NEET : खुलासा, गिरफ्तार NTA एक्सपर्ट ने किया था नीट पेपर का अनुवाद, मिल गया था फाइनल प्रश्नों का एक्सेस
NTA के दो सब्जेक्ट एक्सपर्ट सिर्फ सवाल बनाने में ही शामिल नहीं थे, बल्कि उन्हें प्रश्न पत्र का मराठी में अनुवाद करने का काम भी सौंपा गया था, जिससे उनकी पहुंच परीक्षा के केमिस्ट्री और बायोलॉजी सेक्शन के फाइनल सवालों तक हो गई थी।

नीट यूजी पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किए गए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के दो सब्जेक्ट एक्सपर्ट सिर्फ सवाल बनाने में ही शामिल नहीं थे, बल्कि उन्हें प्रश्न पत्र का मराठी में अनुवाद करने का काम भी सौंपा गया था, जिससे उनकी पहुंच परीक्षा के केमिस्ट्री और बायोलॉजी सेक्शन के फाइनल सवालों तक हो गई थी। जांच से जुड़े अधिकारियों ने यह जानकारी दी। पुणे के मॉडर्न कॉलेज ऑफ आर्ट्स, साइंस एंड कॉमर्स में बायोलॉजी एक्सपर्ट मनीषा गुरुनाथ मांधरे, जिन्हें 16 मई को गिरफ्तार किया गया था, ने बायोलॉजी के 90 सवालों का अनुवाद किया जिनमें से 45 बॉटनी और 45 जूलॉजी के थे। दयानंद जूनियर कॉलेज के रिटायर्ड केमिस्ट्री लेक्चरर पी.वी. कुलकर्णी, जिन्हें 15 मई को गिरफ्तार किया गया था, ने केमिस्ट्री के 45 सवालों का अनुवाद किया। कुल मिलाकर, अपने अनुवाद के काम के जरिए इन दोनों को इन दो विषयों के सभी 135 सवालों तक एक्सेस मिल मिल गया था। इसके अलावा पेपर सेटर के तौर पर उन्हें जो एक्सेस मिला हुआ थी, वह तो था ही।
जांच से जुड़े एक शख्स ने बताया कि अनुवाद की प्रक्रिया में दो अलग-अलग चरण होते हैं। उन्होंने कहा, 'पेपर तैयार करने वाले तीन या चार सब्जेक्ट एक्सपर्ट के अलावा अंग्रेजी और 12 क्षेत्रीय भाषाओं में प्रश्न पत्र तैयार करने की प्रक्रिया में अनुवादकों के दो अलग-अलग समूह शामिल होते हैं- एक समूह पेपर का क्षेत्रीय भाषाओं में अनुवाद करता है और दूसरा समूह उसकी सटीकता की जांच करने के लिए स्वतंत्र रूप से उसका वापस अंग्रेजी में अनुवाद करता है।'
यह 'बैक-ट्रांसलेशन' (वापस अनुवाद) एक जांच-पड़ताल का तरीका है, लेकिन इसका मतलब यह भी है कि पेपर फाइनल होने से पहले कई लोगों के हाथों से होकर गुजरता है। उस व्यक्ति ने आगे कहा, 'चूंकि ये दोनों एक्सपर्ट मराठी भाषी थे, इसलिए अन्य अनुवादकों के साथ-साथ उनकी सेवाओं का भी अनुवाद के लिए इस्तेमाल किया गया। जांचकर्ताओं ने पाया है कि इस वजह से उन्हें केमिस्ट्री और बायोलॉजी के सभी फाइनल सवालों तक पहुंच मिल गई थी।'
एनटीए द्वारा नीट यूजी नीट यूजी परीक्षा का आयोजन 13 भाषाओं अंग्रेजी और 12 क्षेत्रीय भाषाओं में किया जाता है। अनुवाद की यह पूरी प्रक्रिया, जिसमें कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारी भी शामिल होते हैं, अब पेपर-सेटिंग के पूरे ढांचे में एक बड़ी कमजोरी के तौर पर सामने आई है।
सीबीआई के अधिकारियों ने एचटी को बताया है कि पेपर तैयार करने वाली पूरी कमेटी और NTA के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी अब जांच के दायरे में हैं।'
NTA बोला- पेपर लीक नहीं
एनटीए ने एजुकेशन मामलों की संसदीय समिति को बताया है कि नीट का पेपर लीक ही नहीं हुआ, बस परीक्षा से पहले कुछ सवाल सर्कुलेट हो रहे थे जो एक्चुअल क्वेशचन पेपर से मैच कर रहे थे। एनटीए ने कहा कि उसके सिस्टम से पेपर लीक नहीं हुआ। यानी एनटीए ने सीधे सीधे नहीं माना कि पेपर लीक हुआ है। इस पर विपक्षी सांसदों ने सवाल किया कि अगर पेपर लीक नहीं हुआ तो फिर एग्जाम कैंसिल क्यों कराया। दोबारा एग्जाम कराने की क्या जरूरत थी। जवाब में एनटीए ने कहा कि सीबीआई इस मामले की जांच कर ही है। परीक्षा में कुछ गड़बड़ियां सामने आई थीं। जीरो टोलरेंस नीति को ध्यान में रखते हुए और बच्चों का भरोसा बनाए रखने के लिए दोबारा एग्जाम कराया जा रहा है। आपको बता दें कि एजुकेशन से जुड़ी संसदीय समिति के अध्यक्ष कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह हैं। एनटीए की ओर से चेयरमैन प्रदीप कुमार जोशी और डायरेक्टर जनरल अभिषेक सिंह समिति के सामने शामिल हुए।
नीट में आयु सीमा और अटेम्प्ट लिमिट का नियम लाने की तैयारी
हिन्दुस्तान टाइम्स को मिली जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार की परीक्षा एजेंसी एनटीए ने संसदीय समिति को बताया कि वह NEET UG के उम्मीदवारों के लिए परीक्षा देने के प्रयासों की संख्या सीमित करने और उनके लिए ऊपरी आयु सीमा तय करने की सिफारिशों को लागू करेगी। यह कदम राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों के अनुरूप सुधारों के अगले चरण का हिस्सा होगा। स्वास्थ्य मंत्रालय के परामर्श से नीट में सीबीटी (कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट) मोड, मल्टी सेशन और मल्टी स्टेज एग्जाम, प्रयासों और आयु सीमा जैसे सुधार लागू किए जाएंगे। ये उपाय भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के पूर्व अध्यक्ष के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली एक विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के आधार पर अपनाए जाएंगे।
वर्तमान में नीट में न अधिकतम आयु सीमा, न अटेम्ट लिमिट
वर्तमान में नीट यूजी परीक्षा एक ही पाली में पेन-एंड-पेपर मोड में आयोजित करता है, जिसके लिए न्यूनतम आयु सीमा 17 वर्ष निर्धारित है। इसमें ऊपरी आयु सीमा या प्रयासों की संख्या पर कोई रोक नहीं है।
यह आश्वासन ऐसे समय में आया है, जब NTA ने 12 मई को NEET-UG 2026 की परीक्षा रद्द कर दी थी। यह फैसला इसलिए लिया गया, क्योंकि एक "गेस पेपर" (अनुमानित प्रश्न पत्र) के कम से कम 120 प्रश्न 3 मई को हुई परीक्षा के प्रश्नों से मेल खा रहे थे, जिससे 22 लाख से अधिक छात्र प्रभावित हुए थे। अब यह पुनर्परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी।
लेखक के बारे में
Pankaj Vijayपंकज विजय| वरिष्ठ पत्रकार
शॉर्ट बायो पंकज विजय एक वरिष्ठ डिजिटल पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 15 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में livehindustan.com में असिस्टेंट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। वे करियर, स्कूल व हायर एजुकेशन, जॉब्स से जुड़े विषयों पर खबर लेखन और विश्लेषण में विशेषज्ञता रखते हैं। 9 वर्षों से यहां इसी भूमिका में हैं। सरकारी भर्तियों, बोर्ड व एंट्रेंस एग्जाम, प्रतियोगी परीक्षाओं, उनके परिणाम, बदलते दौर में करियर की नई राहों, कोर्स, एडमिशन एवं नए जमाने के रोजगार के लिए जरूरी स्किल्स से जुड़ी अपडेट तेजी से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं।
15 से अधिक सालों का अनुभव
पंकज विजय ने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की। अमर उजाला समाचार पत्र में रिसर्च, संपादकीय और करियर एजुकेशन जॉब्स डेस्क पर काम किया। यहां उन्हें फीचर लेखन व रिपोर्टिंग का भी मौका मिला। इसके बाद उन्होंने आज तक डिजिटल में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। आज तक वेबसाइट पर राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और एजुकेशन व रोजगार जगत से जुड़ी खबरें लिखीं। इसके बाद एनडीटीवी ऑनलाइन में एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर इस विषय में अपनी समझ को और व्यापक बनाया। एनडीटीवी की पारी के बाद वे लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े और बीते 9 वर्षों से करियर एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी), दिल्ली से हिन्दी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा, गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में एमए व दिल्ली यूनिवर्सिटी से इतिहास में बीए ऑनर्स किया है। एनसीसी सी सर्टिफिकेट होल्डर हैं जिसके चलते उन्हें रक्षा क्षेत्र जैसे पुलिस व सेनाओं की भर्तियों की बेहतर समझ है।
विजन
तमाम तरह के करियर, स्कूल एजुकेशन, हायर एजुकेशन, भर्तियों, प्रतियोगी परीक्षाओं, एंट्रेंस एग्जाम, नौकरी के लिए जरूरी स्किल्स एवं बेरोजगार युवाओं के मुद्दों को लेकर पंकज के पास गहरी समझ है। उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के कई टॉपरों के इंटरव्यू किए हैं। उनकी लिखी सक्सेस स्टोरीज युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को प्रेरित करती रही हैं। पंकज का मानना है कि विश्वसनीयता, पारदर्शिता और तथ्यपरकता ही पत्रकारिता की असली ताकत है। उनका लक्ष्य स्कूली छात्रों व बेहतर करियर एवं सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को आसान भाषा में सटीक, तेज और भरोसेमंद जानकारी देना है।
विशेषज्ञता
तमाम तरह की सरकारी भर्तियां, परीक्षाएं व उनके परिणाम
स्कूल एजुकेशन, हायर एजुकेशन, कोर्स, एडमिशन से जुड़े विषय
बोर्ड रिजल्ट लाइव कवरेज और शिक्षा एवं रोजगार जगत संबंधी ब्रेकिंग
स्कूलिंग के बाद करियर की राहें
यूपीएससी, जेईई मेन व नीट जैसी बड़ी परीक्षाओं के टॉपरों के इंटरव्यू
छात्रों के ज्ञान के लिए रिसर्च बेस्ड और एक्सप्लेनर स्टोरी


