4 वर्षीय ग्रेजुएशन कोर्स को लेकर बड़ी उलझन, 7.5 CGPA से कम अंक वालों के लिए कोई वैकल्पिक सिलेबस नहीं
बिहार के विश्वविद्यालयों में नई शिक्षा नीति के तहत चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम को लेकर बड़ी उलझन पैदा हो गई है। 7.5 सीजीपीए से कम अंक प्राप्त करने वाले छात्रों के शोध (रिसर्च) से जुड़े पेपर को लेकर कोई वैकल्पिक सिलेबस तय नहीं किया गया है।

बिहार के विश्वविद्यालयों में नई शिक्षा नीति के तहत चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम को लेकर बड़ी उलझन पैदा हो गई है। दरअसल, 7.5 सीजीपीए से कम अंक प्राप्त करने वाले छात्रों को ऑर्डिनेंस एंड रेगुलेशन में संशोधन कर उनको सातवें सेमेस्टर में प्रवेश की अनुमति तो मिल गई, लेकिन इन छात्रों के शोध (रिसर्च) से जुड़े पेपर को लेकर कोई वैकल्पिक सिलेबस तय नहीं किया गया है।
छठे सेमेस्टर में रिसर्च मेथोडॉलजी पेपर और आठवें सेमेस्टर में 12 क्रेडिट के रिसर्च प्रोजेक्ट व डिजर्टेशन को लेकर संशय और गहरा गया है। सवाल यह उठ रहा है कि जिन छात्रों को 7.5 सीजीपीए की कमी के कारण चार वर्षीय शोध डिग्री नहीं मिलेगी, वे इन पेपर्स को क्यों पढ़ेंगे और उनका मूल्यांकन किस आधार पर होगा। 7.5 सीजीपीए से कम अंक वाले छात्रों को यदि शोध नहीं करना है, तो उनके लिए इन पेपर्स का कोई वैकल्पिक पाठ्यक्रम निर्धारित नहीं किया गया है। लेकिन इन विद्यार्थियों को छठे और सातवें सेमेस्टर यानी ऑनर्स की डिग्री के लिए 160 क्रेडिट पूरे करने होंगे।
छात्रों का सवाल है कि यदि चौथे साल में प्रवेश के बाद भी ऑनर्स विथ रिसर्च की डिग्री नहीं मिलेगी तो फिर इस संशोधित नियम का क्या फायदा है। छात्र रिसर्च के लिए ही चौथे वर्ष में प्रवेश लेना चाहते हैं, लेकिन इसी से वंचित रखा जा रहा है। वहीं छात्रों को एग्जिट के लिए इंटर्नशिप भी अनिवार्य कर दिया गया। पहले, दूसरे और तीसरे साल पूरी क्रेडिट अर्जित करने के बाद भी छात्रों को 4 क्रेडिट का इंटर्नशिप पूरा करना होगा।
7.5 सीजीपीए से कम पर ऑनर्स की डिग्री
पीपीयू ने सत्र 2023-27 के स्नातक विद्यार्थियों के लिए छठा सेमेस्टर उत्तीर्ण होने के बाद सातवें सेमेस्टर में नामांकन के संबंध में संशोधित दिशा-निर्देश गुरुवार को जारी किए हैं। इसके अनुसार छठे सेमेस्टर में जिन विद्यार्थियों को 7.5 सीजीपीए से कम आया उनका नामांकन भी सातवें सेमेस्टर में होगा। ऐसे विद्यार्थियों को सातवें और आठवें सेमेस्टर की पढ़ाई पूरी क्रेडिट अर्जित कर पूर्ण करने पर बीए, बीएससी या बीकॉम (ऑनर्स) की डिग्री प्रदान की जाएगी।
अब तक 7.5 सीजीपीए से कम अंक वाले विद्यार्थियों को छठे सेमेस्टर में एग्जिट करना अनिवार्य था। लेकिन अब यह ऑप्शन बनाया गया है। विवि के डीएसडब्ल्यू प्रो. राजीव रंजन ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था राजभवन द्वारा जारी संशोधित चार वर्षीय सीबीसीएस अध्यादेश और विनियमों के अनुरूप लागू की गई है। छठे सेमेस्टर में 7.5 या उससे अधिक सीजीपीए या उससे अधिक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी एग्जिट ऑप्शन से बैचलर ऑफ आर्ट्स, साइंस व कॉमर्स की डिग्री प्राप्त कर सकते हैं।
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Pankaj Vijayपंकज विजय| वरिष्ठ पत्रकार
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15 से अधिक सालों का अनुभव
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भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी), दिल्ली से हिन्दी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा, गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में एमए व दिल्ली यूनिवर्सिटी से इतिहास में बीए ऑनर्स किया है। एनसीसी सी सर्टिफिकेट होल्डर हैं जिसके चलते उन्हें रक्षा क्षेत्र जैसे पुलिस व सेनाओं की भर्तियों की बेहतर समझ है।
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