NEET RE-Exam 2026 : इन राज्यों ने छात्रों को कर दिया खुश, परीक्षा देने जाएंगे तो बस का किराया नहीं लगेगा
NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा से पहले ओडिशा, उत्तराखंड, दिल्ली और पंजाब सरकार ने छात्रों के लिए मुफ्त बस यात्रा की घोषणा की है।

NEET RE-Exam 2026 : 21 जून को होने वाली NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा से पहले देश के कई राज्यों ने छात्रों को बड़ी राहत देने का फैसला किया है। परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में किसी तरह की परेशानी न हो और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े इसके लिए मुफ्त बस यात्रा की सुविधा शुरू की जा रही है। खास बात यह है कि कुछ राज्यों ने छात्रों के साथ जाने वाले एक अभिभावक तक को भी किराए से छूट देने का फैसला किया है। अब तक चार राज्यों ने आधिकारिक तौर पर नीट की दोबारा परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए मुफ्त बस सेवा की घोषणा की है। इनमें ओडिशा, उत्तराखंड, दिल्ली और पंजाब शामिल हैं।
ओडिशा सरकार ने लिया फैसला
ओडिशा सरकार ने घोषणा की है कि 21 जून को होने वाली नीट की दोबारा परीक्षा में शामिल होने वाले सभी छात्रों को राज्य परिवहन निगम की बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी। इसके लिए छात्रों को केवल अपना वैध एडमिट कार्ड दिखाना होगा। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की मंजूरी के बाद यह निर्णय लिया गया। सरकार का कहना है कि भीषण गर्मी के मौसम में छात्रों को राहत देने, आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की मदद करने और परीक्षा केंद्रों तक समान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
उत्तराखंड में आने-जाने दोनों का किराया माफ
उत्तराखंड सरकार ने भी नीट अभ्यर्थियों के लिए विशेष व्यवस्था की है। राज्य के स्थायी निवासी छात्र उत्तराखंड परिवहन निगम की साधारण श्रेणी की बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगे। सबसे बड़ी बात यह है कि यह सुविधा केवल परीक्षा वाले दिन तक सीमित नहीं रहेगी। छात्र परीक्षा से दो दिन पहले से लेकर परीक्षा के बाद दो दिन तक मुफ्त यात्रा का लाभ उठा सकेंगे। इसके लिए उन्हें बस अपना एडमिट कार्ड दिखाना होगा।
दिल्ली में DTC बसों में फ्री सफर
दिल्ली सरकार ने भी नीट की दोबारा परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए मुफ्त यात्रा का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि परीक्षा के दिन किसी भी छात्र को आने-जाने में परेशानी नहीं होनी चाहिए। छात्र वैध एडमिट कार्ड दिखाकर दिल्ली परिवहन निगम (DTC) की बसों में बिना किराया दिए यात्रा कर सकेंगे। सरकार का मानना है कि परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण दिन पर परिवहन की चिंता छात्रों के प्रदर्शन को प्रभावित नहीं करनी चाहिए।
पंजाब ने छात्रों को भी दी राहत
पंजाब सरकार ने सबसे व्यापक सुविधा देने का फैसला किया है। राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में निर्णय लिया गया कि 20, 21 और 22 जून को नीट की दोबारा परीक्षा देने वाले छात्रों को पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी बसों में मुफ्त यात्रा मिलेगी। इतना ही नहीं, प्रत्येक छात्र के साथ जाने वाले एक अभिभावक या सहायक का किराया भी माफ किया जाएगा। छात्रों को केवल अपना एडमिट कार्ड दिखाना होगा। सरकार का कहना है कि यह कदम शिक्षा को प्रोत्साहित करने और छात्रों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उठाया गया है।
देशभर में 21 जून को होगी नीट यूजी की दोबारा परीक्षा
नीट की दोबारा परीक्षा 21 जून को देश के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में आयोजित की जाएगी। इससे पहले 3 मई को हुई परीक्षा को कथित अनियमितताओं के आरोपों के बाद रद्द कर दिया गया था। मामले की जांच सीबीआई कर रही है। केंद्र सरकार ने भी राज्यों के साथ मिलकर परीक्षा को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि सभी संबंधित एजेंसियां और राज्य सरकारें मिलकर यह सुनिश्चित कर रही हैं कि इस बार परीक्षा पूरी तरह व्यवस्थित और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो।
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Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
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हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
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काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
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