NEET: गोरखपुर में नीट यूजी परीक्षा देनी आई छात्राओं की कानों की बालियां उतरवाईं, इसके बाद जांचकर्मी फरार
NEET: नीट पुनर्परीक्षा के दौरान रविवार को गोरखपुर विश्वविद्यालय स्थित केंद्र पर छात्राओं की बालियां उतरवाने के बाद जांच करने वाली एजेंसी की महिला लापता हो गई।

NEET UG Re-Exam 2026: नीट पुनर्परीक्षा के दौरान रविवार को गोरखपुर विश्वविद्यालय स्थित केंद्र पर छात्राओं की बालियां उतरवाने के बाद जांच करने वाली एजेंसी की महिला लापता हो गई। परीक्षा के बाद बालियां लेने पहुंचीं छात्राएं काफी भटकीं। फिर पुलिस से संपर्क किया। जांच-पड़ताल, पूछताछ आदि की तीन घंटे की कवायद के छात्राओं को बालियां मिल पाईं।
बेतियाहाता दक्षिणी निवासी प्रज्ञा त्रिपाठी पुत्री भूपेंद्र त्रिपाठी और विश्वनाथपुर और संतकबीरनगर के महुली निवासी आयुषी पांडेय पुत्री स्व. रुद्र नारायण पांडेय नीट की पुनर्परीक्षा देने के लिए विश्वविद्यालय दीक्षा भवन स्थित केंद्र पर पहुंची थीं। परीक्षा केंद्र के मुख्य गेट पर सुरक्षा जांच के दौरान मेटल डिटेक्टर से चेकिंग की गई। इस दौरान दोनों छात्राओं के कान बालियां उतरवाकर रखवा ली गई। छात्राओं का आरोप है कि शाम पांच बजे परीक्षा समाप्त होने के बाद जब वे अपनी बालियां वापस लेने पहुंचीं तो वहां संबंधित कर्मचारी मौजूद नहीं मिली। काफी तलाश के बावजूद वह नहीं मिलीं तो उन्होंने इसकी सूचना केंद्र प्रशासन और पुलिस को दी।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। परीक्षा केंद्र पर तैनात कर्मचारियों और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ की। जांच के दौरान सभी संबंधित कर्मचारियों की फोटो लेकर उनकी पहचान कराई गई। साथ ही मामले की जानकारी और आवश्यक सत्यापन के लिए दिल्ली स्थित संबंधित कंट्रोल रूम से भी संपर्क किया गया। करीब तीन घंटे तक चली जांच-पड़ताल के बाद छात्राओं को बालियां मिलीं।
पैसे लेकर गायब होने की चर्चा
परीक्षा देने आईं छात्राओं की मानें तो कई लोगों के रुपये भी जांच के दौरान रखवा लिए गए थे। वापस आने पर किसी का दो सौ रुपये तो किसी के पांच सौ रुपये नहीं मिले। रकम कम होने की वजह से लोगों ने पुलिस में शिकायत नहीं की।
1636 अभ्यर्थियों ने छोड़ी परीक्षा
गोरखपुर में नीट परीक्षा कड़ी सुरक्षा और सख्त निगरानी के बीच जिले के 43 केंद्रों पर हुई। परीक्षा में पंजीकृत 21 हजार 359 अभ्यर्थियों में से 19724 अभ्यर्थी ही शामिल हुए। जबकि, 1636 ने परीक्षा छोड़ दी। नकलविहीन और पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों और पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किए गए थे। इसके अलावा हर केंद्र पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट, सीमा सुरक्षा बल व सिविल पुलिस की तैनाती के साथ एसटीएफ की भी नजर रही।
11 से 1:30 बजे तक केंद्रों पर मिला प्रवेश
परीक्षा देने आए अभ्यर्थी 11 बजे से ही केंद्रों के बाहर धीरे-धीरे इकट्ठा होने लगे। विवि गेट के पास 11:30 बजे से ही भीड़ शुरू हो गई, जो एक बजे तक जबरदस्त भीड़ में तब्दील हो गई। इस बीच अभ्यर्थियों को केंद्र में प्रवेश से पहले सघन जांच प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। बायोमेट्रिक सत्यापन, पहचान पत्र की जांच तथा सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया गया, जिसके बाद अभ्यर्थियों को केंद्र के अंदर प्रवेश दिया गया। इस बीच अभिभावक भी परीक्षा केंद्रों के बाहर धूप में डटे रहे। प्रशासन के मुताबिक परीक्षा दो से 5:15 बजे तक हुई। अभ्यर्थियों को केंद्रों पर 11 से 1:30 बजे तक प्रवेश दिया गया। बताया कि पहले पंजीकृत अभ्यर्थियों की संख्या 21358 थी, लेकिन एनटीए द्वारा एक अभ्यर्थी को परीक्षा के दौरान शामिल किए जाने से यह संख्या बढ़कर 21359 पहुंच गई। इनमें 1636 ने परीक्षा छोड़ दी। डीएम दीपक मीणा सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि परीक्षा पूरी तरह से शांतिपूर्ण तरीके से रही। कही कोई गड़बड़ी की सूचना नहीं मिली। परीक्षा समाप्त होने के बाद अभ्यर्थियों के चेहरे पर संतोष के भाव दिखे।
परीक्षा छूटने पर केंद्रों के बाहर लग गया जाम, फंसे रहे लोग
परीक्षा खत्म होते ही अभ्यर्थी केंद्रों के बाहर निकलने लगे। इस बीच डीडीयू के मुख्य गेट पर करीब आधे घंटे तक जाम की स्थिति बन गई। एक तरफ बच्चे गेट के बाहर निकल रहे थे तो दूसरी तरफ अभिभावक अपने-अपने बच्चों के लिए गेट के अगल-बगल खड़े नजर आए। इसकी वजह से छात्र संघ चौराहे और विवि चौराहे पर तक लंबा जाम लग गया।
छात्राओं की चोटी खुलवाकर की गई गहनता से जांच
नीट में किसी तरह की कोई गड़बड़ी न होने पाए इसके लिए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम तो किए ही थे। वहीं, केंद्रों पर मजिस्ट्रेट की निगरानी में एक-एक अभ्यर्थियों की गहनता से जांच की गई। रुमाल से लेकर छात्राओं की चोटी और मुंह तक खुलवाकर जांच की गई। इसके बाद ही अभ्यर्थियों को केंद्र के अंदर जाने दिया गया।
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