NEET UG 2026 रजिस्ट्रेशन के नए नियम जारी, आधार eKYC से लेकर लाइव फोटो तक; जानिए क्या बदला
NEET UG 2026 में लागू हुए नए नियम उम्मीदवारों की पहचान पुख्ता करेंगे और परीक्षा प्रक्रिया को ज्यादा सुरक्षित व पारदर्शी बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।

मेडिकल की पढ़ाई का सपना देखने वाले लाखों छात्रों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने NEET UG 2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस बार परीक्षा के साथ साथ रजिस्ट्रेशन प्रोसेस में भी कई बड़े बदलाव किए गए हैं। आधार आधारित eKYC, लाइव फोटो कैप्चर और मल्टी लेवल वेरिफिकेशन जैसे नियम पहली बार लागू किए गए हैं। इन बदलावों का मकसद परीक्षा में फर्जीवाड़े को रोकना और पूरी प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी बनाना है।
NEET UG 2026 परीक्षा कब होगी
NTA की ओर से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक NEET UG 2026 का आयोजन 3 मई को किया जाएगा। यह दिन मई महीने का पहला रविवार होगा। परीक्षा देशभर में एक ही शिफ्ट में दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक कराई जाएगी। हर साल की तरह इस बार भी परीक्षा पेन और पेपर मोड में होगी।
NEET UG 2026 रजिस्ट्रेशन की तारीख
NEET UG 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। योग्य उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट neet।nta।nic।in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की आखिरी तारीख 8 मार्च तय की गई है। समय पर आवेदन और फीस जमा करना जरूरी है, वरना फॉर्म मान्य नहीं माना जाएगा।
क्यों बदले गए NEET UG 2026 के नियम
NTA ने साफ किया है कि नए नियमों का मकसद परीक्षा की शुचिता बनाए रखना है। पिछले कुछ वर्षों में डुप्लीकेट रजिस्ट्रेशन, पहचान से जुड़ी गड़बड़ी और नकल जैसी शिकायतें सामने आई थीं। इन्हीं को ध्यान में रखते हुए रजिस्ट्रेशन प्रोसेस को सख्त किया गया है, ताकि हर उम्मीदवार की पहचान सही तरीके से सत्यापित हो सके।
आधार आधारित eKYC हुआ अनिवार्य
NEET UG 2026 के लिए आधार आधारित eKYC को अनिवार्य कर दिया गया है। आवेदन करने वाले छात्रों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके आधार कार्ड से जुड़ा मोबाइल नंबर चालू हो। NTA ने साफ तौर पर कहा है कि आवेदन से पहले आधार से लिंक मोबाइल नंबर में नेटवर्क होना जरूरी है, ताकि वेरिफिकेशन के दौरान कोई दिक्कत न आए।
पहली बार लाइव फोटो कैप्चर की व्यवस्था
इस साल NEET UG के आवेदन में एक और बड़ा बदलाव किया गया है। अब उम्मीदवारों को फॉर्म भरते समय लाइव फोटो कैप्चर करना होगा। यह फोटो रियल टाइम में ली जाएगी और इसमें उम्मीदवार का चेहरा फ्रेम के कम से कम 80 प्रतिशत हिस्से में होना चाहिए।
NTA ने उम्मीदवारों को सलाह दी है कि फोटो लेते समय कैप, चश्मा या गॉगल्स न पहनें, ताकि फोटो और आधार डेटाबेस में मौजूद तस्वीर का मिलान सही तरीके से हो सके। अगर उम्मीदवार के पास वेबकैम नहीं है, तो QR कोड स्कैन कर मोबाइल कैमरे से भी फोटो अपलोड की जा सकती है।
यह लाइव फोटो सीधे आधार डेटाबेस में मौजूद तस्वीर से मिलाई जाएगी। इसके अलावा उम्मीदवारों को पासपोर्ट साइज फोटो, स्कैन किया हुआ सिग्नेचर, एड्रेस प्रूफ और अन्य जरूरी दस्तावेज भी अपलोड करने होंगे।
NEET UG 2026 आवेदन शुल्क कितना है
NEET UG 2026 का आवेदन शुल्क कैटेगरी के अनुसार तय किया गया है। जनरल कैटेगरी के उम्मीदवारों को 1700 रुपये फीस देनी होगी। जनरल ईडब्ल्यूएस और ओबीसी एनसीएल कैटेगरी के लिए फीस 1600 रुपये रखी गई है। एससी, एसटी, पीडब्ल्यूबीडी और थर्ड जेंडर कैटेगरी के उम्मीदवारों को 1000 रुपये देने होंगे। वहीं भारत से बाहर के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 9500 रुपये तय किया गया है।
एग्जाम सिटी और माध्यम कैसे होगा तय
NEET UG 2026 में एग्जाम सिटी का चयन उम्मीदवार के वर्तमान और स्थायी पते के आधार पर किया जाएगा। आवेदन फॉर्म में दी गई जानकारी के अनुसार ही परीक्षा केंद्र आवंटित किया जाएगा।
परीक्षा कुल 13 भाषाओं में आयोजित की जाएगी। इनमें असमिया, बंगाली, अंग्रेजी, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, मलयालम, मराठी, ओड़िया, फारसी, तमिल, तेलुगु और उर्दू शामिल हैं।
NEET UG स्कोर से किन कोर्स में मिलेगा एडमिशन
NEET परीक्षा देशभर में अंडरग्रेजुएट मेडिकल कोर्स में दाखिले के लिए कराई जाती है। NEET UG स्कोर के आधार पर MBBS, BDS, BSc नर्सिंग, BVSc और AH, BAMS, BUMS और BHMS जैसे कोर्स में एडमिशन दिया जाता है।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
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हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
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हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
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- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
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