MBBS Admission: 6,020 MBBS सीटों पर 17,093 दावेदार, MP NEET सीट अलॉटमेंट 20 अगस्त को
NEET UG MBBS BDS Admission 2026: मध्य प्रदेश में NEET UG काउंसलिंग की स्टेट मेरिट लिस्ट जारी हो चुकी है। राज्य की 6,020 MBBS सीटों पर 17,093 अभ्यर्थी दावेदारी कर रहे हैं और 20 अगस्त को पहली सीट आवंटन लिस्ट आएगी।

NEET UG MBBS BDS Admission 2026: मध्य प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टर बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। चिकित्सा शिक्षा निदेशालय (DME), मध्य प्रदेश ने नीट यूजी (NEET UG) काउंसलिंग के लिए स्टेट मेरिट लिस्ट जारी कर दी है। मध्य प्रदेश में मौजूद 6,020 एमबीबीएस सीटों पर एडमिशन पाने के लिए कुल 17,093 अभ्यर्थियों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया है। जिसमें एमपी के स्टेट टॉपर आर्यमन सोलंकी टॉप पर हैं। जबलपुर के आर्यमन सोलंकी की स्टेट रैंक 1 है।
मेरिट लिस्ट में शामिल अभ्यर्थी अब अपने मनपसंद कॉलेजों और कोर्सेज का चयन कर रहे हैं। रजिस्टर्ड अभ्यर्थियों को मेरिट के आधार पर पहली सीट आवंटन लिस्ट 20 अगस्त 2026 को जारी की जाएगी।
MBBS सीटों और परीक्षार्थियों में हुई बढ़ोतरी
पिछले वर्ष की तुलना में इस साल राज्य में एमबीबीएस सीटों और आवेदन करने वाले छात्रों दोनों की संख्या में इजाफा हुआ है। वर्ष 2025 में मध्य प्रदेश में एमबीबीएस की कुल 5,550 सीटें उपलब्ध थीं, जिनके लिए 15,897 उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन करवाया था।
इस वर्ष कुल 6,020 सीटों में से 20 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 3,020 सीटें और 14 प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में 3,000 सीटें शामिल हैं। हालांकि, राज्य काउंसलिंग प्रक्रिया के तहत मध्य प्रदेश के मूल निवासी छात्रों को कुल 4,409 सीटें आवंटित की जाएंगी।
काउंसलिंग राउंड-1 का शेड्यूल
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन: 15 अगस्त तक
चॉइस फिलिंग: 17 अगस्त तक
चॉइस लॉकिंग: 17 अगस्त सुबह 10 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक
सीट अलॉटमेंट का रिजल्ट: 19 अगस्त
रिपोर्टिंग और जॉइनिंग: 20 अगस्त से 25 अगस्त के बीच
एक MBBS सीट के लिए 1.5 छात्रों की दावेदारी
सामान्य (General): जनरल कैटेगरी की 2,120 उपलब्ध सीटों के लिए 3,110 अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। यानी इस बार एक सीट पर औसतन 1.5 उम्मीदवारों के बीच प्रतिस्पर्धा है, जो पिछले साल के मुकाबले थोड़ी कम है।
अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC): ओबीसी वर्ग में सबसे ज्यादा 4,574 परीक्षार्थी रजिस्टर्ड हुए हैं, जिनमें 2,166 छात्र और 2,408 छात्राएं शामिल हैं। इस वर्ग के लिए स्टेट कोटे में 613 एमबीबीएस सीटें आरक्षित हैं।
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS): सरकारी मेडिकल कॉलेजों में ईडब्ल्यूएस वर्ग को 10% आरक्षण मिलता है। इस वर्ग की 212 सीटों पर कुल 1,279 उम्मीदवारों ने अपनी दावेदारी ठोकी है।
आरक्षण और खाली सीटों के लिए नियम
मध्य प्रदेश में सीट आरक्षण व्यवस्था के तहत 40% सीटें अनारक्षित (सामान्य) वर्ग के लिए उपलब्ध होती हैं, जबकि शेष 60% सीटें विभिन्न आरक्षित श्रेणियों और कोटे के अंतर्गत आती हैं। काउंसलिंग नियमों के अनुसार, यदि फाइनल राउंड में आरक्षित वर्ग की कोई सीट खाली रह जाती है, तो उसे नियमानुसार सामान्य श्रेणी में बदल दिया जाता है।
जिन अभ्यर्थियों ने चॉइस फिलिंग की प्रक्रिया पूरी कर ली है, वे 20 अगस्त को आधिकारिक पोर्टल dme.mponline.gov.in पर जाकर अपना अलॉटमेंट लेटर डाउनलोड कर सकेंगे।


