NEET : नीट प्रोटेस्ट के बीच सरकार के ईमेल पर बवाल, मैसेज देख भड़के छात्र, किन टॉपरों की भेजी कहांनियां
शिक्षा मंत्रालय ने ईमेल में विद्यार्थियों से अपील की है कि वे नीट यूजी में अच्छा प्रदर्शन करने वाले छात्रों नीट चैंपियंस ( NEET Champions 2026 ) को बधाई दें और सफल अभ्यर्थियों के पोस्टर भी शेयर करें। इस पर यूनिवर्सिटी छात्र भड़क गए हैं।

नीट यूजी 2026 पेपर लीक और शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ओर से सेंट्रल यूनिवर्सिटीज के हजारों छात्रों को भेजे गए एक ईमेल ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। शिक्षा मंत्रालय ने ईमेल में विद्यार्थियों से अपील की है कि वे नीट यूजी में अच्छा प्रदर्शन करने वाले छात्रों नीट चैंपियंस ( NEET Champions 2026 ) को बधाई दें और सफल अभ्यर्थियों के पोस्टर भी शेयर करें। लेकिन बहुत से छात्रों और शिक्षकों ने इस ईमेल की टाइमिंग पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा करके सरकार अपनी छवि को सुधारने का प्रयास कर रही है। कुछ लोगों ने इसे "सिस्टमैटिक प्रोपेगैंडा" (सुनियोजित प्रचार) बताया है क्योंकि देश के कई हिस्सों में परीक्षा में गड़बड़ी और पेपर लीक को लेकर विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं।
मंत्रालय के समर्थ ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्म से भेजे गए इन ईमेल का विषय (सब्जेक्ट लाइन) था - "आइए हमारे NEET चैंपियंस को बधाई देने में शामिल हों"। इनमें NEET-UG 2026 क्वालिफाई करने वाले छात्रों के अलग-अलग पोस्टर थे। इनमें से ज्यादातर छात्र ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों से थे और पोस्टरों में उनके संघर्ष की यात्रा, पारिवारिक पृष्ठभूमि और प्रेरणादायक संदेशों को दिखाया गया था। हिन्दुस्तान टाइम्स (एचटी) ने बुधवार और गुरुवार को भेजे गए ईमेल का कंटेंट देखा है। शिक्षा मंत्रालय ने इस घटनाक्रम पर टिप्पणी के लिए एचटी के अनुरोध का कोई जवाब नहीं दिया।
दिल्ली यूनिवर्सिटी में बैचलर ऑफ आर्ट्स के चौथे साल के एक छात्र ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, "मुझे 22 जुलाई को रात 11:37 बजे ईमेल मिला और मैं हैरान था कि शिक्षा मंत्रालय मुझे ईमेल क्यों करेगा। यह ईमेल NEET के बारे में है, जिसका मुझसे या मैं अभी जो कोर्स कर रहा हूं, उससे कोई सीधा संबंध नहीं है।" उन्होंने कहा, "मुझे पता है कि उनके पास हमारे ईमेल हैं, लेकिन चल रहे विरोध प्रदर्शन के समय उनका इस्तेमाल करना छात्रों के डेटा का गलत इस्तेमाल जैसा लगता है।"
जामिया से पीजी कर रहे एक छात्र ने कहा कि उसने ऐसा पहले कभी नहीं दिखा। नाम न बताने की शर्त पर छात्र ने कहा, "केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के तहत आने वाली एक सेंट्रेल यूनिवर्सिटी में यह मेरा पांचवां साल है, और मुझे पहले कभी यूनिवर्सिटी टॉपर्स के बारे में ईमेल नहीं मिले... सिर्फ 2026 में ही क्यों? ऐसा लगता है कि यह सब कुछ सामान्य दिखाने के लिए किसी स्क्रिप्ट का हिस्सा है।"
JNU छात्र नेता ने लगाया प्रचार का आरोप
जेएनयू के पीएचडी शोधार्थी और डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स फेडरेशन (DSF) से जुड़े छात्र नेता पुरंजय ने कहा कि उन्हें भी 22 जुलाई को यह ईमेल मिला। उनका आरोप है कि यह अभियान छात्रों के गुस्से और विरोध प्रदर्शन से लोगों का ध्यान हटाने की कोशिश है। उनके अनुसार, सरकार अपनी उपलब्धियां दिखाकर चल रहे आंदोलन की धार कमजोर करना चाहती है।
किन नीट यूजी छात्रों की कहानियां भेजीं गईं
ईमेल में अलग-अलग छात्रों को अलग-अलग NEET सफल अभ्यर्थियों के पोस्टर भेजे गए। इनमें राजस्थान के बाड़मेर के पोला राम (AIR 1041) की कहानी शामिल थी, जो मजदूर परिवार से आते हैं। एक अन्य पोस्टर में राजस्थान के सीकर के सुनील लोहार (OBC AIR 5680) की कहानी थी, जिनके बारे में बताया गया कि वे परीक्षा की तैयारी के साथ अपने पिता के कबाड़ जुटाने के काम में भी मदद करते थे। सभी पोस्टरों पर "NEET Champions 2026" की ब्रांडिंग के साथ मेहनत, संघर्ष और परिवार के सहयोग का संदेश दिया गया था।
क्या है समर्थ पोर्टल
2019 में शुरू किया गया 'समर्थ' (Samarth), शिक्षा मंत्रालय का उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्म है, जो एकेडमिक, प्रशासनिक और वित्तीय सेवाओं को एक साथ लाता है।
शिक्षकों ने भी जताई नाराजगी
शिक्षकों के संगठनों ने भी इस पहल की आलोचना की और ऐसे समय में बधाई संदेश वाले ईमेल भेजने के फैसले पर सवाल उठाए जब परीक्षा प्रणाली की जांच हो रही है। इंडियन नेशनल टीचर्स कांग्रेस (INTEC) के अध्यक्ष प्रो. पंकज गर्ग ने कहा कि जब देश की परीक्षा प्रणाली पेपर लीक, प्रशासनिक विफलताओं और भरोसे के संकट से जूझ रही है, तब सरकार को अपनी विश्वसनीयता बहाल करने पर ध्यान देना चाहिए, न कि खुद का प्रचार करने पर। रकार को अपनी तारीफ़ करने के बजाय विश्वसनीयता बहाल करनी चाहिए।"
किरोड़ीमल कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर और 'दिल्ली टीचर्स फ्रंट' (DTF) के कोषाध्यक्ष रुद्राशीष चक्रवर्ती ने इन ईमेल को प्रशासन के "छात्र-विरोधी रुख" से जोड़ा। उन्होंने कहा कि यह पहल दिखाती है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन छात्रों की चिंताओं के बजाय केंद्र सरकार के साथ है। मंगलवार और गुरुवार के बीच X पर किए गए दो पोस्ट में दिल्ली यूनिवर्सिटी ने युवाओं के चल रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार का समर्थन किया और छात्रों से अपनी पढ़ाई पर ध्यान देने को कहा।
ईमेल इसी समय क्यों भेजा गया
ये ईमेल ऐसे समय में आए हैं जब नीट यूजी 2026 समेत परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। पेपर लीक के आरोपों के कारण 3 मई को हुई नीट परीक्षा रद्द करने के बाद NTA ने 21 जून को हुई NEET-UG दोबारा परीक्षा के नतीजे 16 जुलाई को घोषित किए। CBI ने नीट पेपर लीक मामले में 13 लोगों को गिरफ्तार किया है।


