Success Story: ईंट-भट्टे पर काम करते हैं पिता, बेटा-बेटी ने NEET क्वालिफाई कर बढ़ाया मान, मिले इतने रैंक
NEET UG 2026 में बिहार के नवादा जिले के पकरीबरावां थाना क्षेत्र के बाजितपुर गांव के रहने वाले भाई-बहन रितेश कुमार और ऋचा कुमारी ने एक साथ सफलता हासिल कर परिवार और जिले का नाम रोशन किया है।

नीट यूजी रिजल्ट के साथ-साथ छात्रों की कई ऐसी कहानियां हैं, जो काफी प्रेरणादायक है। इन्हीं में एक कहानी है दो भाई-बहनों की। पिता ईंट के भट्टे में काम करते हैं और बेटी और बेटे ने कड़ी मेहनत के दम पर नीट जैसी कठिन परीक्षा में सफलता हासिल की है। अब दोनों डॉक्टर बनेंगे। इस सफलता से दोनों बच्चों ने ना सिर्फ पिता का मान बढ़ाया है, बल्कि पूरे इलाके का नाम रोशन किया है। चलिए इनकी कहानी के बारे में बताते हैं।
रितेश और ऋचा कुमारी ने क्रैक किया नीट
NEET UG 2026 में बिहार के नवादा जिले के पकरीबरावां थाना क्षेत्र के बाजितपुर गांव के रहने वाले भाई-बहन रितेश कुमार और ऋचा कुमारी ने एक साथ सफलता हासिल कर परिवार और जिले का नाम रोशन किया है। दोनों ने नीट जैसी देश की सबसे कठिन मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए डॉक्टर बनने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाया है। उनकी उपलब्धि से वारिसलीगंज, पकरीबरावां और आसपास के इलाके में खुशी की लहर है। एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार, रितेश कुमार ने 720 अंकों में 655 अंक हासिल किए हैं। उन्हें ऑल इंडिया रैंक (AIR) 1160 और EWS रैंक 87 मिली है। वहीं उनकी बहन ऋचा कुमारी ने 622 अंक प्राप्त कर AIR 4685 और EWS रैंक 457 हासिल की है।
ईंट-भट्ठे पर मुंशी हैं पिता, फिर भी नहीं छोड़ी बच्चों की पढ़ाई
रितेश और ऋचा के पिता रवि रंजन कुमार ईंट-भट्ठे पर मुंशी का काम करते हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं थी, लेकिन उन्होंने बच्चों की पढ़ाई में कभी कोई कमी नहीं आने दी। उनकी मां शोभा कुमारी गृहिणी हैं और उन्होंने हर कदम पर बच्चों का हौसला बढ़ाया। दोनों भाई-बहनों ने अपनी शुरुआती पढ़ाई वारिसलीगंज प्रखंड के मकनपुर स्थित अपने नाना पप्पू सिंह के घर रहकर की। उन्होंने 12वीं तक की पढ़ाई भी वहीं रहकर पूरी की। इसके बाद बेहतर तैयारी के लिए दोनों ने राजस्थान के कोटा स्थित एक CBSE मान्यता प्राप्त संस्थान में दाखिला लिया और NEET की तैयारी शुरू की।
दूसरे प्रयास में मिली कामयाबी
रितेश और ऋचा को यह सफलता दूसरे प्रयास में मिली। पहले प्रयास में असफल होने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी कमियों पर काम करते हुए पूरी मेहनत से दोबारा तैयारी की। आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और दोनों ने एक साथ NEET UG 2026 में सफलता हासिल की।
नवादा से है बिहार का स्टेट टॉपर
बता दें कि बिहार से आयुष भलोटिया ने टॉप किया। नवादा जिले के वारिसलीगंज इलाके के रहने वाले आयुष की ऑल इंडिया रैंक चार रही। वहीं बिहार के रिया रंजन छठे स्थान पर रहे। दानापुर के रविकांत दिवाकर ने 55वीं और आदित्य कुमार ने 73वीं रैंक हासिल की।
लेखक के बारे में
Dheeraj Palसंक्षिप्त विवरण:
धीरज पाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 साल का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान में काम करते हुए इन्हें 4 साल हो गए हैं। धीरज एजुकेशन रिपोर्टर के तौर पर काम कर चुके हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने राजनीति समाचार, एजुकेशन बीट के लिए ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। हिंदुस्तान लाइव में यूपी बोर्ड से लेकर उन्होंने लोकसभा चुनाव कवर करने साथ-साथ खेल जैसे बीट पर काम किया। अब इनका एकमात्र उद्देश्य करियर और एजुकेशन से जुड़ी रुचिगत, सरल, प्रमाणिक और पाठक-हितैषी रूप में प्रस्तुत करना है।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।
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