत बनी सफलता की कुंजी
निरंजन ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और भाई-बहन को दिया है। उन्होंने बताया कि नियमित सेल्फ स्टडी के साथ-साथ ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से पढ़ाई की, जिससे उन्हें विषयों को बेहतर समझने में मदद मिली। उनका मानना है कि लगातार अभ्यास और सही दिशा में मेहनत ही अच्छे रिजल्ट की सबसे बड़ी कुंजी होती है।
आगे सिविल सेवा का लक्ष्य
निरंजन दो भाई और एक बहन में हैं। उनके बड़े भाई सचिन कुमार सिविल सर्विस की तैयारी कर रहे हैं। भाई को देखकर ही निरंजन को भी आगे चलकर सिविल सेवा में जाने की प्रेरणा मिली है। अब उनका लक्ष्य साफ है, पढ़ाई जारी रखते हुए देश सेवा के लिए सिविल सर्विस में जाना।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
- नीट, जेईई और राज्यवार बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों, बदलावों और परिणामों पर गहन फोकस
- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव


