NEET UG 2026 दोबारा कब तक? पेपर रद्द होने के बाद NTA ने तेज की तैयारी
NEET UG 2026 पेपर रद्द होने के बाद अब लाखों छात्र नए एग्जाम की तारीख का इंतजार कर रहे हैं। NTA इस बार पूरी सुरक्षा और पारदर्शिता के साथ परीक्षा कराने की तैयारी में जुटा है।
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 रद्द होने के बाद अब लाखों छात्रों के मन में सिर्फ एक सवाल घूम रहा है कि आखिर दोबारा परीक्षा कब होगी। इसी बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने नए सिरे से परीक्षा कराने की तैयारी तेज कर दी है। एजेंसी इस बार ऐसा सिस्टम तैयार करना चाहती है जिसमें पेपर लीक या गड़बड़ी की कोई गुंजाइश ही न बचे।
एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, NEET UG 2026 की दोबारा परीक्षा जून के आखिरी सप्ताह या जुलाई के पहले हफ्ते में कराई जा सकती है। हालांकि, अभी तक आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है। माना जा रहा है कि जल्द ही नया शेड्यूल NEET की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किया जा सकता है।
सोशल मीडिया पर वायरल तारीखों पर NTA ने क्या कहा
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर परीक्षा की अलग-अलग संभावित तारीखें वायरल हो रही हैं। इसी को लेकर जब NTA के महानिदेशक प्रदीप सिंह से सवाल किया गया तो उन्होंने किसी भी तारीख की पुष्टि करने से इनकार कर दिया। एजेंसी की तरफ से साफ कहा गया है कि अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में छात्रों को सिर्फ NTA की ऑफिशियल जानकारी पर ही भरोसा करने की सलाह दी जा रही है।
NTA के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या है
इस पूरे विवाद के बाद NTA के सामने सबसे बड़ी चुनौती छात्रों और अभिभावकों का भरोसा दोबारा जीतना है। पिछले साल NEET विवाद की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा था कि परीक्षा की पवित्रता बनाए रखना NTA की जिम्मेदारी है।
इसी वजह से अब एजेंसी हर स्तर पर सुरक्षा मजबूत करने में जुटी हुई है। बताया जा रहा है कि वरिष्ठ अधिकारियों और अलग-अलग एजेंसियों के बीच लगातार बैठकें हो रही हैं ताकि इस बार परीक्षा पूरी तरह सुरक्षित तरीके से कराई जा सके।
नए सिरे से तैयार हो रहा है प्रश्न पत्र
सूत्रों के अनुसार, NTA ने नए प्रश्न पत्र तैयार करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इसके लिए अनुभवी शिक्षकों और विषय विशेषज्ञों की एक नई टीम बनाई जा रही है। बताया जा रहा है कि इस बार प्रश्न पत्र में बेसिक थ्योरी, फॉर्मूला आधारित सवाल, एप्लिकेशन बेस्ड प्रश्न और एनालिटिकल सवालों का संतुलित मिश्रण रखा जाएगा। एजेंसी कोशिश कर रही है कि पेपर का स्तर भी बना रहे और सुरक्षा में भी कोई कमी न आए।
पेपर प्रिंटिंग और ट्रांसपोर्ट बना सबसे बड़ा सिरदर्द
पिछले विवादों में पेपर लीक की आशंका प्रिंटिंग चरण के दौरान भी जताई गई थी। यही कारण है कि इस बार प्रिंटिंग और पेपर ट्रांसपोर्ट को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरती जा रही है। सूत्रों का कहना है कि प्रश्न पत्रों को डिजिटल एन्क्रिप्शन के जरिए प्रिंटिंग प्रेस तक भेजा जा सकता है। वहीं पेपर ले जाने के लिए GPS ट्रैकिंग वाले वाहनों का इस्तेमाल फिर से किया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर पुलिस सुरक्षा भी ली जा सकती है।
छात्रों को दोबारा रजिस्ट्रेशन नहीं करना होगा
इस बीच छात्रों के लिए राहत की खबर भी सामने आई है। जानकारी के मुताबिक, जिन उम्मीदवारों ने पहले ही NEET UG 2026 के लिए आवेदन कर दिया था, उन्हें दोबारा रजिस्ट्रेशन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। नई परीक्षा तारीख घोषित होने के बाद वही छात्र सीधे री-एग्जाम में शामिल हो सकेंगे। इससे लाखों छात्रों को फिर से आवेदन प्रक्रिया के झंझट से राहत मिलेगी।
NTA ऑफिस के बाहर प्रदर्शन की तैयारी
दूसरी तरफ कई छात्र संगठन अब NTA के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं। खबर है कि शुक्रवार को NTA कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया जा सकता है। छात्र संगठन परीक्षा रद्द होने पर जवाबदेही तय करने और आगे की प्रक्रिया को लेकर साफ जानकारी देने की मांग कर रहे हैं। लगातार बढ़ते दबाव के बीच अब सबकी नजर NTA की अगली आधिकारिक घोषणा पर टिकी हुई है।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
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- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव


