Hindi Newsकरियर न्यूज़NEET UG JEE Main : Cap coaching class hours align syllabus with JEE and NEET central government panel
NEET व JEE कोचिंग 3 घंटे से ज्यादा न हो, 12वीं के अंक भी बनें दाखिले का आधार, केंद्र की समिति ने क्या क्या दिए सुझाव

NEET व JEE कोचिंग 3 घंटे से ज्यादा न हो, 12वीं के अंक भी बनें दाखिले का आधार, केंद्र की समिति ने क्या क्या दिए सुझाव

संक्षेप:

NEET UG JEE Main : केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय की ओर से बनाई गई समिति ने सुझाव दिया है कि 11वीं 12वीं का सिलेबस नीट व जेईई मेन के मुताबिक होना चाहिए। कोचिंग क्लास को रोजाना 2–3 घंटे तक सीमित करना कर देना चाहिए।

Jan 13, 2026 02:42 pm ISTPankaj Vijay लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share Share
Follow Us on

NEET UG , JEE Main : कोचिंग संस्थानों पर निर्भरता कम करने और डमी स्कूलों की समस्या से निजात पाने के लिए केंद्र सरकार जेईई मेन और नीट यूजी प्रवेश परीक्षाओं के तौर तरीकों में बड़े बदलाव कर सकती है। केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय की ओर से बनाई गई समिति ने देश की हाईस्कूल शिक्षा प्रणाली में व्यापक बदलाव का प्रस्ताव रखा है, जिसका उद्देश्य छात्रों की कोचिंग सेंटरों पर निर्भरता कम करना है। प्रस्तावों में कोचिंग क्लास को रोजाना 2–3 घंटे तक सीमित करना, स्कूल सिलेबस को जेईई नीट प्रतियोगी प्रवेश परीक्षाओं के मुताबिक बनाना, कॉलेज प्रवेश में बोर्ड परीक्षा के अंकों को अधिक वेटेज देना और कक्षा 11वीं में ही प्रतियोगी परीक्षाएं शुरू करने की संभावना तलाशना शामिल है।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक उच्च शिक्षा विभाग के सचिव विनीत जोशी की अध्यक्षता वाली यह समिति 17 जून 2025 को शिक्षा मंत्रालय द्वारा गठित की गई थी। समिति को स्कूल शिक्षा में कमियों, प्रतियोगी प्रवेश परीक्षाओं की प्रभावशीलता और निष्पक्षता, डमी स्कूलों के बढ़ते चलन और छात्रों की शैक्षणिक यात्रा पर कोचिंग संस्थानों के बढ़ते प्रभाव की जांच का जिम्मा सौंपा गया था। इस पैनल में सीबीएसई अध्यक्ष राहुल सिंह, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के महानिदेशक राजेश लखानी, तथा आईआईटी कानपुर, आईआईटी मद्रास और एनआईटी त्रिची के प्रोफेसर शामिल थे। समिति की बैठकें पिछले वर्ष 26 अगस्त और 15 नवंबर को नई दिल्ली स्थित शास्त्री भवन (जहां शिक्षा मंत्रालय स्थित है) में हुईं।

दोनों बैठकों में समिति के सदस्यों ने बार-बार इस बात पर जोर दिया कि कोचिंग कल्चर कुछ खामियों को भरने के लिए पैदा हुई है। और इस समस्या का हल स्कूल व्यवस्था को मजबूत करने से ही होगा। चर्चाओं के दौरान समिति ने कोचिंग सेंटरों की बढ़ती संख्या और उनके छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य, शैक्षिक समानता और स्कूलों की भूमिका पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर बढ़ती चिंताओं को स्वीकार किया।

परीक्षा और पाठ्यक्रम के बीच अंतर

समिति ने अपनी जांच में पाया है स्कूल सिलेसब और जेईई मेन व नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के पैटर्न के बीच बड़ा गैप है। दोनों की डिमांड और पढ़ाई के तौर तरीके अलग अलग है। समिति के मुताबिक कक्षा 10वीं से 11 में होने वाला बदलाव छात्रों के लिए तनाव की बड़ी वजह है। समिति के अनुसार सीबीएसई के एनालिटिकल व कॉन्सेप्चुअल एप्रोच और प्रवेश परीक्षाओं के वस्तुनिष्ठ (MCQ बेस्ड) प्रारूप के बीच तालमेल की कमी ही कोचिंग पर निर्भरता की मुख्य वजह है। इस फासले ने डमी स्कूलों को बढ़ावा दिया है जो परंपरागत स्कूली सिस्टम को हाशिये पर डाल रही है।

ये भी पढ़ें:जेईई छात्रों को बुजुर्गों की सेवा का आदेश, NTA के साथ की थी चालाकी

स्कूलों में जेईई व नीट लायक ट्रेंड टीचर नहीं

समिति ने यह भी देखा कि कई स्कूलों में शिक्षक बोर्ड परीक्षा से आगे पढ़ाने के लिए पर्याप्त रूप से प्रशिक्षित नहीं हैं, जबकि कोचिंग संस्थान अक्सर इंजीनियरों और मेडिकल ग्रेजुएट्स जैसे विषय विशेषज्ञों को नियुक्त करते हैं, जो लक्षित (टार्गेटेड) तैयारी कराते हैं। समिति के अनुसार, स्कूलों में वह इकोसिस्टम नहीं है जो कोचिंग संस्थान उपलब्ध कराते हैं जैसे नियमित टेस्ट, प्रदर्शन विश्लेषण (एनालिटिक्स) और चयनित अध्ययन सामग्री - जिससे छात्रों को कक्षा के बाहर तैयारी के लिए जाना पड़ता है।

समिति ने इस बात पर भी चिंता जताई कि अब स्टूडेंट्स कम उम्र में कोचिंग क्लास जॉइन कर रहे हैं।

आगे की कार्रवाई के लिए समिति के प्रमुख सुझाव

- एनसीईआरटी, एनटीए, सीबीएसई और अन्य बोर्डों के सहयोग से स्कूल पाठ्यक्रम और प्रतियोगी परीक्षाओं के सिलेबस में समन्वय सुनिश्चित करने के लिए नोडल एजेंसी बने।

- एनटीए पिछले तीन वर्षों के कैंडिडेट लेवल प्रश्न-वार उत्तर, शिफ्ट-वार प्रश्नपत्र और अंतिम उत्तर कुंजी साथ ही कैंडिडेट लेवल आईआईटी कानपुर को उपलब्ध कराए ताकि प्रतियोगी परीक्षाओं की वैधता, विश्वसनीयता का आकलन किया जा सके।

- एक साइकोमेट्रिक विशेषज्ञ जेईई मेन, नीट व सीयूईटी और जेईई एडवांस्ड में प्रश्नों की कठिनाई और छात्रों में अंतर करने की क्षमता का विश्लेषण करे।

- स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग और सीबीएसई, छात्रों की कोचिंग कक्षाओं में भागीदारी का आकलन करने के लिए सर्वे कर सकते हैं।

- सीबीएसई स्कूलों में प्रोब्लम सोल्विंग व और मेंटरिंग कक्षाओं का सिस्टम तैयार करे ताकि निजी कोचिंग पर निर्भरता कम हो।

- छात्रों के स्वास्थ्य और अत्यधिक शैक्षणिक बोझ की चिंता को देखते हुए कोचिंग कक्षाओं को प्रतिदिन अधिकतम 2–3 घंटे तक सीमित करने की संभावना पर विचार।

- कोचिंग संस्थानों के विज्ञापन , पढ़ाने के तरीकों, फैकल्टी योग्यता और वास्तविक सफलता दर के पूर्ण खुलासे को अनिवार्य करना।

साल में कई बार मिले मौके

- प्रवेश परीक्षाओं को साल में एक से अधिक बार करवाना।

बोर्ड परीक्षा परिणामों को अधिक वेटेज

- कॉलेज दाखिले में बोर्ड परीक्षा परिणामों को अधिक वेटेज देना।

- उप-समितियां विभिन्न बोर्डों के सिलेबस की तुलना करें। कक्षा 11 में प्रतियोगी परीक्षाएं कराए जाने की संभावना पर सिफारिश दें ।

कक्षा 8 से करियर काउंसलिंग

- एनसीईआरटी और सीबीएसई मिलकर कक्षा 8 से करियर काउंसलिंग शुरू करने के लिए एक व्यापक करियर मार्गदर्शन कार्यक्रम तैयार करें।

स्कूल पाठ्यक्रमों को प्रतियोगी परीक्षाओं के अनुरूप फिर से डिजाइन किया जाए, जिसमें उच्च-स्तरीय सोच, समस्या-समाधान और समयबद्ध मूल्यांकन शामिल हों।

- प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षकों की क्षमता बढ़ाएं।

- रटने की आदत छुड़ाने के लिए MCQ और वर्णनात्मक प्रश्नों को मिलाकर हाइब्रिड मूल्यांकन मॉडल अपनाने का प्रस्ताव।

- प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस मॉडल, जिसमें अकादमिक और उद्योग जगत के विशेषज्ञ विजिटिंग फैकल्टी के रूप में पढ़ाएं।

- एक राष्ट्रीय एप्टीट्यूड और करियर मार्गदर्शन पोर्टल विकसित किया जाए, जो निरंतर, व्यक्तिगत सलाह दे और छात्रों व अभिभावकों के लिए अनिवार्य काउंसलिंग सुनिश्चित करे।

Pankaj Vijay

लेखक के बारे में

Pankaj Vijay
पंकज विजय लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। यहां वह करियर, एजुकेशन, जॉब्स से जुड़ी खबरें देखते हैं। पंकज को पत्रकारिता में डेढ़ दशक से ज्यादा का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने एनडीटीवी डिजिटल, आजतक डिजिटल, अमर उजाला समाचार पत्र में काम किया। करियर-एजुकेशन-जॉब्स के अलावा वह विभिन्न संस्थानों में देश-विदेश, राजनीति, रिसर्च व धर्म से जुड़ी बीट पर भी काम कर चुके हैं। भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी), दिल्ली से हिन्दी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा व डीयू से इतिहास में बीए ऑनर्स किया है। और पढ़ें
लेटेस्ट एजुकेशन न्यूज़ अपडेट हिंदी में हिंदुस्तान पर, Hindi News, क्रिकेट न्यूज पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।