NEET UG : फिजियोथैरेपी दाखिले पर बड़ा ऐलान, नीट जरूरी पर कटऑफ पर्सेंटाइल नहीं, आयोग ने साफ किए योग्यता नियम
NEET UG : फिजियोथेरेपी कोर्स में दाखिले के लिए नीट यूजी परीक्षा देना जरूरी होगा लेकिन मिनिमम नीट कटऑफ पर्सेंटाइल की जरूरत नहीं होगी। NCAHP ने राज्यों, चयन समितियों व यूनिवर्सिटीज को यह जानकारी दी है।

NEET UG : फिजियोथेरेपी कोर्स में दाखिले के लिए नीट यूजी परीक्षा देना जरूरी होगा लेकिन मिनिमम नीट कटऑफ पर्सेंटाइल की जरूरत नहीं होगी। नेशनल कमीशन फॉर एलाइड एंड हेल्थकेयर प्रोफेशन्स (NCAHP) ने राज्यों को यह जानकारी दी है। टीओआई में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक एनसीएएचपी ने राज्य की चयन समितियों, मेडिकल एजुकेशन डायरेक्टरेट और यूनिवर्सिटी को बताया है कि विद्यार्थियों को एकेडमिक ईयर के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की नीट यूजी परीक्षा में शामिल होना होगा। हालांकि एडमिशन को लेकर एप्लीकेशन जमा करने के लिए कोई मिनिमम क्वालिफाइंग मार्क्स या कट-ऑफ पर्सेंटाइल की जरूरत नहीं होगी।
आवेदन के लिए उम्मीदवार फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी (या बॉटनी और जूलॉजी) में 50 फीसदी एग्रीगेट मार्क्स के साथ 12वीं पास होना चाहिए। एससी, एसटी, ओबीसी व दिव्यांग उम्मीदवार के फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी को मिलाकर मिनिमम एग्रीगेट मार्क्स 40 फीसदी होने चाहिए। सभी कैटेगरी के लिए इंग्लिश में पास मार्क जरूरी है।
तमिलनाडु सीएम ने पीएम मोदी को खत लिख जताया था विरोध
जनवरी में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखा जिसमें केंद्र सरकार से बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी (BPT) और बैचलर ऑफ ऑक्यूपेशनल थेरेपी (BOT) कोर्स में एडमिशन के लिए नीट यूजी में शामिल होना जरूरी करने वाले फ़सले को तुरंत वापस लेने की अपील की थी। उन्होंने आग्रह किया था कि यह सुनिश्चित करें कि बीपीटी और बीओटी दाखिलों से नीट को अलग रखा जाये और कहा कि प्रवेश संबंधी तौर-तरीके राज्यों के अधिकार क्षेत्र में ही रहने चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि नीट में मात्र उपस्थित होना योग्यता का मानदंड तय करना तर्कसंगत नहीं है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर शैक्षणिक पात्रता या तो परीक्षा पास करने अथवा उसमें ज्यादा अंक प्राप्त करने के आधार पर निर्धारित की जाती है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को लिखे एक पत्र में कहा था कि इस फैसले से देश के लाखों लोगों को कोचिंग लेने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
बीपीटी व बीओटी के लिए नीट यूजी देना जरूरी
अब देश में बीपीटी यानी बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी और बीओटी यानी बैचलर ऑफ ऑक्यूपेशनल थेरेपी कोर्स में दाखिले के लिए नीट यूजी देना अनिवार्य है। ये व्यवस्था पूरे देशभर में लागू होगी। एडमिशन एकेडमिक ईयर 2026-27 से शुरू होंगे।
आपको बता दें कि एनटीए हर वर्ष नीट यूजी परीक्षा आयोजित करता है। नीट यूजी से देश भर में एमबीबीएस, बीएएमस, बीयूएमस, बीएसएमएस और बीएचएमस, बैचलर ऑफ डेंटल स्टडीज (बीडीएस) और बैचलर ऑफ वेटरनरी साइंस एंड एनिमल हसबैंड्री (बीवीएससी एंड एएच) कोर्सेज में दाखिले होते हैं। बहुत से संस्थानों में बीएससी नर्सिंग में दाखिला भी नीट यूजी स्कोर से होता है।
बीपीटी और बीओटी को छोड़कर अन्य पैरामेडिकल कोर्सेज में दाखिले कैसे होंगे
एनसीएएचपी ने यह साफ कर दिया है कि बीपीटी और बीओटी को छोड़कर अन्य पैरामेडिकल कोर्सेज में दाखिले संबंधित राज्य या संबंधित यूनिवर्सिटी कराएगी। प्राइवेट यूनिवर्सिटी बीपीटी और बीओटी को छोड़कर अन्य पैरामेडिकल कोर्सेज में दाखिले अपने स्तर पर लेंगे।
क्या हैं बीपीटी और बीओटी के योग्यता नियम
बीपीटी- पांच वर्षीय कोर्स (चार वर्ष प्लस एक साल की इंटर्नशिप)
- फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी (बॉटनी या जूलॉजी) के साथ 12वीं पास हो। एग्रीगेट 50 फीसदी हो (एससी एसटी व ओबीसी वर्ग के लिए 40 फीसदी)। इंग्लिश विषय में पास होना भी अनिवार्य।
- नीट यूजी का स्कोर हो।
बीओटी - पांच वर्षीय कोर्स (चार वर्ष प्लस एक साल की इंटर्नशिप)
- फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी (बॉटनी या जूलॉजी) के साथ 12वीं पास हो। एग्रीगेट 50 फीसदी हो (एससी एसटी व ओबीसी वर्ग के लिए 40 फीसदी)। इंग्लिश विषय में पास होना भी अनिवार्य।
- नीट यूजी का स्कोर हो।



