NEET MBBS Cut Off : नीट में 30 हजार रैंक तक सरकारी MBBS सीट की उम्मीद, पिछले साल क्या थी क्लोजिंग रैंक
NEET UG MBBS Admission Cut Off Rank : विशेषज्ञों के अनुसार इस वर्ष केंद्रीय कोटे के तहत सामान्य वर्ग के लगभग 30 हजार तक की जनरल रैंक वाले अभ्यर्थियों को सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस सीट मिलने की संभावना है।

NEET UG MBBS Admission Cut Off Rank : नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने गुरुवार देर रात री-नीट परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया। अब अभ्यर्थियों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि किस रैंक पर किस मेडिकल कॉलेज में दाखिले की संभावना बनेगी। विशेषज्ञों के अनुसार इस वर्ष कटऑफ पिछले वर्ष की तुलना में अधिक रहने की संभावना है। हालांकि, एमबीबीएस सीटों में वृद्धि होने से अभ्यर्थियों को इसका लाभ भी मिल सकता है। इस वर्ष देशभर के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़कर 63,296 हो गई है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने अभी काउंसिलिंग का कार्यक्रम जारी नहीं किया है, लेकिन उम्मीद है कि एक सप्ताह के भीतर इसकी घोषणा कर दी जाएगी।
विशेषज्ञों के अनुसार इस वर्ष केंद्रीय कोटे के तहत सामान्य वर्ग के लगभग 30 हजार तक की जनरल रैंक वाले अभ्यर्थियों को सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस सीट मिलने की संभावना है। पिछले वर्ष सामान्य वर्ग की क्लोजिंग रैंक 27,360 थी। इस बार सीटों की संख्या बढ़ने से क्लोजिंग रैंक कुछ और आगे जा सकती है। इसी प्रकार ओबीसी वर्ग में पिछले वर्ष 27,421 जनरल रैंक तक अभ्यर्थियों को एमबीबीएस सीट मिली थी। इस वर्ष लगभग 29,400 तक की जनरल रैंक वाले अभ्यर्थियों के चयन की संभावना जताई जा रही है।
वहीं ईडब्ल्यूएस वर्ग में पिछले वर्ष 30,921 जनरल रैंक तक सीट मिली थी। इस बार करीब 33 हजार तक की जनरल रैंक वाले अभ्यर्थियों को अवसर मिल सकता है। एससी वर्ग में पिछले वर्ष 1,33,123 जनरल रैंक तक एमबीबीएस सीट मिली थी। इस वर्ष यह सीमा बढ़कर लगभग 1.50 लाख जनरल रैंक तक जा सकती है। इस वर्ष देशभर के कॉलेजों में 1,36,939 एमबीबीएस सीटों पर नामांकन होगा। इस बार 9,911 सीटें बढ़ी हैं। सरकारी में 2,111 नई सीटें जोड़ी गई हैं। इनकी संख्या 61,185 से बढ़कर 63,296 हो गई है। वहीं, निजी मेडिकल कॉलेजों में 7,800 सीटों की बढ़ोतरी हुई है।
पीएमसीएच में 8,500 तक की जनरल रैंक पर मिल सकती है सीट
बिहार के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में इस वर्ष कुल 1710 एमबीबीएस सीटों पर नामांकन होगा। राज्य कोटे (85 प्रतिशत) के तहत सामान्य वर्ग में लगभग 8,500 तक की जनरल रैंक वाले अभ्यर्थियों को पीएमसीएच में सीट मिलने की संभावना है। पिछले वर्ष पीएमसीएच की सामान्य वर्ग की क्लोजिंग रैंक 8,261 थी। वहीं ईडब्ल्यूएस वर्ग में लगभग 7,500 तक की जनरल रैंक पर सीट मिलने की संभावना है, जबकि पिछले वर्ष क्लोजिंग रैंक 7,367 थी। बीसी वर्ग में लगभग 7,000 तक की जनरल रैंक वाले अभ्यर्थियों को सीट मिल सकती है। पिछले वर्ष यह रैंक 6,428 पर बंद हुई थी। ईबीसी वर्ग में लगभग 9,000 तक की जनरल रैंक पर एमबीबीएस सीट मिलने की संभावना है। पिछले वर्ष क्लोजिंग रैंक 8,620 रही थी। एससी वर्ग में लगभग 80 हजार तक की जनरल रैंक पर और एसटी वर्ग में भी करीब 80 हजार तक की जनरल रैंक पर सीट मिलने की संभावना जताई जा रही है। पिछले वर्ष एसटी वर्ग की क्लोजिंग रैंक 74,474 थी। आरसीजी श्रेणी में लगभग 7,500 तक की रैंक पर सीट मिलने की संभावना है।
- इस वर्ष कटऑफ पिछले साल से ज्यादा पर देशभर में एमबीबीएस की 9911 सीटों में वृद्धि से अभ्यर्थियों को मिलेगा लाभ
- इस वर्ष देशभर के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़कर 63,296 हो गई है
छोटे शहरों का दबदबा, 66 शहरों के 138 टॉपर
नीट यूजी में टॉप करने का ट्रेंड बदल रहा है। इस साल देश के 66 अलग-अलग शहरों से 138 टॉपर्स निकले हैं। इससे पता चलता है कि अब शानदार पढ़ाई और बेहतरीन गाइडेंस सिर्फ बड़े शहरों या नामी कोचिंग सेंटर्स तक सीमित नहीं है। शिक्षा मंत्रालय के अधिकारी इसकी बड़ी वजह परीक्षा प्रक्रिया को बताते हैं, जिनमे कोचिंग संस्थानों का प्रभुत्व समाप्त करने की सोच के साथ कुछ बदलाव किए गए हैं। इस साल देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से स्टूडेंट्स संतुलित अनुपात में पास हुए हैं। इसमें शीर्ष शीर्ष 20 में अधिकतर छात्र पंजाब, राजस्थान, बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों से पास हुए।
पिछले साल 2025 में किस नामी सरकारी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की क्या क्लोजिंग रैंक कटऑफ रही
पिछले वर्ष के शीर्ष 20 सरकारी एमबीबीएस (MBBS) कॉलेजों की क्लोजिंग रैंक (Closing Ranks) श्रेणी-वार (General, OBC, SC, ST) इस प्रकार रही है:
एम्स (AIIMS) दिल्ली: जनरल- 48, ओबीसी- 207, एससी- 644, एसटी- 1405
एमएएमसी (MAMC), दिल्ली विश्वविद्यालय: जनरल- 103, ओबीसी- 381, एससी- 5218, एसटी- 5543
वीएमएमसी (VMMC): जनरल- 132, ओबीसी- 232, एससी- 2934, एसटी- 7556।
अटल बिहारी वाजपेयी आयुर्विज्ञान संस्थान और डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल: जनरल- 215, ओबीसी- 1125, एससी- 14062, एसटी- 14191।
जिपमर (JIPMER) पुडुचेरी: जनरल- 260, ओबीसी- 748, एससी- 3877, एसटी- 12503।
एम्स (AIIMS) जोधपुर: जनरल- 392, ओबीसी- 766, एससी- 6920, एसटी- 7835।
यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज, दिल्ली विश्वविद्यालय: जनरल- 559, ओबीसी- 2106, एससी- 13670, एसटी- 14605।
एम्स (AIIMS) भुवनेश्वर: जनरल- 785, ओबीसी- 1481, एससी- 6034, एसटी- 23884।
एम्स (AIIMS) ऋषिकेश: जनरल- 816, ओबीसी- 1104, एससी- 8240, एसटी- 33497।
बीजे (BJ) मेडिकल कॉलेज, अहमदाबाद: जनरल- 889, ओबीसी- 12234, एससी- 16367, एसटी- 73018।
एम्स (AIIMS) नागपुर: जनरल- 1030, ओबीसी- 1520, एससी- 8697, एसटी- 16192।
सेठ गोरधनदास सुंदरदास मेडिकल कॉलेज और केईएम (KEM) अस्पताल: जनरल- 1126, ओबीसी- 3703, एससी- 18686, एसटी- 85260।
गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज कोझिकोड: जनरल- 1173, ओबीसी- 2597, एससी- 15754, एसटी- 125063।
मद्रास मेडिकल कॉलेज, चेन्नई: जनरल- 1296, ओबीसी- 1324, एससी- 6518, एसटी- 52428।
एम्स (AIIMS) मंगलागिरी: जनरल- 1357, ओबीसी- 2575, एससी- 15552, एसटी- 31007।
एम्स (AIIMS) रायपुर: जनरल- 1376, ओबीसी- 2016, एससी- 22885, एसटी- 96012।
बैंगलोर मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट: जनरल- 1642, ओबीसी- 15715, एससी- 39918, एसटी- 42980।
इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, बीएचयू (BHU): जनरल- 1709, ओबीसी- 2620, एससी- 20606, एसटी- 28782।


