NEET UG 2026: बिहार में 35 जिलों में होगी परीक्षा, 1.60 लाख परीक्षार्थी लेंगे हिस्सा; MBBS सीटों का जान लीजिए गणित
नीट यूजी 2026 की परीक्षा 3 मई को होगी। बिहार के 35 जिलों में 1.60 लाख छात्र परीक्षा देने वाले हैं। जानें एमबीबीएस सीटों का पूरा विवरण।

देश के सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों में दाखिले की जंग अब अपने आखिरी पड़ाव पर है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) आगामी 3 मई 2026 को नीट यूजी की परीक्षा आयोजित करने जा रही है। बिहार के लिहाज से यह परीक्षा बेहद खास होने वाली है क्योंकि इस बार सूबे के 35 जिलों में करीब 1.60 लाख परीक्षार्थी अपनी किस्मत आजमाएंगे। राजधानी पटना समेत मुजफ्फरपुर, गया और भागलपुर जैसे शहरों में परीक्षा को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
कड़े पहरे में होगी परीक्षा, नियम भी बदले
पिछले साल नीट परीक्षा को लेकर हुए विवादों से सबक लेते हुए एनटीए और बिहार सरकार इस बार सुरक्षा के मामले में कोई रिस्क नहीं लेना चाहती। परीक्षा केंद्रों पर सेंधमारी और पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इस बार प्रश्नपत्र सीधे जिलाधिकारी की निगरानी में खोले जाएंगे। साथ ही हर केंद्र पर मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है।
परीक्षार्थियों के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य होगा और केंद्रों पर जैमर व सीसीटीवी कैमरों से पैनी नजर रखी जाएगी। एनटीए ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, घड़ी या आभूषण पहनकर आने वाले छात्रों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
समय का रखें खास ख्याल
परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:20 बजे तक एक ही पाली में ऑफलाइन मोड (पेन-पेपर) पर होगी। हालांकि, छात्रों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा शुरू होने से कम से कम दो घंटे पहले केंद्र पर पहुंच जाएं ताकि सुरक्षा जांच की प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके। एडमिट कार्ड के साथ एक वैध फोटो पहचान पत्र जैसे आधार या अन्य सरकारी आईडी ले जाना अनिवार्य है। उम्मीद जताई जा रही है कि प्रवेश पत्र अगले एक से दो दिनों में आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हो जाएंगे।
बिहार में मेडिकल सीटों का गणित
बिहार के मेडिकल कॉलेजों में इस बार मुकाबला काफी रोचक होने वाला है। राज्य में कुल 12 सरकारी और 10 निजी मेडिकल कॉलेज हैं, जहां भविष्य के डॉक्टर तैयार किए जाते हैं।
सरकारी सीटें: एमबीबीएस और डेंटल को मिलाकर लगभग 1630 सीटें सरकारी कॉलेजों में हैं।
निजी सीटें: राज्य के प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में करीब 1050 सीटें उपलब्ध हैं।
कुल क्षमता: इस प्रकार प्रदेश में 2680 से अधिक एमबीबीएस सीटों पर मेधावी छात्रों का दाखिला होगा।
पटना के पीएमसीएच (PMCH), एनएमसीएच (NMCH) और आईजीआईएमएस (IGIMS) जैसे संस्थान छात्रों की पहली पसंद बने हुए हैं। बता दें कि नीट स्कोर के आधार पर केवल एमबीबीएस ही नहीं, बल्कि बीडीएस, बीएएमएस, बीएचएमएस और बीयूएमएस जैसे कोर्सेज में भी प्रवेश मिलता है।
क्या रहेगा काउंसलिंग खाका
पूरे देश से इस साल रिकॉर्ड 23 लाख अभ्यर्थी नीट की परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। एनटीए के अनुसार, परीक्षा के नतीजे जून के दूसरे सप्ताह तक घोषित किए जा सकते हैं। रिजल्ट के बाद, बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (BCECEB) राज्य कोटे की 85% सीटों के लिए काउंसलिंग आयोजित करेगा, जबकि शेष 15% सीटें ऑल इंडिया कोटे के जरिए भरी जाएंगी।
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Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
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हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
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हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
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काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
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