NIOS Bridge course : प्राइमरी शिक्षकों को ब्रिज कोर्स करने की मंजूरी, BEd बेस हुई थी भर्ती
उत्तराखंड में बीएड प्रशिक्षण के आधार पर भर्ती हुए प्राइमरी शिक्षकों को राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) से छह महीने का ब्रिज कोर्स करने का मौका दिया गया है। इनके आवेदन पिछले काफी समय से लंबित थे।

उत्तराखंड में बीएड प्रशिक्षण के आधार पर भर्ती हुए प्राइमरी शिक्षकों को राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) से छह महीने का ब्रिज कोर्स करने का मौका दिया गया है। इनके आवेदन पिछले काफी समय से लंबित थे। शिक्षा विभाग ने यह अनुमति मुख्य रूप से उन शिक्षकों को दी है जिनकी नियुक्ति वर्ष 2016 से 2023 के मध्य बीएड डिग्री के आधार पर प्राइमरी स्कूलों में सहायक अध्यापक के पद पर हुई है।
सुप्रीम कोर्ट के पिछले आदेशों के बाद प्राइमरी शिक्षकों की बीएड की पात्रता को लेकर तकनीकी पेंच फंस गया था, क्योंकि प्राइमरी शिक्षकों की भर्ती में डीएलएड अनिवार्य कर दिया गया था। उप निदेशक प्राथमिक शिक्षा एसएस चौहान ने ऐसे सभी शिक्षकों को एनआईओएस पोर्टल पर छह माह के ब्रिज कोर्स के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के आदेश दिए हैं। सभी जिला शिक्षा अधिकारी(प्राथमिक) को 73 शिक्षकों के लंबित ऑनलाइन आवेदनों को विधिवत जांच कर मंजूरी देने के निर्देश दिए हैं। इस कोर्स को पूरा करने के बाद इन शिक्षकों की नियुक्ति को पूर्ण वैधानिकता मिल जाएगी।
- बीएड के आधार पर प्राइमरी स्कूलों में भर्ती सहायक अध्यापकों को मिली राहत
- 2016 से 2023 के बीच भर्ती हुए शिक्षकों के आवेदन लंबे समय से थे लंबित
ऑनलाइन ट्रेनिंग न करने पर अटकेगा जून का वेतन
मिशन कर्मयोगी के तहत ऑनलाइन 'आई-गोट' प्रशिक्षण नहीं लेने वाले शिक्षा विभाग के 3,534 अफसर, शिक्षक और कर्मियों का जून का वेतन अटक सकता है। इन्हें वेतन के लिए प्रशिक्षण पूरा कर प्रमाण पत्र जमा करने होंगे। जून का वेतन जारी होने से पहले कम से कम एक प्रशिक्षण पूरा करना होगा। माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती ने यह निर्देश दिए हैं। वहीं, मिशन कर्मयोगी में अतिथि शिक्षकों को भी प्रशिक्षण अनिवार्य किया गया है। अतिथि शिक्षक संघ के प्रदेश महामंत्री राजपाल रावत के मुताबिक एक तरफ अतिथि शिक्षकों को गर्मियों की छुट्टी का वेतन नहीं मिलता, इसके बावजूद उन्हें प्रशिक्षण के लिए बाध्य किया जा रहा है।


