NEET UG : नीट में 400 से अधिक अंक पाने वालों का MBBS में दाखिला, सरकारी स्कूल से की थी पढ़ाई
तमिलनाडु के मदुरै में 7.5 फीसदी आरक्षण के तहत नीट यूजी काउंसलिंग के लिए पात्र 12 सरकारी स्कूल के स्टूडेंट्स में से 9 को काउंसलिंग के लेटेस्ट राउंड में सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन मिल गया है।

तमिलनाडु के मदुरै में 7.5 फीसदी आरक्षण के तहत नीट यूजी काउंसलिंग के लिए पात्र 12 सरकारी स्कूल के स्टूडेंट्स में से 9 को काउंसलिंग के लेटेस्ट राउंड में सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन मिल गया है। इनमें से चार स्टूडेंट्स सरकारी मॉडल स्कूलों के हैं। जिले के सरकारी और सरकारी मदद वाले स्कूलों के 726 स्टूडेंट्स, जिन्हें राज्य की वेट्री पडिगल स्कीम के तहत फ्री कोचिंग मिली थी, हाल ही में हुए री नीट यूजी एग्जाम में शामिल हुए थे। इनमें से 252 मेडिकल कोर्स में एडमिशन के लिए क्वालिफाई हुए। सरकारी मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल के छह स्टूडेंट्स ने एग्जाम में 400 से ज़्यादा मार्क्स लाए।
पिछले साल सरकारी और सरकारी मदद वाले स्कूलों के 572 स्टूडेंट्स में से 221 स्टूडेंट्स ने नीट यूजी के लिए क्वालिफाइंग कटऑफ मार्क्स हासिल किए थे, जिनमें सरकारी स्कूलों के 39 और सरकारी मदद वाले स्कूलों के 182 स्टूडेंट्स शामिल थे। द न्यू इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए सरकारी स्कूल की केमिस्ट्री पीजी टीचर और फ्री NEET कोचिंग की डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर एस वेनिला देवी ने कहा कि पिछले साल जिले के 10 सरकारी स्कूल के स्टूडेंट्स ने 7.5% कोटे के तहत मेडिकल सीटें हासिल की थीं। इस साल यह संख्या थोड़ी कम होकर 9 हो गई है।
उन्होंने आगे कहा कि मॉडल स्कूलों के चार को छोड़कर पांच सरकारी स्कूल के स्टूडेंट्स में से सिर्फ एक स्टूडेंट इस साल NEET के लिए आया था, जबकि बाकी चार रिपीटर थे। उन्होंने कहा, "एक या दो स्टूडेंट्स को काउंसलिंग के दूसरे राउंड में सीटें हासिल करने का मौका मिल सकता है। इसी तरह, आयुष कोर्स के लिए काउंसलिंग अभी शुरू होनी है। काउंसलिंग पूरी होने के बाद ही हमें इस साल मेडिकल सीटें हासिल करने वाले स्टूडेंट्स की सही जानकारी मिल पाएगी।"
कर्नाटक में भी मिलेगा सरकारी स्कूल मेडिकल इंजीनियरिंग कोटा
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने प्रोफेशनल हायर एजुकेशन (मेडिकल और इंजीनियरिंग कोर्स) में ग्रामीण सरकारी स्कूलों के स्टूडेंट्स के लिए 7.5% रिजर्वेशन का ऐलान किया। सरकार रिजर्वेशन के नियम के साथ ग्रामीण स्टूडेंट्स के लिए सहया-हस्ता, होसा-हस्ता स्कीम लागू करेगी। इस कदम का मकसद ग्रामीण इलाकों के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स के लिए प्रोफेशनल हायर एजुकेशन तक पहुंच को बेहतर बनाना है। हालांकि इस ऐलान में एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया, एडमिशन प्रोसेस या रिजर्वेशन कब लागू होगा, इस बारे में और जानकारी नहीं दी गई। यह ऐलान एजुकेशन और टेक्नोलॉजी पर फोकस करने वाले कई बड़े उपायों के साथ आया है। शिवकुमार ने AI अक्षरा अभियान और कोडिंग गुरुकुल प्रोग्राम का भी ऐलान किया जिसके तहत स्कूलों में क्लास 6 से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एजुकेशन शुरू की जाएगी।


