NEET UG : MBBS सीटों में फिर से बंपर इजाफा होना तय, नए मेडिकल कॉलेजों के लिए आबादी का फॉर्मूला हटा
NEET UG MBBS Admission : एनएमसी ने देश में नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना में आबादी का फॉर्मूला हटा दिया है। आयोग ने 22 दिसंबर को जारी सूचना में कहा था मेडिकल सीटों पर आबादी का फार्मूला सत्र 2026-27 में लागू नहीं होगा। अब कॉलेज में 150 से ज्यादा सीटें हो सकती है।

NEET UG MBBS Admission : राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग मेडिकल कॉलेजों की स्थापना में आबादी का फॉर्मूला हटा दिया है। आयोग ने 22 दिसंबर को जारी सूचना में कहा था मेडिकल सीटों पर आबादी का फार्मूला सत्र 2026-27 में लागू नहीं होगा। एनएमसी ने 2023 से प्रावधान किया था कि नए मेडिकल कॉलेजों को मंजूरी देते समय 10 लाख की आबादी पर 100 एमबीबीएस सीटों का नियम लागू होगा। इससे दक्षिणी राज्यों में नए मेडिकल कॉलेज खुलने का रास्ता साफ हो गया है। एनएमसी ने 22 दिसंबर को सत्र 2026-27 के लिए नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे हैं। इसमें कहा गया है कि मेडिकल सीटों पर आबादी वाला यह फार्मूला सत्र 2026-27 के दौरान किए जाने वाले आवेदनों पर लागू नहीं होगा।
एनएमसी ने 2023 से यह प्रावधान किया था कि नए मेडिकल कालेजों को मंजूरी देते समय राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में दस लाख की आबादी पर 100 एमबीबीएस सीटों (10 हजार की आबादी पर एक सीट) का नियम लागू किया जाएगा। दरअसल देश में 1.29 लाख एमबीबीएस सीटें हैं। दक्षिण के पांच राज्यों केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु तथा केंद्र शासित प्रदेश पांडिचेरी में इनमें से करीब 50 हजार सीटें हैं। इन राज्यों की कुल आबादी 27 करोड़ के करीब है तथा एनएमसी के फार्मूले के हिसाब से वहां 50 करोड़ की आबादी के अनुरूप सीटें हो चुकी हैं। जबकि उत्तरी राज्यों में अभी इस फार्मूले के हिसाब से सीटें बहुत कम हैं।
इसलिए इस नियम से यह माना जा रहा था कि उत्तर के राज्यों में मेडिकल कॉलेजों की स्थापना में तेजी आएगी। पिछले कुछ सालों के दौरान दक्षिण की संस्थाएं भी उत्तर भारत में कॉलेज खोलने को आगे आने लगी थीं। लेकिन अब इस नियम में फिर ढील दे दी गई है।
दक्षिण के राज्य कर रहे थे विरोध
एनएमसी के नियम से दक्षिणी राज्यों में मेडिकल कॉलेजों को अनुमति मिलना करीब-करीब असंभव हो गया था जिसका दक्षिणी राज्य विरोध कर रहे थे। समझा जा रहा है कि इसी दबाव में इस नियम को अगले सत्र में लागू नहीं करने का निर्णय नहीं लिया गया है। मेडिकल काॅलेजों में सीटों की अधिकतम संख्या भी 150 तय की गई थी। हालांकि यूपीए शासन में यह 250 की जा चुकी थी। अब कॉलेजों में सीटें 150 से ज्यादा बढ़ाई जा सकेंगी।
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Pankaj Vijayपंकज विजय| वरिष्ठ पत्रकार
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