Neet MBBS Cut off 2026: नीट यूजी कटऑफ 69 अंक बढ़ी, सरकारी मेडिकल कॉलेज में दाखिले की राह मुश्किल
Neet cut off 2026, MBBS Admission: नीट 2026 के बाद मेडिकल काउंसलिंग के लिए क्वालिफाइंग कट-ऑफ काफी बढ़ गया है। सामान्य वर्ग के लिए यह 213 और आरक्षित वर्ग के लिए 177 अंक है, जिससे सरकारी कॉलेजों में मुकाबला बेहद कड़ा हो गया है।

Neet cut off 2026 for MBBS Govt College: देश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों से MBBS करने का सपना देखने वाले छात्रों के लिए एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 21 जून 2026 को दोबारा आयोजित की गई री-नीट (Re-NEET) परीक्षा के नतीजे और क्वालिफाइंग कट-ऑफ अंक जारी कर दिए हैं। इस साल के परिणाम चौंकाने वाले हैं क्योंकि कट-ऑफ मार्क्स में पिछले साल (2025) के मुकाबले एक बड़ा और भारी उछाल देखने को मिला है। इस बदलाव ने मेडिकल की तैयारी कर रहे लाखों छात्र-छात्राओं के बीच हलचल बढ़ा दी है।
MBBS की कुल सीटें: 1,36,939
नए सीट मैट्रिक्स के मुताबिक देशभर में 9,911 नई एमबीबीएस सीटों को मंजूरी दी गई है। इसके बाद देश भर के 823 मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की कुल सीटों की संख्या बढ़कर 1,36,939 हो गई है, जिसमें 63,296 सरकारी सीटें शामिल हैं। एमसीसी द्वारा ऑल इंडिया कोटा (AIQ) में 15% सरकारी मेडिकल कॉलेज सीट, सभी AIIMS, JIPMER और अन्य केंद्रीय संस्थानों की सीटें शामिल होती हैं। वहीं, राज्य स्तर पर स्टेट काउंसलिंग अथॉरिटी के जरिए होता है। राज्य कोटा में 85% सरकारी मेडिकल कॉलेज सीटें और सभी प्राइवेट/डीम्ड यूनिवर्सिटी सीटें शामिल होती हैं।
कैटेगरी वाइज क्वालिफाइंग कट-ऑफ में बड़ा बदलाव
इस साल परीक्षा देने वाले लगभग 20 लाख उम्मीदवारों में से 11.21 लाख छात्रों ने क्वालिफाई किया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सामान्य (General) और EWS श्रेणी के लिए इस बार क्वालिफाइंग कट-ऑफ (50वां पर्सेंटाइल) 715 से 213 अंकों के बीच रहा है। वहीं, अगर हम पिछले साल 2025 की बात करें, तो यह महज 144 अंक था, यानी सीधे तौर पर 69 अंकों की बड़ी बढ़ोतरी हुई है।
इसी तरह, अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), अनुसूचित जाति (SC), और अनुसूचित जनजाति (ST) श्रेणियों के लिए भी प्रतिस्पर्धा काफी कड़ी हो गई है। इन आरक्षित श्रेणियों के लिए 40वें पर्सेंटाइल के आधार पर कट-ऑफ रेंज 212 से 177 अंक तय की गई है, जो कि 2025 में 113 अंक थी। इसके अलावा, दिव्यांग (PwBD) उम्मीदवारों के लिए भी योग्यता अंक बढ़े हैं, जहां सामान्य-PwBD का कट-ऑफ 212-194 अंक और OBC/SC/ST-PwBD का कट-ऑफ 193-177 अंकों के बीच रहा है। इस बार 10 हजार से अधिक छात्रों के 600+ मार्क्स आने से मुकाबला कड़ा हो गया है। इसके चलते सरकारी मेडिकल कॉलेजों में MBBS सीटों पर दाखिले की राह बेहद मुश्किल हो गई है।
सरकारी MBBS सीट के लिए क्या है 'सेफ स्कोर'?
छात्रों को यह ध्यान रखना बेहद जरूरी है कि क्वालिफाइंग कट-ऑफ पार करने का मतलब यह नहीं है कि आपको कॉलेज में सीट मिल ही जाएगी, बल्कि इससे आप केवल काउंसलिंग प्रक्रिया में शामिल होने के योग्य बनते हैं। सरकारी मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए वास्तविक 'एडमिशन कट-ऑफ' इससे कहीं अधिक होता है।
विशेषज्ञों और वर्तमान काउंसलिंग रुझानों के अनुसार, यदि आप सामान्य श्रेणी से हैं और ऑल इंडिया कोटा (AIQ) के तहत एक सुरक्षित सरकारी MBBS सीट चाहते हैं, तो आपका स्कोर 610 से 630+ अंकों के बीच होना चाहिए। वहीं, OBC उम्मीदवारों के लिए 590 से अधिक, SC श्रेणी के लिए 520 से अधिक और ST वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 490 से अधिक अंकों को एक सुरक्षित स्कोर माना जा रहा है। देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान AIIMS नई दिल्ली में सामान्य वर्ग के लिए एडमिशन बंद होने का अनुमान 700 से अधिक अंकों पर लगाया जा रहा है।
क्यों बढ़ा इस बार कट-ऑफ?
इस भारी उछाल के पीछे मुख्य वजह री-नीट परीक्षा में छात्रों का शानदार प्रदर्शन और पेपर का लेवल माना जा रहा है। पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पांशुल बंसल ने 720 में से 715 अंक हासिल कर संयुक्त रूप से टॉप किया है।


