नए IB चीफ महेश दीक्षित की UPSC में थी धाकड़ रैंक, IAS और IFS को ठुकरा चुना IPS

हिन्दुस्तान टाइम्स, शिशिर गुप्ता, नई दिल्ली
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New IB Chief Mahesh Dixit UPSC CSE rank : यूपीएससी सिविल सर्विसेज एग्जाम में महेश दीक्षित की 35वीं रैंक आई थी। उन्हें सबसे पसंदीदा आईएएस और आईएफएस सेवा में से कोई भी मिल सकती थी। लेकिन उन्होंने इन्हें ठुकरा चुनौतीपूर्ण आईपीएस सेवा को चुना।

New IB Chief Mahesh Dixit UPSC CSE rank

New IB Chief Mahesh Dixit UPSC CSE rank : हर साल देश के करीब 8 से 10 लाख युवा आईएएस, आईएफएस या आईपीएस अफसर बनने का ख्वाब लिए यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में बैठते हैं। इनमें से 900 से हजार युवाओं का ही अंतिम चयन हो पाता है। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में टॉप रैंक लाने वाले ज्यादातर उम्मीदवार आईएएस सेवा को चुनते हैं। टॉपर्स में कुछेक आईएफएस सेवा को अपने करियर की राह बनाते हैं। आईएएस वो पद है जिसे पाने के लिए चयनित उम्मीदवार फिर से यूपीएससी परीक्षा में बैठते हैं। लेकिन यूपीएससी परीक्षा के इतिहास में ऐसे बहुत कम मामले होंगे जब किसी टॉप रैंक वाले उम्मीदवार ने आईएएस और आईएफएस को ठुकरा आईपीएस चुना हो। इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के नए चीफ महेश दीक्षित इन्हीं दबंग शख्सियतों में से एक है। यूपीएससी सिविल सर्विसेज एग्जाम में महेश दीक्षित की 35वीं रैंक आई थी। उन्हें सबसे पसंदीदा आईएएस और आईएफएस सेवा में से कोई भी मिल सकती थी। लेकिन उन्होंने इन्हें ठुकरा चुनौतीपूर्ण आईपीएस सेवा को चुना।

पत्नी की तरह खुद भी एमडी डॉक्टर

यूपीएससी क्रैक करने के बाद उन्हें आंध्र प्रदेश कैडर अलॉट हुआ था। लेकिन राज्य के बंटवारे के बाद उन्हें तेलंगाना कैडर मिला। अपनी पत्नी राजश्री की तरह उन्होंने भी पुणे से मेडिसिन में पोस्ट-ग्रेजुएट डिग्री हासिल की है। वे शायद ऐसे पहले डॉक्टर हैं जो 1 जुलाई को इंटेलिजेंस ब्यूरो के डायरेक्टर का पद संभालेंगे। उनसे पहले उनके सीनियर और मेंटर तपन डेका चार साल की शानदार सर्विस के बाद रिटायर हो रहे हैं। डेका का तीसरा एक्सटेंशन लेने से इनकार करने की वजह से ही दीक्षित के लिए आईबी प्रमुख पद का रास्ता बना।

1993 बैच के आंध्र प्रदेश कैडर के IPS अधिकारी महेश दीक्षित को बेहद मजबूत खुफिया नेटवर्क के लिए जाना जाता है। उन्होंने वामपंथी उग्रवाद, सीमा पार से होने वाली घुसपैठ और आतंकवाद विरोधी अभियानों पर भी व्यापक रूप से काम किया है।

जम्मू-कश्मीर में स्थिरता

- उन्होंने अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर में स्थिरता बनाए रखने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई

- दीक्षित फिलहाल आईबी में विशेष निदेशक के तौर पर काम कर रहे हैं और उनके पास जम्मू-कश्मीर में लंबे समय तक राज्य खुफिया ब्यूरो के प्रमुख के तौर पर काम करने का अनुभव है। एक पेशेवर चिकित्सक से कानून-प्रवर्तन अधिकारी बने दीक्षित के पास देश की प्रमुख आंतरिक खुफिया एजेंसी में लगभग तीन दशक का व्यापक अनुभव है। उन्होंने पूर्वोत्तर और लद्दाख में अभियानों से लेकर नक्सल विरोधी प्रकोष्ठों तक अलग-अलग तरह की संवेदनशील जिम्मेदारियां संभाली हैं।

खुफिया नेटवर्क के एक्सपर्ट

दीक्षित आईबी में मजबूत जमीनी खुफिया नेटवर्क और आतंकवाद-रोधी मामलों में विशेषज्ञता के लिए जाने जाते हैं। वह श्रीनगर में सहायक आसूचना ब्यूरो के प्रमुख थे। पिछले वर्ष दीक्षित ने एक बड़े 'सफेदपोश' आतंकवादी नेटवर्क का भंडाफोड़ करने में भी अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने श्रीनगर पुलिस की ओर से उपलब्ध कराई गई शुरुआती जानकारी के आधार पर यह अभियान चलाया था।

इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) क्या है

IB भारत की प्रमुख घरेलू खुफिया एजेंसी है जो कई मुद्दों पर खुफिया जानकारी इकट्ठा करती है, जैसे कि आतंकवाद, अलग-अलग इलाकों में टकराव, सरकारी नीतियों से जुड़े खतरों का आकलन और काउंटर-इंटेलिजेंस। यह दूसरी एजेंसियों और पुलिस बलों की भी मदद करती है।

Pankaj Vijay

लेखक के बारे में

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पंकज विजय| वरिष्ठ पत्रकार

शॉर्ट बायो पंकज विजय एक वरिष्ठ डिजिटल पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 15 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में livehindustan.com में असिस्टेंट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। वे करियर, स्कूल व हायर एजुकेशन, जॉब्स से जुड़े विषयों पर खबर लेखन और विश्लेषण में विशेषज्ञता रखते हैं। 9 वर्षों से यहां इसी भूमिका में हैं। सरकारी भर्तियों, बोर्ड व एंट्रेंस एग्जाम, प्रतियोगी परीक्षाओं, उनके परिणाम, बदलते दौर में करियर की नई राहों, कोर्स, एडमिशन एवं नए जमाने के रोजगार के लिए जरूरी स्किल्स से जुड़ी अपडेट तेजी से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं।


15 से अधिक सालों का अनुभव

पंकज विजय ने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की। अमर उजाला समाचार पत्र में रिसर्च, संपादकीय और करियर एजुकेशन जॉब्स डेस्क पर काम किया। यहां उन्हें फीचर लेखन व रिपोर्टिंग का भी मौका मिला। इसके बाद उन्होंने आज तक डिजिटल में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। आज तक वेबसाइट पर राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और एजुकेशन व रोजगार जगत से जुड़ी खबरें लिखीं। इसके बाद एनडीटीवी ऑनलाइन में एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर इस विषय में अपनी समझ को और व्यापक बनाया। एनडीटीवी की पारी के बाद वे लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े और बीते 9 वर्षों से करियर एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर रहे हैं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी), दिल्ली से हिन्दी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा, गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में एमए व दिल्ली यूनिवर्सिटी से इतिहास में बीए ऑनर्स किया है। एनसीसी सी सर्टिफिकेट होल्डर हैं जिसके चलते उन्हें रक्षा क्षेत्र जैसे पुलिस व सेनाओं की भर्तियों की बेहतर समझ है।


विजन

तमाम तरह के करियर, स्कूल एजुकेशन, हायर एजुकेशन, भर्तियों, प्रतियोगी परीक्षाओं, एंट्रेंस एग्जाम, नौकरी के लिए जरूरी स्किल्स एवं बेरोजगार युवाओं के मुद्दों को लेकर पंकज के पास गहरी समझ है। उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के कई टॉपरों के इंटरव्यू किए हैं। उनकी लिखी सक्सेस स्टोरीज युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को प्रेरित करती रही हैं। पंकज का मानना है कि विश्वसनीयता, पारदर्शिता और तथ्यपरकता ही पत्रकारिता की असली ताकत है। उनका लक्ष्य स्कूली छात्रों व बेहतर करियर एवं सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को आसान भाषा में सटीक, तेज और भरोसेमंद जानकारी देना है।


विशेषज्ञता

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