रिक्शा चालक के पोते की NEET में AIR 946, कैटेगरी रैंक 295, बनेगा गावं का पहला डॉक्टर
कुढ़नी में रिक्शाचालक के पोते आदित्य ने घर ही नहीं, गांव की भी तकदीर बदल दी है। आदित्य ने अपनी मेहनत और लगन से नीट में ऑल इंडिया रैंक 946 हासिल की है। वहीं, कैटेगरी रैंक 295 है।

दादा रिक्शा चलाते थे। पिता प्राइवेट नौकरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। इस परिवार के लाल आदित्य ने घर ही नहीं, गांव की भी तकदीर बदल दी है। आदित्य ने अपनी मेहनत और लगन से नीट में ऑल इंडिया रैंक 946 हासिल की है। वहीं, कैटेगरी रैंक 295 है। वह अपने गांव का पहला छात्र है, जिसने मेडिकल की परीक्षा में सफलता पाई है। आदित्य ने कुढ़नी के रतनौली गांव में ही रहकर बिहार बोर्ड से मैट्रिक पास किया और आरडीएस कॉलेज से इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण की। इंटर में आदित्य को 87 फीसदी अंक मिले। पिता हरेन्द्र सहनी ने कहा कि बेटे की इस सफलता ने हम सबको गौरान्वित किया है। दादा सौखी सहनी पहले रिक्शा चलाते थे। दादा ने कहा कि आज उनका पोता नीट यूजी 2026 में नॉर्थ बिहार का टॉपर बना है। यह परिवार ही नहीं, पूरे गांव के लिए गौरव की बात है।
कांटी के सुमित को मिली ऑल इंडिया में 6013वीं रैंक
कांटी के वीरपुर निवासी आभूषण व्यवसायी चंदन कुमार व सुमन रानी के पुत्र सुमित सर्राफ ने नीट यूजी में सफलता हासिल की है। सुमित ने दूसरे प्रयास में ऑल इंडिया रैंक 6013 प्राप्त किया है। सुमित ने बताया कि उसने कांटी में ही रहकर पढ़ाई की। तैयारी में ऑनलाइन माध्यम का सहारा लिया। रोजाना 10-12 घंटे पढ़ाई करता था।
पारू की तन्नू को 587 अंक
पारू की बेटी तन्नू को नीट यूजी में 587 अंक मिले हैं। धरफरी गांव में एक साधारण परिवार में जन्मी तन्नू बचपन से पढ़ने में तेज रही है। दादा एक सरकारी शिक्षक थे। पिता देवेशचंद्र प्रजापति ने कहा कि तन्नू ने अपनी मेहनत से यह सफलता पाई है।
सरैया के आकाश को प्राप्त हुए 608 अंक
सरैया की गोपीधनवत पंचायत के चनपकड़ी निवासी मुकेश ओझा के पुत्र आकाश कुमार ने नीट यूजी में तीसरे प्रयास में सफलता हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। आकाश ने 720 अंकों में से 608 अंक प्राप्त किए हैं। उन्हें ऑल इंडिया रैंक 7637 तथा ईडब्ल्यूएस श्रेणी में 821वीं रैंक मिली है। माता-पिता रागिनी देवी एवं मुकेश ओझा ने बताया कि वह बचपन से मेधावी रहा है। इस सफलता के पीछे आकाश की कड़ी मेहनत के साथ शिक्षक सहिंद्र भगत वरामचंद्र साह का योगदान रहा है। आकाश के चाचा रणधीर कुमार ने बताया कि उसने अंबिका भवानी विद्यालय, सरैया से मैट्रिक की परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद वर्ष 2024 में लंगट सिंह महाविद्यालय, मुजफ्फरपुर से इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की, जिसमें उसने जिले में सातवां स्थान प्राप्त किया। आकाश की इस उपलब्धि से पूरे गांव और क्षेत्र में खुशी का माहौल है। पूर्व विधायक अशोक कुमार सिंह, मुखिया पति प्रमोद सिंह, पंसस सुभाष कुमार, नीलकमल निक्कू सहित अन्य परिजनों, शिक्षकों और शुभचिंतकों ने उसे बधाई देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। आकाश के पिता मुजफ्फरपुर स्थित एक निजी प्रतिष्ठान में कार्यरत हैं, जबकि मां गृहिणी हैं।
साहेबगंज के दिव्य चेतन को ऑल इंडिया में 3135वीं रैंक
साहेबगंज के बिसुनपुर पट्टी गांव के रहने वाले दिव्य चेतन को नीट यूजी में ऑल इंडिया 3135वीं रैंक और ईडब्ल्यूएस कोटि में 284वीं रैक आई है। दिव्य चेतन ने बताया कि उसने नीट की तैयारी गांव पर रहकर और बगैर किसी कोचिंग के सहारे की। दिव्य चेतन के पिता अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि दिव्य चेतन को नीट यूजी में 633 अंक आए हैं। दिव्य चेतन डॉक्टर बनकर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सेवा करना चाहता है। नीट की तैयारी के लिए दिव्य चेतन ने 8 से 10 घंटे तक हर रोज तैयारी की थी। उसने अपनी स्कूली मुजफ्फरपुर से ही पूरी की है।
बैरिया के आर्य को पहले प्रयास में सफलता, 12 घंटे की पढ़ाई
बैरिया के आर्य को पहले ही प्रयास में नीट यूजी में सफलता मिली है। 2025 में 12वीं करने वाले आर्य प्रकाश को ऑल इंडिया 1701 रैंक मिली है और कैटोगरी 934 वीं रैंक है। आर्य को 646 अंक मिले हैं। आर्य ने कहा कि उसने कोचिंग का सहारा लिया, मगर खुद से भी तैयारी की। आर्य के पिता ज्ञान प्रकाश ने कहा कि 12वीं में उसे 82 फीसदी अंक मिले थे। आर्य ने कहा कि 12वीं में अपने अंक से संतुष्ट नहीं था, मगर बाद में उसने खुद महसूस किया कि उसे अपने लक्ष्य पर फोकस रखना है। मां अनिता कुमारी ने कहा कि उसकी परीक्षा बहुत अच्छी गई थी। ऐसे में हमलोग सभी आशान्वित थे। आर्य ने कहा कि 10-12 घंटे की पढ़ाई की और दो साल तक सोशल मीडिया से खुद को पूरी तरह दूर रखा।
शिक्षक पिता के बेटे मीनापुर के कौस्तुभ को मिली सफलता
मुज मीनापुर प्रखंड के टेंगरारी गांव के कौस्तुभ ने नीट यूजी में सफलता प्राप्त की है। कौस्तुभ को ऑल इंडिया में 11014 वीं रैंक प्राप्त हुई है। पिता सदयकांत आलोक मध्य विद्यालय, मुस्तफागंज में हेडमास्टर है। कौस्तुभ ने जिले में ही रहकर मुजफ्फरपुर के परिश्रम कोचिंग सेंटर से पढ़ाई करके यह सफलता हासिल की है। इसके अतिरिक्त वह ऑनलाइन भी तैयारी करता था। कौस्तुभ की सफलता से मीनापुर में खुशी की लहर है।


