NEET UG 2026 Counselling: इन टॉप 20 मेडिकल कॉलेजों पर होगी छात्रों की नजर, काउंसलिंग जल्द

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NEET UG 2026 का परिणाम जारी कर दिया गया है, अब काउंसलिंग का दौर शुरू होने वाला है। जानिए देश के टॉप 20 मेडिकल कॉलेज के बारे में जिन पर छात्रों की रहेगी नजर।

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डॉक्टर बनने का सपना देखने वाले लाखों स्टूडेंट्स के लिए NEET UG 2026 का सफर अब एक नए और सबसे अहम पड़ाव पर आ गया है। रिजल्ट की घोषणा के बाद अब हर किसी की निगाहें काउंसलिंग की तारीखों पर टिकी हैं। मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) जल्द ही अपना शेड्यूल जारी करने वाली है, और पिछले साल के ट्रेंड्स को देखें तो जुलाई का आखिरी हफ्ता काउंसलिंग की हलचल के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। इस साल का NEET UG कई मायनों में खास रहा है। जहां एक तरफ 11.21 लाख कैंडिडेट्स ने क्वालीफाई किया है, वहीं दूसरी तरफ मेडिकल सीटों के मामले में भी काफी बढ़त देखने को मिली है। अगर आप भी अपने पसंदीदा मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लेने की तैयारी कर रहे हैं, तो यह वक्त काफी सावधानी से चॉइस फिलिंग करने का है।

अब और भी ज्यादा मौके

इस साल मेडिकल एजुकेशन के क्षेत्र में एक बड़ी राहत देखने को मिली है। नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के आंकड़ों के मुताबिक, देश भर में MBBS सीटों का कुल आंकड़ा अब 1,36,939 तक पहुंच गया है। इसमें 9,911 नई MBBS सीटें शामिल हैं, जो 823 मेडिकल कॉलेजों में वितरित हैं। राज्यों की बात करें तो कर्नाटक ने बाजी मारी है, जहां 1,300 नई सीटों का इजाफा हुआ है, जिससे वहाँ की कुल सीटें 15,395 हो गई हैं। तमिलनाडु (13,999 कुल सीटें) और राजस्थान (8,080 कुल सीटें) भी इस दौड़ में आगे हैं। यह सीटें न केवल नए मेडिकल कॉलेजों के खुलने से बढ़ी हैं, बल्कि पुराने कॉलेजों में भी क्षमता विस्तार किया गया है।

याद रखें, काउंसलिंग दो स्तरों पर होती है। 15% ऑल इंडिया कोटा (AIQ) के तहत इसकी जिम्मेदारी मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) की है। वहीं 85% स्टेट कोटा यह संबंधित राज्यों के अधिकारियों द्वारा संचालित किया जाता है। आपको सलाह दी जाती है कि neet.nta.nic.in , mcc.nic.in और अपने स्टेट के काउंसलिंग पोर्टल को नियमित रूप से चेक करते रहें ताकि आप कोई भी अपडेट मिस न करें।

टॉप 20 कॉलेजों पर रहेगी छात्रों की नजर

नीट की काउंसलिंग के दौरान सही कॉलेज का चुनाव करना सबसे बड़ी चुनौती होती है। चॉइस फिलिंग में आसानी के लिए, NIRF 2025 की रैंकिंग के आधार पर देश के टॉप 20 मेडिकल संस्थानों की लिस्ट नीचे दी गई है। अपने स्कोर के आधार पर आप इन विकल्पों पर विचार कर सकते हैं।

  1. अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली
  2. स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (PGIMER), चंडीगढ़
  3. क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज (CMC), वेल्लोर
  4. जवाहरलाल स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (JIPMER), पुडुचेरी
  5. संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGIMS), लखनऊ
  6. बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (चिकित्सा विज्ञान संस्थान), वाराणसी
  7. राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं तंत्रिका विज्ञान संस्थान (NIMHANS), बेंगलुरु
  8. किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU), लखनऊ
  9. अमृता विश्व विद्यापीठम, कोयंबटूर
  10. कस्तूरबा मेडिकल कॉलेज, मणिपाल
  11. सविता चिकित्सा एवं तकनीकी विज्ञान संस्थान, चेन्नई
  12. डॉ. डी वाई पाटिल विद्यापीठ, पुणे
  13. एम्स, ऋषिकेश
  14. एम्स, भुवनेश्वर
  15. शिक्षा 'ओ' अनुसंधान, भुवनेश्वर
  16. मद्रास मेडिकल कॉलेज और गवर्नमेंट जनरल हॉस्पिटल, चेन्नई
  17. श्री चित्रा तिरुनल इंस्टीट्यूट फॉर मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी, तिरुवनंतपुरम
  18. एसआरएम इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, चेन्नई
  19. एम्स, जोधपुर
  20. दत्ता मेघे इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन एंड रिसर्च, वर्धा

Himanshu Tiwari

लेखक के बारे में

Himanshu Tiwari

शॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।

परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।

लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।

शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।

रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।

विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
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- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
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